सुल्तानपुर :
विश्व हिंदी रत्न मानद उपाधि से नवाजे गये डॉ राज बहादुर राना।
दो टूक : हिंदी दिवस के अवसर पर ऐतिहासिक महत्व की गौरवशाली विश्व हिंदी कविता प्रतियोगिता 2025 का आयोजन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नेपाल की सम्मानित साहित्यिक संस्था द्वारा कराया गया जिसमें डॉ राज बहादुर राना को विश्व हिंदी रत्न मानद उपाधि से सम्मानित किया गया।
विश्व विख्यात साहित्यिक संस्था- शब्द प्रतिभा बहुक्षेत्रीय सम्मान फाउंडेशन नेपाल के सौजन्य से देव नागरी लिपि संरक्षण, हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार, नेपाल भारत के बीच संबंध का विकास एवं साहित्यिक प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से हिंदी दिवस 14सितम्बर को अंतरराष्ट्रीय पटल पर विश्व हिंदी कविता प्रतियोगिता आयोजित की गयी। हजारों प्रतिभागियों में भाषा,भाव, हिंदी गरिमा के आंकलन पर खरी उतरती डॉ राज बहादुर राना निवासी गांव अमदेवा, जयसिंहपुर, सुलतानपुर, उत्तर प्रदेश,भारत की कविता को उत्कृष्ट घोषित करते हुए चयनित प्रतिभागियों में शामिल कर संस्था द्वारा राना को विश्व हिंदी रत्न की मानद उपाधि प्रदान की गई। संस्था के अध्यक्ष आनंद गिरि मायालु ने अवगत कराया कि संस्था निष्पक्ष और निर्विवाद रूप से प्रतिभाओं का सम्मान कर विश्व पटल पर ले जाने के लिए जानी जाती है। श्याम चरित मानस रचनाकार माधवदास के शिष्य राना पढा़ई की अवधि से शिष्यों के लिए गीत रचते रहे।आज वे साहित्यकार, पत्रकार, गीतकार, काव्यकार के रूप में पहिचान बना चुके हैं।इस उपलब्धि पर इनके प्रेरणा श्रोत शिक्षक साहित्यकार सर्वेश कान्त वर्मा सरल ने खुशी जाहिर किया कि ग्रमीणांचल से राना जैसे काव्यकार ने जनपद के साहित्यिक ध्वज को ऊंचाई प्रदान किया है। राना बताते हैं कि साहित्यकार अनिल कुमार वर्मा मधुर, बृजेश कुमार वर्मा, रमेशचंद्र नंदवंशी,का दिशा निर्देश और सहयोग मिलता रहता है तो वहीं पत्रकारिता जगत में वरिष्ठ पत्रकार संजय सिंह, दुर्गा प्रसाद निषाद को श्रेय देते हैं। डॉ राम प्यारे प्रजापति, दिनेश प्रताप सिंह चित्रेश, आशु कवि मथुरा प्रसाद सिंह जटायु का आशीर्वाद यथा समय मिलता रहा है। जनपद को गौरवान्वित करती इस उपलब्धि पर लोक भूषण डॉ आद्या प्रसाद सिंह प्रदीप,पवन सिंह,केशव प्रसाद सिंह, कांति सिंह,कमल नयन कमल जैसे सम्मानित साहित्यकारों के साथ पवन कुमार यादव, लोक गायक छविलाल पाल एवं भूपेंद्र नाथ वर्मा प्रबंधक रामरती कालेज द्वारिकागंज ने बधाई और शुभकामनाएं प्रेषित किया।
