गुरुवार, 29 जनवरी 2026

गौतमबुद्धनगर: फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़: लैप्स बीमा पॉलिसी के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाले 3 साइबर अपराधी गिरफ्तार!!

शेयर करें:

गौतमबुद्धनगर: फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़: लैप्स बीमा पॉलिसी के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाले 3 साइबर अपराधी गिरफ्तार!!

 !!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!

दो टूक//नोएडा। कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर पुलिस ने साइबर ठगी के एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश करते हुए थाना फेस-1 पुलिस की टीम ने लैप्स बीमा पॉलिसी के पैसे वापस दिलाने का झांसा देकर लोगों से ठगी करने वाले फर्जी कॉल सेंटर का खुलासा किया है। पुलिस ने इस कार्रवाई में तीन शातिर साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है तथा उनके कब्जे से ठगी में प्रयुक्त इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का बड़ा जखीरा बरामद किया है।

पुलिस के अनुसार दिनांक 29 जनवरी 2026 को थाना फेस-1 नोएडा पुलिस ने लोकल इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद से सेक्टर-10 क्षेत्र में संचालित एक फर्जी कॉल सेंटर पर छापेमारी की। इस दौरान तीन अभियुक्तों — वरुण शर्मा, मदन गुप्ता और प्रदीप वर्मा — को गिरफ्तार किया गया। अभियुक्तों के पास से 01 लैपटॉप, 08 स्मार्ट मोबाइल फोन, 08 कीपैड मोबाइल फोन, 03 पीएनटी फोन तथा 15 कॉलिंग डाटा शीट बरामद की गई हैं, जिनका उपयोग लोगों को ठगने के लिए किया जा रहा था।

ठगी का तरीका

पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी जनता को फोन कर खुद को बीमा कंपनी का प्रतिनिधि बताते थे और लैप्स हो चुकी बीमा पॉलिसियों की राशि कम समय में वापस दिलाने का लालच देते थे। इसके लिए वे रजिस्ट्रेशन शुल्क, प्रोसेसिंग फीस या इन्वेस्टमेंट के नाम पर 10,500 रुपये से लेकर 1 लाख रुपये तक वसूल लेते थे। ठगी की रकम फर्जी बैंक खातों में ट्रांसफर कराई जाती थी और बाद में आपस में बांट ली जाती थी।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह के मुख्य आरोपी वरुण शर्मा ने मात्र 10 हजार रुपये में करीब 5 हजार लोगों का डाटा खरीदा था, जिसे कॉल सेंटर के कर्मचारियों में बांट दिया जाता था। लैपटॉप में बड़ी संख्या में ठगी से संबंधित डाटा शीट्स भी पाई गई हैं।

करोड़ों की ठगी और बैंक खाते फ्रीज

अभियुक्तों द्वारा अब तक कई लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी किए जाने की बात सामने आई है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए लगभग 20 बैंक खातों में करीब 1 करोड़ 20 लाख रुपये की धनराशि फ्रीज कराई है। विभिन्न राज्यों में इस गिरोह के खिलाफ एनसीआरपी पोर्टल पर 20 से अधिक शिकायतें दर्ज हैं।

ऑनलाइन सट्टेबाजी में उड़ाते थे ठगी का पैसा

जांच में यह भी पता चला कि आरोपी ठगी से अर्जित धन का बड़ा हिस्सा ऑनलाइन क्रिकेट सट्टेबाजी में लगाते थे। वे 20 प्रतिशत कमीशन पर बैंक खाते खरीदते और 80 प्रतिशत रकम अपने खातों में ट्रांसफर कर लेते थे। इसके अलावा रियल एस्टेट में निवेश और एलआईसी पॉलिसी को जल्द मैच्योर कराने के नाम पर भी लोगों को झांसे में लेते थे।

अभियुक्तों का विवरण

गिरफ्तार आरोपियों में वरुण शर्मा (30 वर्ष), मदन गुप्ता (करीब 39 वर्ष) और प्रदीप वर्मा (करीब 33 वर्ष) शामिल हैं, जो नोएडा और आसपास के क्षेत्रों में रहकर इस साइबर गिरोह का संचालन कर रहे थे।

दर्ज मुकदमा और बरामदगी

इस मामले में थाना फेस-1 नोएडा में मु0अ0सं0-44/2026 के तहत बीएनएस की विभिन्न धाराओं एवं आईटी एक्ट की धारा 66(डी) में मुकदमा पंजीकृत किया गया है। पुलिस द्वारा बरामद उपकरणों में एक एसर कंपनी का लैपटॉप, 16 मोबाइल फोन, 3 पीएनटी फोन और कॉलिंग डाटा शीट शामिल हैं।

कमिश्नरेट पुलिस की इस कार्रवाई को साइबर अपराध के खिलाफ एक बड़ी सफलता माना जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है और आगे भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।