गौतमबुद्धनगर: सड़क सुरक्षा माह को सफल बनाने के लिए जिला प्रशासन सक्रिय, नियमों के पालन पर दिया गया कड़ा संदेश!!
!!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!
दो टूक:: गौतम बुद्ध नगर, 09 जनवरी 2026।
राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह–2026 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर शुक्रवार को विकास भवन सभागार में एक महत्वपूर्ण जिला स्तरीय बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी डॉ. शिवाकांत द्विवेदी ने की। इस दौरान सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने, यातायात नियमों के सख्त अनुपालन और जन-जागरूकता बढ़ाने को लेकर व्यापक रणनीति पर चर्चा की गई।
बैठक में उप पुलिस आयुक्त (यातायात) डॉ. प्रवीण रंजन सिंह एवं सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) डॉ. उदित नारायण पांडेय ने सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी। जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ-साथ ग्राम प्रधानों और पंचायत सचिवों को भी यातायात नियमों के प्रति लोगों को जागरूक करने की जिम्मेदारी सौंपी गई।
मुख्य विकास अधिकारी डॉ. शिवाकांत द्विवेदी ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल प्रशासन की नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने ग्राम सभा चौपालों, पंचायत बैठकों और आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में हेलमेट, सीट बेल्ट, गति सीमा और सुरक्षित ड्राइविंग के प्रति जागरूकता फैलाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि नियमों का पालन ही दुर्घटनाओं को रोकने का सबसे प्रभावी उपाय है।
एआरटीओ डॉ. उदित नारायण पांडेय ने बैठक में हिट एंड रन मामलों, कैशलेस ट्रीटमेंट योजना और राहगीर योजना की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को कैशलेस ट्रीटमेंट योजना के अंतर्गत एक सप्ताह तक 1.5 लाख रुपये तक का निःशुल्क इलाज उपलब्ध कराया जाता है, जबकि दुर्घटना में पीड़ित की मदद करने वाले राहगीर को 25 हजार रुपये का प्रोत्साहन व सम्मान दिया जाता है।
उप पुलिस आयुक्त (यातायात) डॉ. प्रवीण रंजन सिंह ने कहा कि यातायात नियमों का उल्लंघन जानलेवा साबित हो सकता है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट और चारपहिया वाहन में सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से प्रयोग करें, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग न करें तथा निर्धारित गति सीमा का पालन करें। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क है, लेकिन जनसहयोग के बिना सड़क सुरक्षा का लक्ष्य पूरा नहीं हो सकता।
बैठक में 70 से अधिक अधिकारी एवं प्रतिभागी उपस्थित रहे। यह बैठक राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के तहत चलाए जा रहे जन-जागरूकता अभियान की एक महत्वपूर्ण कड़ी मानी जा रही है। जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे यातायात नियमों का पालन कर स्वयं भी सुरक्षित रहें और दूसरों के जीवन की रक्षा में सहभागी बनें।।
