अम्बेडकर नगर :
कटेहरी ब्लॉक के पास गौशाला में बेजुबान पशुओं की दुर्दशा।
।।ए के चतुर्वेदी।।
दो टूक : अम्बेडकरनगर जिले के कटेहरी विकास खंड में एक ऐसी घटना सामने आई है, जो गौ-संरक्षण के नाम पर हो रही लापरवाही को उजागर करती है। ब्लॉक मुख्यालय की दीवार से सटी प्रतापपुर चमुर्खा स्थित गौशाला में बेजुबान गौवंशों की हालत देखकर किसी का भी मन व्यथित हो सकता है। जहां एक ओर प्रशासन गौ-संरक्षण के दावे करता है, वहीं यहां मृत पशुओं की लाशों की दुर्दशा और जीवित पशुओं की उपेक्षा चरम पर है।स्थानीय सूत्रों के अनुसार, गौशाला में मरने वाले पशुओं के बाद उनकी लाशों का उचित निपटारा नहीं हो रहा, जिससे आसपास बदबू और अस्वास्थ्यकर स्थिति पैदा हो रही है। जीवित गौमाताएं भूख-प्यास से तड़प तो नहीं रही हैं, लेकिन फिर भी..... जबकि चारा-पानी की व्यवस्था ठीक बताई जा रही है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यह गौशाला ब्लॉक कार्यालय के ठीक बगल में स्थित है, जहां ब्लॉक विकास अधिकारी (बीडीओ) का दफ्तर है, फिर भी स्थिति पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही।कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने दावा किया है कि गौशाला के अंदरूनी हिस्सों में गोपनीय तरीके से लोकेशन कैमरे लगाकर कमरों को कैद किया गया है, ताकि वास्तविक हालात बाहर न आ सकें। बेजुबान पशु मानो यह कह रहे हों— 'हम आजाद थे तो ठीक थे, नाम पर सेवा करने वाले अब सिर्फ दुर्दशा कर रहे हैं।'यह मामला गौशाला संचालन में पारदर्शिता, जवाबदेही और वास्तविक देखभाल की कमी को रेखांकित करता है। प्रशासनिक स्तर पर तत्काल जांच, जिम्मेदार अधिकारियों/संचालकों पर कार्रवाई तथा गौशाला को उचित चारा, पानी, चिकित्सा और स्वच्छता की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग जोर पकड़ रही है।स्थानीय ग्रामीणों और पशु प्रेमियों ने जिला प्रशासन से अपील की है कि इस 'चिराग तले अंधेरा' वाली स्थिति को जल्द समाप्त किया जाए, ताकि गौ-संरक्षण का जो सपना दिखाया जाता है, वह हकीकत में बदले।
