रविवार, 1 नवंबर 2026

गौतमबुद्धनगर: दीवानी न्यायालय में मेगा विधिक सहायता एवं सेवा शिविर का भव्य आयोजन, 300 लाभार्थियों को मिला सरकारी योजनाओं का लाभ!!

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गौतमबुद्धनगर: दीवानी न्यायालय में मेगा विधिक सहायता एवं सेवा शिविर का भव्य आयोजन, 300 लाभार्थियों को मिला सरकारी योजनाओं का लाभ!!

 !!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!

जनपद न्यायाधीश अतुल श्रीवास्तव ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया शुभारंभ, विभिन्न विभागों ने स्टॉल लगाकर आमजन को दी योजनाओं की जानकारी

दो टूक//गौतमबुद्धनगर, 1 नवंबर 2026।

गौतमबुद्धनगर के सूरजपुर स्थित जनपद दीवानी न्यायालय परिसर में रविवार को राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशों के क्रम में मेगा विधिक सहायता एवं सेवा शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का उद्देश्य समाज के सभी वर्गों को न्याय एवं समान अवसर उपलब्ध कराने के साथ-साथ पात्र और जरूरतमंद लोगों को शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़कर उन्हें लाभान्वित करना रहा।

कार्यक्रम का शुभारंभ माननीय जनपद न्यायाधीश अतुल श्रीवास्तव ने रिबन काटकर एवं विधिवत दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ एवं हरित वातावरण का संदेश भी दिया गया।

शिविर में शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आमजन तक पहुंचाने के उद्देश्य से अनेक विभागों की ओर से विशेष स्टॉल लगाए गए। जनपद न्यायाधीश अतुल श्रीवास्तव एवं मुख्य विकास अधिकारी भाल चंद्र त्रिपाठी ने विभिन्न विभागों के स्टॉलों का निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों से संचालित योजनाओं, उनकी पात्रता, आवेदन प्रक्रिया तथा लाभार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की।

शिविर में प्रोबेशन विभाग, दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, समाज कल्याण एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, कृषि विभाग, जल शक्ति विभाग, पंचायती राज विभाग, स्वच्छ भारत मिशन-2, बैंकिंग योजनाओं, नेडा, जिला उद्योग केंद्र, कौशल विकास मिशन, पशुपालन, डेयरी एवं मत्स्य विभाग, नोएडा प्राधिकरण, श्रम विभाग, चिकित्सा विभाग, वन विभाग, पूर्ति विभाग, बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग, परिवहन विभाग, पुलिस एवं अग्निशमन विभाग, आपदा प्रबंधन विभाग, बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग तथा नगरीय विकास विभाग (डूडा) सहित विभिन्न विभागों ने अपने स्टॉल लगाए।

इन स्टॉलों के माध्यम से आमजन को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने की पात्रता, आवेदन की प्रक्रिया और उपलब्ध सुविधाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। एक ही परिसर में विभिन्न विभागों की सेवाएं उपलब्ध होने से लोगों को अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर लगाए बिना योजनाओं की जानकारी प्राप्त करने का अवसर मिला।

कार्यक्रम के दौरान सांस्कृतिक प्रस्तुतियों एवं नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से विधिक जागरूकता, सामाजिक सरोकारों, जनकल्याणकारी योजनाओं और आमजन के अधिकारों से जुड़े महत्वपूर्ण संदेश दिए गए। इन प्रस्तुतियों के जरिए लोगों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने तथा सरकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया गया।

इस अवसर पर जनपद न्यायाधीश एवं मुख्य विकास अधिकारी ने अपने संबोधन में निःशुल्क विधिक सहायता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि विधिक सेवा प्राधिकरण का उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग तक न्याय की पहुंच सुनिश्चित करना है। ऐसे शिविर पात्र, जरूरतमंद और वंचित लोगों को उनके अधिकारों की जानकारी देने के साथ ही उन्हें सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि शासन और प्रशासन का प्रयास है कि जानकारी अथवा संसाधनों के अभाव में कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे।

शिविर में पात्र लाभार्थियों को आयुष्मान कार्ड एवं प्रशस्ति पत्र वितरित किए गए। इसके साथ ही विभिन्न विभागों की ओर से लाभार्थियों को आवश्यक जानकारी और सेवाएं उपलब्ध कराई गईं। स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा, कृषि, पशुपालन, महिला एवं बाल कल्याण, पर्यावरण संरक्षण और विधिक सहायता जैसे महत्वपूर्ण विषयों को एक ही मंच पर शामिल कर जनसेवा की भावना को आगे बढ़ाया गया।

आयोजित मेगा विधिक सहायता एवं सेवा शिविर के माध्यम से लगभग 300 लाभार्थियों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित किया गया। इस आयोजन के जरिए विभागीय समन्वय को मजबूत करने, आमजन को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक बनाने और समाज के अंतिम पायदान पर खड़े जरूरतमंद व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई।

इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी भाल चंद्र त्रिपाठी, एडिशनल सीपी अजय कुमार, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की पूर्णकालिक सचिव शिवानी रावत, अपर जिला जज एवं विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी एक्ट) सोमप्रभा मिश्रा, प्रभारी जिला विकास अधिकारी एवं परियोजना निदेशक डीआरडीए नेहा सिंह सहित न्यायिक अधिकारी, पुलिस एवं जिला प्रशासन के संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।।