सुल्तानपुर :
36 वीं राष्ट्रीय योगासन प्रतियोगिता का हुआ भव्य समापन।
हमारी मानसिक समस्याओं का एकमात्र समाधान है योग : बृजेश मिश्र।
दो टूक : सुल्तानपुर जनपद के विवेकानंद नगर मे स्थित सरस्वती विद्या मन्दिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ज्ञान कुंज में शनिवार को विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान द्वारा आयोजित 36वीं राष्ट्रीय योगासन प्रतियोगिता का विधिवत समापन हुआ। विद्या भारती की संस्कृति बोध परियोजना के राष्ट्रीय संयोजक एवं प्रतियोगिता पर्यवेक्षक, दुर्ग सिंह राजपुरोहित ने जानकारी देते हुए बताया कि समापन कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती वंदना से हुई। प्रधानाचार्य राकेश मणि त्रिपाठी ने मुख्य अतिथियों का परिचय कराया तथा अंगवस्त्र और श्रीफल देकर स्वागत किया। पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के खेलकूद प्रमुख जगदीश कुमार सिंह ने कार्यक्रम की प्रस्ताविकी एवं वृत्त निवेदन करते हुए कहा कि हमारे भैया बहनें शारीरिक एवं मानसिक रूप से पूरी तरह स्वस्थ रहें, इसलिए विद्या भारती के पंच आधार भूत विषयों में शारीरिक शिक्षा को प्रथम स्थान पर रखा गया है। राष्ट्रीय योगासन प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले छात्र एस जी एफ आई द्वारा आयोजित होने वाली प्रतियोगिता में सम्मिलित होंगे।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि आई पी एस अधिकारी पुलिस अधीक्षक प्रशिक्षण बृजेश मिश्र ने अपने उद्बोधन में कहा कि इस राष्ट्रीय योगासन प्रतियोगिता में मां कामाख्या की धरा असम से लेकर आदि शंकराचार्य की पावन भूमि केरल के बच्चों ने भी स्थान प्राप्त किया। योग हमारे जीवन का एक अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है ।जो हमारी शारीरिक और मानसिक समस्याओं का एकमात्र समाधान है।हमारे धर्मशास्त्रों में भी योग की महिमा का बखान किया गया है।उन्होंने सभी प्रतिभागियों को अपनी शुभकामनाएं प्रदान की।
विद्या मन्दिर विवेकानन्द नगर की बहनों ने परंपरागत भारतीय उत्सवों पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। समापन समारोह की पूर्व संध्या पर आयोजित भारत की सांस्कृतिक विविधता के वैशिष्ट्य को उजागर करने वाले कार्यक्रमों ने सबका मन मोह लिया।मानों सम्पूर्ण भारत सरस्वती विद्या मन्दिर के विशाल कक्ष में समाहित हो गया।
राष्ट्रीय योगासन प्रतियोगिता के बाल वर्ग (भैया) में दक्षिण मध्य क्षेत्र को प्रथम, दक्षिण को द्वितीय तथा पूर्वोत्तर क्षेत्र को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ। वहीं बाल वर्ग की पूर्व क्षेत्र की बहनें प्रथम पश्चिमी उत्तर प्रदेश की द्वितीय तथा पूर्वोत्तर क्षेत्र की बहनें तृतीय स्थान पर रहीं। किशोर वर्ग में मध्य क्षेत्र के भैया प्रथम, दक्षिण मध्य के द्वितीय तथा पश्चिम उत्तर प्रदेश क्षेत्र के भैया को तृतीय स्थान पर संतोष करना पड़ा।किशोर वर्ग में ही बहनों की प्रतियोगिता में पश्चिम उत्तर प्रदेश प्रथम, दक्षिण मध्य द्वितीय तो उत्तर क्षेत्र ने तृतीय स्थान पर कब्जा किया।। तरुण वर्ग की प्रतियोगिता के पश्चिम उत्तर प्रदेश क्षेत्र के भैया प्रथम,मध्य क्षेत्र के द्वितीय तथा राजस्थान क्षेत्र के भैया तृतीय स्थान पर रहे। इसी के साथ तरूण वर्ग में पश्चिम उत्तर प्रदेश प्रथम, दक्षिण मध्य द्वितीय तथा पूर्वोत्तर क्षेत्र की बहनें तृतीय स्थान पर रहीं। प्रतियोगिता के संरक्षक दुर्ग सिंह राजपुरोहित ने कार्यक्रम के समापन की घोषणा की ।तथा आचार्य देवेन्द्र कुमार पाठक ने समापन मंत्र का पाठ किया।विद्यालय प्रबंध समिति के उपाध्यक्ष डॉ. वी.के. झा ने आए हुए अतिथियों, विद्या भारती के अधिकारियों , आयोजकों, प्रतिभागियों और उनके संरक्षकों के प्रति आभार प्रकट किया, तथा कार्यक्रम की उत्कृष्ट व्यवस्था में अहम भूमिका निभाने वाले प्रधानाचार्य राकेश मणि त्रिपाठी एवं उनकी टीम की प्रशंसा की।कार्यक्रम को संयोजक राजेश, सह संयोजक मधुसूदन, होड़िल सिंह, राजेन्द्र शर्मा तथा प्रांत प्रमुख अजीत सिंह ने भी संबोधित किया।इस आयोजन में देश भर के ग्यारह क्षेत्रों से 125भैया,126 बहनों ने भाग लिया।29निर्णायक, तथा 5 अधिकारी पूरे समय उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में द्वारिका नाथ पाण्डेय, रंजना पाण्डेय, अनिल पाण्डेय, सरिता त्रिपाठी, रमेश मिश्र, संजीव चतुर्वेदी,विवेकानंद यादव, पूजा शुक्ला, शुभम सिंह, ज्योति उपाध्याय, रागिनी मिश्रा, ज्ञानेंद्र त्रिपाठी साक्षी सिंह, श्रेया तिवारी सहित देशभर से आए निर्णायक, संरक्षक आचार्य एवं प्रतियोगी उपस्थित रहे।
