मऊ :
दीपावली से छठ तक पुलिस का रहेगा कड़ा पहरा,जिला हाई अलर्ट।।
◆पूजा पंडालों में CCTV और घाटों पर ड्रोन से होगी निगरानी।।
।।देवेन्द्र कुशवाहा।।
दो टूक : दीपावली से लेकर छठ पूजा तक जनपद में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रहेगी। त्योहारों को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। जिले में कुल 836 स्थानों पर मूर्ति स्थापना एवं पूजा कार्यक्रम प्रस्तावित हैं। इन आयोजनों के दौरान पूजा पंडालों में सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाएगी, जबकि प्रमुख घाटों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में ड्रोन के माध्यम से सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखी जाएगी।
इस संबंध में जिलाधिकारी आनंद वर्द्धन की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला शांति समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में सुरक्षा, यातायात, साफ-सफाई, स्वास्थ्य सेवाओं, भीड़ नियंत्रण और त्योहारों के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने को लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक में अपर जिलाधिकारी प्रवेंद्र कुमार ने बताया कि 6 नवंबर को धनतेरस, 7 नवंबर को नरक चतुर्दशी एवं छोटी दीपावली, 8 नवंबर को दीपावली, 10 नवंबर को गोवर्धन पूजा, 11 नवंबर को भैया दूज एवं चित्रगुप्त जयंती तथा 14 और 15 नवंबर को डाला छठ का पर्व मनाया जाएगा।
बाजारों में भीड़ और मिलावट पर उठे सवाल
बैठक में शांति समिति के सदस्यों ने जनहित से जुड़े विभिन्न मुद्दे उठाए। मोहम्मद फैसल ने दीपावली के दौरान खाद्य पदार्थों में मिलावट की आशंका को देखते हुए दुकानों पर जांच अभियान चलाने की मांग की। पूर्व चेयरमैन तैयब पालकी ने बाजारों में उमड़ने वाली भीड़ के मद्देनजर यातायात व्यवस्था दुरुस्त करने और मार्गों का विभाजन करने का सुझाव दिया। अरविंद पांडेय ने घोसी स्थित सीता कुंड की साफ-सफाई कराने की मांग रखी। वहीं संजय वर्मा ने बताया कि निर्माण कार्य के चलते इस बार शीतला माता मंदिर परिसर में मेला अथवा बड़ा आयोजन नहीं होगा। भारत लाल राही ने तेज आवाज में डीजे बजाने से होने वाली परेशानियों और दुर्घटनाओं की आशंका पर प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराया।
घाटों पर डीजे प्रतिबंधित, उल्लंघन पर होगी FIR
पुलिस अधीक्षक सर्वेश कुमार मिश्रा ने स्पष्ट किया कि छठ पूजा एवं मूर्ति विसर्जन के दौरान घाटों पर डीजे बजाने की अनुमति नहीं होगी। निर्धारित मानकों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ एफआईआर सहित नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने पूजा समितियों से पंडालों के आसपास सीसीटीवी कैमरे लगवाने और पर्याप्त संख्या में स्वयंसेवकों की तैनाती सुनिश्चित करने की अपील की।
ड्रोन निगरानी के साथ खोया-पाया केंद्र भी बनेंगे
जिलाधिकारी आनंद वर्द्धन ने सभी उप जिलाधिकारियों एवं थाना प्रभारियों को निर्देश दिया कि धार्मिक आयोजनों के दौरान तेज आवाज में डीजे बजाने वालों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जाए। पूजा स्थलों और घाटों पर साफ-सफाई, प्रकाश, पेयजल एवं सुरक्षा समेत सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय से पूरी कराई जाएं। भीड़भाड़ वाले स्थानों पर ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से निगरानी रखने के साथ खोया-पाया हेल्प सेंटर भी स्थापित किए जाएं।
डीएम ने जिला अस्पताल सहित सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर चिकित्सकों और आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। पटाखों की बिक्री निर्धारित मानकों के अनुसार कराने और नियमानुसार सीमित संख्या में लाइसेंस जारी करने को कहा। इसके साथ ही नियमित पुलिस पेट्रोलिंग और डायल-112 की गाड़ियों को लगातार भ्रमणशील रखने के निर्देश दिए।
अंत में जिलाधिकारी ने पूर्व में त्योहारों को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने में सहयोग देने वाले शांति समिति के सदस्यों एवं अधिकारियों की सराहना की। उन्होंने आगामी पर्वों पर भी आपसी भाईचारा, सहयोग और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की।
बैठक में अपर जिलाधिकारी प्रवेंद्र कुमार, नगर मजिस्ट्रेट रमेश बाबू, जिला पंचायत राज अधिकारी किरण वर्मा, समस्त उप जिलाधिकारी, क्षेत्राधिकारी, थाना प्रभारी एवं जिला शांति समिति के सदस्य उपस्थित रहे।
