गुर्जर महोत्सव 2025 : गुर्जर समाज की गौरवशाली पहचान और नेतृत्व की मिसाल बने अशोक भाटी!!
!!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!
दो टूक:: फरीदाबाद, 30 नवम्बर 2025 — सूरजकुंड क्राफ्ट मेला ग्राउंड में 12 से 14 दिसंबर 2025 तक आयोजित होने वाले चौथे विशाल “गुर्जर महोत्सव” की तैयारियों का शुभारंभ आज भव्य भूमि-पूजन और यज्ञ–हवन के साथ हुआ। कार्यक्रम में गुर्जर समाज की परंपरागत भावना के अनुसार हलवा–खीर और मलीदा का भंडारा कर सभी उपस्थित लोगों को प्रसाद वितरित किया गया।
इस अवसर पर अखिल भारतीय गुर्जर महासभा गौतम बुद्ध नगर के जिला अध्यक्ष अशोक भाटी ने कहा कि गुर्जर महोत्सव केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि गुर्जर समाज की संस्कृति, एकता और गौरव का भव्य प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह महोत्सव आज देशभर की कला, संस्कृति और युवा प्रतिभाओं के लिए सबसे बड़ा मंच बन चुका है, जो समाज को विश्व स्तर पर नई पहचान दिला रहा है।
अशोक भाटी ने कहा–
“गुर्जर समाज ने सदैव वीरता, भाईचारा और संस्कृति को सर्वोपरि रखा है। गुर्जर महोत्सव इसका जीवंत उदाहरण है, जो समाज के हर वर्ग को एक धागे में जोड़ता है। हमारी एकता ही हमारी सबसे बड़ी शक्ति है।”
उन्होंने बताया कि गुर्जर आर्ट एंड कल्चर ट्रस्ट द्वारा देशभर के कलाकारों, चित्रकारों, गायक-वादकों, डांसरों, मॉडल्स, लोक कलाकारों, शिल्पकारों और क्रिएटिव युवाओं को अपने हुनर को प्रदर्शित करने के लिए आमंत्रित किया गया है।
भूमि-पूजन में मुख्य यजमान के रूप में एडवोकेट दिवाकर बिधूड़ी सहित समाज के अनेक वरिष्ठजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम में विजेंद्र सिंह आर्य, जलकेश बाबूजी, समय सिंह कसाना, तिलक राम बैसला, ओमप्रकाश बैसला, अतर सिंह भडाना, प्रेम कृष्ण आर्य, निरंजन नागर, सागर तवर, चंद्रपाल तवर, राजवीर पिलवान, एमपी नागर, प्रतिभा बिधूड़ी, ज्ञानो गुजरी, निर्मल डेढ़ा, रणदीप चौहान, अशोक भाटी, सुभाष नेताजी, चरण सिंह भाटी, विपिन तंवर, गजेंद्र रेक्सवाल, सुरेंद्र गुर्जर सहित कई गणमान्य मौजूद रहे।
सभी पदाधिकारियों ने संकल्प लिया कि इस वर्ष का गुर्जर महोत्सव सबसे भव्य, ऐतिहासिक और विशिष्ट रूप में आयोजित किया जाएगा, जिसमें संस्कृति, इतिहास, रचनात्मकता और आधुनिकता का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा।
अंत में अशोक भाटी ने समस्त 36 बिरादरी और समाज के प्रत्येक सदस्य से अपील करते हुए कहा—
“यह महोत्सव हर गुर्जर का महोत्सव है। परिवार की तरह मिलकर इसे ऐतिहासिक बनाएं। सभी समाजबंधु बड़ी संख्या में पहुंचें और गुर्जर गौरव को आगे बढ़ाएं।”
