बुधवार, 27 अगस्त 2025

मध्य प्रदेश :बालिका छात्रावास मे खामियां देख,आयोग ने लगाई फटकार।||Madhya Pradesh: Seeing the flaws in the girls' hostel, The commission reprimanded.||

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मध्य प्रदेश :
बालिका छात्रावास मे खामियां देख,
आयोग ने लगाई फटकार।।
दो टूक : राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य ने किया बालिका छात्रावास का निरीक्षण। शासन के नियमों को ताक पर रखकर अधीक्षिका परिवार के साथ छात्रावास में ही रहती है
विस्तार
राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य ओंकार सिंह का जबलपुर में दौरा था ।जिसके तहत आयोग सदस्य ओंकार सिंह ने जबलपुर के कटिया घाट स्थित शासकीय अनुसूचित जनजाति छात्रावास का निरीक्षण किया ।
जिसमें 100 बालिकाओं के रहने की व्यवस्था शासन द्वारा की गई है लेकिन 101 बालिकाएं दर्ज पाई गई ।
इस परिसर में कक्षा पहली से लेकर कक्षा आठवीं तक छात्राएं निवास करती हैं। इस परिसर में 9 से 10वीं कक्षा तक की छात्राओं का छात्रावास भी है जहां 27 छात्राएं दर्ज है, तथा दो अनुपस्थित मिली।
श्री सिंह के निरीक्षण में  महिला बाल विकास ,बाल कल्याण समिति,स्थानीय पुलिस, आदिम जाति कल्याण विभाग  के अधिकारी कर्मचारी साथ रहे । निरीक्षण में मौके पर पाया गया कि छात्रावास की अधीक्षिका श्रीमती सरिता मरकाम मौके पर नहीं थी, उनके निवास पर दो युवक थे जिनका नाम स्वप्निल मरकाम 31 वर्ष तथा मनीष मरकाम 25 वर्ष यह युवक अधीक्षिका के पुत्र थे। जो की छात्रावास में ही निवास करते हैं कुछ समय बाद अधीक्षिका बाजार से लौटी तो उन्होंने बताया कि वह बाजार कुछ सामान लेने गई थी ।
जब आयोग के सदस्य द्वारा पूछा गया कि यह युवक आपके साथ क्यों रहते हैं, तो वह कुछ भी संतोष जनक जवाब नहीं दे पाई।
 युवकों में से मनीष मरकाम ने बताया कि उनके पिता भी यही निवास करते हैं ।जबकि यह नियमों के विरुद्ध है ।
आयोग सदस्य श्री सिंह ने अधीक्षिका को चेतावनी देते हुए छात्राओं के रिकॉर्ड संबंधी दस्तावेज की जानकारी ली जिसमें घोर अनियमितताएं पाई गई 100 सीटर छात्रावास में 101 छात्राएं दर्ज मिली मौके पर 89 ही मौजूद थी, कुछ छात्राएं छात्रावास से घर गई थी जिनकी संख्या 12 थी लेकिन 2 छात्राओं की ही एप्लीकेशन थी। इसके अलावा बाल कल्याण समिति महिला सदस्यों द्वारा छात्रावास में छात्राओं से बात की गई तो 30 से अधिक छात्राएं बीमार मिली एवं छात्रावास में बेहद गंदगी थी। शौचालय में नियमित साफ सफाई न होने के कारण बच्चियों के कक्षा में दुर्गंध आ रही थी जिसके कारण भी बच्चियों बीमार थी। 
 ◆हम नहाते हैं तो अंकल हमें देखते हैं 
बाल कल्याण समिति के महिला सदस्यों द्वारा  बालिकाओं से उनकी समस्याएं जानने के लिए सभी को एक-एक पर्ची देकर समस्याएं लिखने को कहा गया जिसमें बालिकाओं ने अपनी समस्याएं लिखी और बंद करके बाल कल्याण समिति को दी, समिति द्वारा जब इन पर्चियां का निरीक्षण किया गया तो अनेक ऐसी गंभीर समस्याएं सामने आई
बाल कल्याण समिति की महिला सदस्यों द्वारा बच्चियों से बात की गई तो बच्चियों ने बताया राकेश अंकल हमें नहाते हुए देखते हैं, यह बात छात्राओं ने अपनी पर्ची में लिखकर समिति की महिला सदस्यों को दी।
 इन पर्चियां में कुछ स्टाफ को लेकर ऐसी भी बात लिखी गई, जो छात्रावास की मर्यादा तथा नियम के विपरीत हैं, अधिकारियों द्वारा अगर जल्द ही कोई कार्रवाई नहीं की गई तो बच्चियों के साथ कोई भी अप्रिया घटना होने की संभावना छात्रावास में है। छात्राओं द्वारा अन्य कई महत्वपूर्ण और बालिकाओं के लिए खतरनाक बातों का भी जिक्र बच्चों ने पर्चियो  द्वारा बाल कल्याण समिति महिला सदस्यों को बताया। जिसको लेकर आयोग के सदस्य श्री सिंह को समिति की महिला सदस्यों द्वारा अवगत कराया गया। 
इसके साथ ही रिकार्ड में पाया गया कि नियम विरुद्ध तरीके से पुरुष सफाई कर्मी इस छात्रावास में कार्य करता है जिससे छात्राएं खुद को असुरक्षित महसूस करती हैं। जिसको लेकर बाल आयोग के सदस्य तथा बाल कल्याण समिति सदस्यों द्वारा अधीक्षका को चेतावनी दी गई। 
तीन कारे और मोटर साइकिल परिसर में मिली।
छात्रावास परिसर में मौजूद उनके 31 वर्षीय एवं 25 वर्षीय पुत्र सहित परिसर में मिली तीन चार पहिया वाहन और एक पल्सर मोटरसाइकिल को देखकर पता चलता है कि यहां पर पुरुषों का आना-जाना है, जबकि नियम अनुसार बालिका छात्रावास में केवल महिलाएं ही आ सकती हैं, और रह सकती हैं लेकिन यहां अधीक्षका की तानाशाही के आगे शासन के नियम बौने नजर आते हैं, सूत्र बताते हैं कि संबंधित विभाग के अधिकारियों की मिली भगत से अधीक्षिका अपने बच्चों और पति के साथ पिछले लंबे समय से यहां निवास कर रही थी।
राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य ओंकार सिंह द्वारा किए गए निरीक्षण में बाल कल्याण समिति की सदस्य श्रीमति सीमा सिंह चौहान, नीतू पांडे, मेघा पवार, बाल कल्याण समिति अध्यक्ष  डॉ मनीष व्यास, सदस्य जितेंद्र श्रीवास्तव, यशवेंद ठगेले स्थानीय थाना पुलिस से महिला आरक्षक वर्षा सहित महिला एवं बाल विकास, अनुसूचित जाति कल्याण विभाग से अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।