गौतमबुद्धनगर: लग्जरी गाड़ियों की फर्जी फाइनेंसिंग करने वाला अंतरराज्यीय गिरोह बेनकाब, 3 शातिर गिरफ्तार!!
!!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!
दो टूक:: गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट ने फर्जी दस्तावेजों के सहारे लग्जरी वाहनों की फाइनेंसिंग कर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा किया है। थाना फेस-2 पुलिस और सीआरटी स्वाट-02 टीम के संयुक्त अभियान में इस संगठित ठगी के तीन शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने इनके कब्जे से 5 लग्जरी चार पहिया वाहन और 28 अहम दस्तावेज बरामद किए हैं।
पुलिस के मुताबिक 20 जनवरी 2026 को फूल मंडी के पास से गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान अमित गुप्ता, अनुराग उर्फ अमित और नवीन भावरी के रूप में हुई है। पूछताछ में सामने आया कि ये आरोपी आधार कार्ड, पैन कार्ड और वोटर आईडी जैसे फर्जी दस्तावेज तैयार कर बैंकों से वाहन फाइनेंस कराते थे। इसके बाद बिना एक भी किश्त जमा किए वाहनों को अन्य राज्यों में ले जाकर कम कीमत पर बेच देते थे।
सुनियोजित तरीके से करते थे ठगी
गिरोह का तरीका बेहद शातिराना था। आरोपी खरीदारों को यह भरोसा दिलाते थे कि दो-तीन महीने में वाहन की एनओसी उपलब्ध करा दी जाएगी। जब बैंक एजेंट लोन की किश्त न मिलने पर दिए गए पते पर पहुंचते, तो वह पता पूरी तरह फर्जी निकलता। इतना ही नहीं, आरोपी एक ही वाहन की आरसी से पहले से दर्ज हाइपोथेकशन हटवाकर उसी गाड़ी पर दोबारा लोन भी करा लेते थे।
कई राज्यों तक फैला नेटवर्क
जांच में यह भी सामने आया है कि फाइनेंस की गई गाड़ियों को पंजाब, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर और राजस्थान जैसे राज्यों में बेचकर गिरोह बड़े पैमाने पर ठगी को अंजाम दे रहा था। इससे न सिर्फ बैंकों को बल्कि वाहन खरीदने वाले आम लोगों को भी भारी नुकसान उठाना पड़ता था।
बरामदगी और आपराधिक इतिहास
पुलिस ने आरोपियों के पास से थार, ग्रैंड विटारा, किया सेल्टॉस, महिंद्रा स्कॉर्पियो-एन और अर्बन क्रूजर टैज़र समेत 5 लग्जरी गाड़ियां बरामद की हैं। साथ ही 28 आधार कार्ड, पैन कार्ड, आरसी और ड्राइविंग लाइसेंस भी जब्त किए गए हैं। मुख्य अभियुक्त अमित गुप्ता के खिलाफ दिल्ली और गौतमबुद्धनगर में पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।
गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट ने इस कार्रवाई को बड़ी सफलता बताते हुए कहा है कि गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और नेटवर्क की कड़ियों की तलाश जारी है। पुलिस की इस कार्रवाई से फर्जी फाइनेंस और वाहन ठगी के मामलों पर सख्त संदेश गया है।।
