गौतमबुद्धनगर: फेस 1 पुलिस ने अन्तर्राज्यीय वाहन चोर गिरोह का किया भंडाफोड़!!
!!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!
दो टूक:: नोएडा। पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर ने एक बार फिर अपराधियों पर कड़ा प्रहार करते हुए वाहन चोरी की बढ़ती घटनाओं पर बड़ी सफलता हासिल की है। थाना फेस-1 पुलिस ने सुनियोजित कार्रवाई के तहत 04 शातिर अन्तर्राज्यीय वाहन चोरों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे व निशादेही से 15 चोरी की मोटरसाइकिल/स्कूटर/स्कूटी तथा बड़ी मात्रा में वाहन पार्ट्स बरामद किए हैं। बरामद माल की अनुमानित कीमत करीब 15 लाख रुपये बताई जा रही है।
योजनाबद्ध ऑपरेशन में मिली बड़ी सफलता
दिनांक 05 जनवरी 2026 को थाना फेस-1 पुलिस ने लोकल इंटेलिजेंस और गोपनीय सूचना के आधार पर सेक्टर-14ए क्षेत्र में घेराबंदी कर चारों अभियुक्तों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के समय अभियुक्त चोरी के वाहन व उनके पार्ट्स को ठिकाने लगाने की फिराक में थे। इस संबंध में थाना फेस-1 पर मु0अ0सं0 10/2026 धारा 317(2)/317(5)/345(3) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
15 वाहन, दर्जनों पार्ट्स बरामद
पुलिस ने अभियुक्तों के पास से
- 15 मोटरसाइकिल/स्कूटर/स्कूटी
- 12 मोटरसाइकिल की टंकी
- 05 साइलेंसर
- 05 मुखोटे
- 04 मडगार्ड
- 02 टायर रिम
बरामद किए हैं। इनमें से 09 वाहनों के संबंध में पहले से मुकदमे पंजीकृत पाए गए हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि गिरोह लंबे समय से सक्रिय था।
दिल्ली-एनसीआर में फैला था गिरोह का नेटवर्क
पूछताछ में खुलासा हुआ कि यह गिरोह दिल्ली, नोएडा, एनसीआर और आसपास के जनपदों में सक्रिय था। अभियुक्त पहले कॉलोनियों, सोसाइटियों, फैक्ट्रियों और पार्कों में खड़े वाहनों की रेकी करते थे। इसके बाद सुनसान स्थानों पर खड़े दोपहिया वाहनों का लॉक तोड़कर चोरी कर लेते थे।
चोरी के बाद काटे जाते थे वाहन
वाहन चोरी के बाद अभियुक्त उन्हें कबाड़ी की दुकानों पर ले जाकर खोलते या काटते थे और आवश्यकता अनुसार उनके पार्ट्स ऊँचे दामों पर बेच देते थे। कई बार पूरे वाहन अन्य राज्यों में कम दामों पर बेचकर भी मुनाफा कमाया जाता था। चोरी से मिले पैसों से अभियुक्त अपना खर्च चलाते और ऐशो-आराम की जिंदगी जीते थे।
जुड़वा भाइयों की शातिर चाल
इस गिरोह की सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि अरमान उर्फ सुट्टा और उलमान हमशकल जुड़वा भाई हैं। एक भाई चोरी की वारदात को अंजाम देता था, जबकि दूसरा उसी समय दुकान पर बैठकर पहचान छिपाने का काम करता था। दोनों अदल-बदलकर एक जैसे कपड़े पहनते थे, जिससे पुलिस और आम लोगों को भ्रमित किया जा सके।
सभी अभियुक्त शातिर, लंबा आपराधिक रिकॉर्ड
पुलिस जांच में सामने आया कि चारों अभियुक्तों के विरुद्ध दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद के विभिन्न थानों में वाहन चोरी के कई मुकदमे दर्ज हैं। इनमें से कुछ अभियुक्त बार-बार जेल जाने के बावजूद आपराधिक गतिविधियों से बाज नहीं आ रहे थे।
पुलिस की सतर्कता से टूटी चोरी की कमर
इस कार्रवाई से अन्तर्राज्यीय वाहन चोर गिरोह की कमर टूट गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस गिरोह की गिरफ्तारी से नोएडा और आसपास के क्षेत्रों में दोपहिया वाहन चोरी की घटनाओं में निश्चित रूप से कमी आएगी।
आम जनता से अपील
पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर ने नागरिकों से अपील की है कि अपने वाहनों को सुरक्षित स्थान पर खड़ा करें, अतिरिक्त लॉक का प्रयोग करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
