सुल्तानपुर :
सोमनाथ की पुनर्स्थापना के 1000 वर्ष पर भाजपा ने मनाया स्वाभिमान पर्व’।।
भाजपाइयों ने जिले के विभिन्न शिवालयों में की विशेष पूजा अर्चना।
दो टूक : देश के आध्यात्मिक स्वरूप के केंद्र बिंदु और धार्मिक ऊर्जा के प्रतीक विश्वविख्यात ज्योतिर्लिंग सोमनाथ की पुनर्स्थापना के 1000 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी की ओर से ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ जिले में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया।इस ऐतिहासिक अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमनाथ मन्दिर में विशेष पूजा अर्चना की। पार्टी नेतृत्व के आह्वान पर पार्टी नेताओं व कार्यकर्ताओं ने भी भगवान शिव की आराधना कर सनातन संस्कृति के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की।शनिवार को जिले के विभिन्न मण्डलों में विशेष धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए।भाजपा जिलाध्यक्ष सुशील त्रिपाठी ने शास्त्रीनगर स्थित अपने घर के शिवमन्दिर में जलाभिषेक व विशेष पूजन किया।नगर मण्डल अध्यक्ष रीना जायसवाल के संयोजन में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं व कार्यकर्ताओं ने शाहगंज मोहल्ले में स्थित नागेश्वर धाम मंदिर में मंत्रोच्चार के साथ पूजा - अर्चना की।‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ पर भाजपा जिलाध्यक्ष सुशील त्रिपाठी ने कहा कि विदेशी आक्रांताओं ने भारत पर आक्रमण कर न केवल देश की अपार धन-संपदा को लूटा, बल्कि भारत के सांस्कृतिक, धार्मिक और सभ्यतागत मान बिंदुओं को नष्ट करने का भी प्रयास किया।उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति की जड़ें अत्यंत गहरी हैं, इसलिए इसे समाप्त करने का प्रयास करने वाले मोहम्मद गजनी जैसे आक्रांता स्वयं इतिहास के गर्त में समा गए।उन्होंने कहा आज सोमनाथ मंदिर की पुनर्स्थापना के 1000 वर्ष पूर्ण होना इस बात का प्रमाण है कि भारत अपनी सांस्कृतिक पहचान के साथ अडिग और अक्षुण्ण खड़ा है।
‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ कार्यक्रम के तहत पूर्व क्षेत्रीय अध्यक्ष डॉ एमपी सिंह,पूर्व जिलाध्यक्ष करुणा शंकर द्विवेदी,डॉ सीताशरण त्रिपाठी, नगर पालिकाध्यक्ष प्रवीन कुमार अग्रवाल,घनश्याम चौहान, विजय त्रिपाठी,भाजपा मीडिया प्रमुख विजय रघुवंशी, अखिलेश जायसवाल,धर्मेन्द्र कुमार, इन्द्रदेव मिश्रा,डॉ प्रीति प्रकाश,नीरज श्रीवास्तव, अजय जायसवाल,
हिमांशु गुप्ता, मुकेश रावत, मनीष जायसवाल, अजय विक्रम सिंह,प्रदीप मिश्रा, विवेक सिंह, आशीष सिंह रानू , सौरभ पाण्डेय, संदीप गुप्ता,मंजू तिवारी, अंकित अग्रहरि, वीरेंद्र गुप्ता आदि ने विभिन्न शिवालयों में जाकर पूजा अर्चना की।
