गौतमबुद्धनगर: नोएडा सेक्टर-127 बख्तावरपुर गांव में गंदगी का कहर, प्राधिकरण की लापरवाही से ग्रामीण बेहाल!!
!!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!
दो टूक:: नोएडा।
नोएडा सेक्टर-127 स्थित बख्तावरपुर गांव में गंदगी ने विकराल रूप धारण कर लिया है। गांव की गलियों और मुख्य रास्तों पर सीवर ओवरफ्लो होकर गंदगी उबाल मार रही है। नालियों से निकाली गई कीचड़ को रास्तों में ही फैला दिया गया है, जिससे ग्रामीणों का पैदल चलना तक दूभर हो गया है। हालात इतने बदतर हैं कि लोगों को अपने ही घरों तक पहुंचने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि नोएडा प्राधिकरण के सफाई कर्मचारियों की आंखों पर पट्टी बंधी हुई है, वहीं सीवर विभाग के कर्मचारी और ठेकेदार अपनी जिम्मेदारी से पूरी तरह मुंह मोड़े हुए हैं। गांव में कई स्थानों पर सीवर के ढक्कन तोड़कर और खुदाई कर दी गई, लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी न तो मरम्मत की गई और न ही ढक्कन लगाए गए। खुले गटर दुर्घटना को न्योता दे रहे हैं।
सबसे गंभीर बात यह है कि ठेकेदार और सफाई कर्मचारी गांव के अंदर सफाई करने के बजाय गांव के बाहर दिखावटी सफाई कर फोटो खींचते हैं, और उन्हीं तस्वीरों को अधिकारियों के व्हाट्सएप ग्रुप में डालकर यह साबित करने की कोशिश करते हैं कि सफाई कार्य पूरा कर दिया गया है। जबकि हकीकत यह है कि गांव के भीतर हालात दिन-ब-दिन बदतर होते जा रहे हैं।
गटर से उबलती गंदगी और कीचड़ से गांव में संक्रामक बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। बदबू और गंदगी के कारण लोगों का घरों में रहना मुश्किल हो गया है, बच्चों और बुजुर्गों की सेहत पर सीधा असर पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि
- क्या नोएडा प्राधिकरण ऐसे लापरवाह ठेकेदारों और कर्मचारियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई करेगा?
- आखिर क्यों बार-बार शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों पर कोई कार्रवाई नहीं होती?
- कब मिलेगी बख्तावरपुर गांव के लोगों को गंदगी से स्थायी निजात?
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सीवर समस्या का स्थायी समाधान, टूटे ढक्कनों की मरम्मत और नियमित सफाई नहीं की गई, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी नोएडा प्राधिकरण और संबंधित विभागों की होगी।।
