गौतमबुद्धनगर: ग्रेटर नोएडा में पुलिस विभाग को झटका, जारचा थाने में तैनात दरोगा का कमरे में मिला शव!!
!!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!
दो टूक:: ग्रेटर नोएडा के जारचा थाना क्षेत्र से पुलिस विभाग को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। जारचा थाने में तैनात सब-इंस्पेक्टर संजय यादव का शव उनके आवास के एक कमरे में संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद किया गया। प्रारंभिक जांच में उनकी मौत हृदय गति रुकने (हार्ट अटैक) से होने की आशंका जताई जा रही है। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस महकमे में शोक की लहर दौड़ गई।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, दरोगा संजय यादव शनिवार रात नियमित गश्त एवं ड्यूटी के बाद रविवार तड़के करीब चार बजे अपने कमरे में सोने के लिए गए थे। रविवार सुबह करीब 11 बजे थाने में एक महत्वपूर्ण बैठक प्रस्तावित थी, लेकिन जब वह बैठक में नहीं पहुंचे तो सहकर्मियों को चिंता हुई। कई बार फोन करने के बावजूद कोई जवाब नहीं मिलने पर थाना प्रभारी सहित अन्य पुलिसकर्मी उनके आवास पर पहुंचे।
दरवाजा खटखटाने पर भी भीतर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। इसके बाद दरवाजा तोड़ा गया, तो दरोगा संजय यादव अपने बिस्तर पर अचेत अवस्था में पड़े मिले। जांच करने पर उनकी सांसें नहीं चल रही थीं। तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी गई और आवश्यक विधिक कार्रवाई करते हुए शव को कब्जे में ले लिया गया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद होगी मौत के कारणों की पुष्टि
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि प्रथम दृष्टया शरीर पर किसी भी प्रकार की बाहरी चोट के निशान नहीं पाए गए हैं। हालांकि, सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों की आधिकारिक पुष्टि हो सकेगी।
पुलिस महकमे में शोक की लहर
दरोगा संजय यादव की अचानक मौत से पूरे पुलिस विभाग में शोक का माहौल है। साथी पुलिसकर्मियों ने उन्हें एक कर्तव्यनिष्ठ, अनुशासित और ईमानदार अधिकारी बताया। वरिष्ठ अधिकारियों ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि यह घटना पुलिस परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है।
1990 में हुई थी भर्ती, तीन साल बाद होने वाली थी सेवानिवृत्ति
दरोगा संजय यादव ने वर्ष 1990 में उत्तर प्रदेश पुलिस में अपनी सेवा की शुरुआत की थी। अगस्त 2025 में उनकी तैनाती जारचा थाने में हुई थी। उनकी सेवानिवृत्ति में अभी लगभग तीन वर्ष शेष थे। वह मूल रूप से संभल जिले के निवासी थे और अपने पीछे दो पुत्रों का परिवार छोड़ गए हैं।
घटना की सूचना मिलते ही परिजन ग्रेटर नोएडा के लिए रवाना हो गए। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि इस कठिन समय में विभाग परिवार के साथ खड़ा है और नियमानुसार हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी।।
