मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026

गौतमबुद्धनगर: NCC कैडेट्स को साइबर अपराधों से बचाव का पाठ पढ़ाया, गौतमबुद्धनगर पुलिस ने बताए सुरक्षित डिजिटल इस्तेमाल के तरीके!!

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गौतमबुद्धनगर: NCC कैडेट्स को साइबर अपराधों से बचाव का पाठ पढ़ाया, गौतमबुद्धनगर पुलिस ने बताए सुरक्षित डिजिटल इस्तेमाल के तरीके!!

 !!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!

दो टूक//ग्रेटर नोएडा। साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने और युवाओं को डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से गौतमबुद्धनगर पुलिस द्वारा लगातार जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में ग्रेटर नोएडा स्थित गौतमबुद्ध बालक इंटर कॉलेज में NCC कैडेट्स के लिए साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों को साइबर अपराधों के बदलते स्वरूप, ऑनलाइन ठगी के तरीकों और उनसे बचाव के प्रभावी उपायों की जानकारी दी गई। पुलिस टीम ने युवाओं से डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल करते समय सतर्कता बरतने और साइबर सुरक्षा के नियमों का पालन करने की अपील की।

पुलिस कमिश्नर गौतमबुद्धनगर श्रीमती लक्ष्मी सिंह के निर्देशन में, अपर पुलिस आयुक्त कानून एवं व्यवस्था डॉ. राजीव नारायण मिश्र के पर्यवेक्षण तथा पुलिस उपायुक्त साइबर श्रीमती प्रीति यादव के नेतृत्व में यह अभियान संचालित किया जा रहा है। इसके तहत पुलिस की साइबर टीम विभिन्न संस्थानों में पहुंचकर लोगों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक कर रही है, ताकि ऑनलाइन धोखाधड़ी की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने के साथ ही नागरिकों को डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रहने के लिए जागरूक बनाया जा सके।

डिजिटल अरेस्ट से लेकर ऑनलाइन ठगी तक के तरीकों की दी जानकारी

कार्यक्रम के दौरान साइबर पुलिस टीम ने NCC कैडेट्स और विद्यार्थियों को ऑनलाइन धोखाधड़ी, डिजिटल अरेस्ट के नाम पर ठगी, फर्जी कॉल, संदिग्ध लिंक, सोशल मीडिया के दुरुपयोग, ऑनलाइन गेमिंग से जुड़े जोखिमों तथा UPI और अन्य डिजिटल भुगतान माध्यमों से होने वाली धोखाधड़ी के बारे में विस्तार से बताया।

पुलिस टीम ने समझाया कि साइबर अपराधी लोगों को लालच देने, डराने या भ्रामक जानकारी के जरिए अपने जाल में फंसाते हैं। कई बार अपराधी खुद को पुलिस या किसी सरकारी एजेंसी का अधिकारी बताकर कानूनी कार्रवाई और गिरफ्तारी का भय दिखाते हैं। इसके बाद पीड़ित से धनराशि ट्रांसफर करने या बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी साझा करने का दबाव बनाया जाता है। ऐसे मामलों में घबराने के बजाय संबंधित सूचना की सत्यता की पुष्टि करना बेहद जरूरी है।

OTP, ATM PIN और पासवर्ड साझा करने से बचें

साइबर जागरूकता कार्यक्रम में विद्यार्थियों को विशेष रूप से समझाया गया कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ OTP, ATM PIN, पासवर्ड या बैंक खाते से जुड़ी गोपनीय जानकारी साझा न करें। किसी अज्ञात लिंक पर क्लिक करने, संदिग्ध मोबाइल एप्लीकेशन डाउनलोड करने और अनजान स्रोतों से प्राप्त संदेशों पर भरोसा करने से बचें।

इसके साथ ही सोशल मीडिया पर निजी जानकारी, फोटो और अन्य संवेदनशील विवरण साझा करते समय सावधानी बरतने की सलाह दी गई। ऑनलाइन खातों की सुरक्षा मजबूत करने के लिए कठिन एवं अलग-अलग पासवर्ड रखने, टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन की सुविधा सक्रिय करने और सोशल मीडिया अकाउंट की गोपनीयता सेटिंग्स की नियमित जांच करने के लिए भी प्रेरित किया गया।

डिजिटल अरेस्ट के नाम पर डराने वालों से रहें सावधान

पुलिस टीम ने बताया कि डिजिटल अरेस्ट के नाम पर ठगी करने वाले अपराधी लोगों को मानसिक दबाव में लेकर उनसे पैसे ऐंठने का प्रयास करते हैं। ऐसे अपराधी वीडियो कॉल या फोन के माध्यम से खुद को पुलिस अथवा अन्य सरकारी एजेंसियों का अधिकारी बताकर गिरफ्तारी का डर दिखा सकते हैं।

पुलिस ने स्पष्ट किया कि इस तरह की संदिग्ध कॉल आने पर घबराकर कोई वित्तीय लेन-देन न करें और न ही किसी के दबाव में आकर अपनी गोपनीय जानकारी साझा करें। किसी भी संदिग्ध दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करें और जरूरत पड़ने पर पुलिस की सहायता लें।

साइबर ठगी होने पर 1930 पर करें कॉल

कार्यक्रम के दौरान साइबर वित्तीय धोखाधड़ी का शिकार होने पर तुरंत कार्रवाई करने की जरूरत पर भी जोर दिया गया। पुलिस ने बताया कि यदि किसी व्यक्ति के साथ ऑनलाइन वित्तीय ठगी होती है, तो उसे बिना देरी किए साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करना चाहिए। इसके अलावा आधिकारिक साइबर क्राइम पोर्टल www.cybercrime.gov.in पर भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। समय रहते शिकायत करने से ठगी की रकम को रोकने और संबंधित कार्रवाई में मदद मिलने की संभावना बढ़ सकती है।

युवाओं को साइबर सुरक्षा का संदेश घर-घर पहुंचाने की अपील

गौतमबुद्धनगर पुलिस ने NCC कैडेट्स और विद्यार्थियों को केवल स्वयं साइबर अपराधों से सुरक्षित रहने ही नहीं, बल्कि अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी जागरूक करने के लिए प्रेरित किया। पुलिस का उद्देश्य है कि डिजिटल तकनीक का उपयोग करने वाला प्रत्येक व्यक्ति साइबर अपराधियों के तौर-तरीकों को समझे और सतर्कता के साथ ऑनलाइन गतिविधियां संचालित करे।

कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर पुलिस की ओर से आमजन से अपील की गई है कि वे अपनी निजी एवं बैंकिंग संबंधी जानकारी सुरक्षित रखें, संदिग्ध कॉल और लिंक से सावधान रहें तथा किसी भी साइबर अपराध या संदिग्ध गतिविधि की स्थिति में तत्काल संबंधित हेल्पलाइन अथवा पुलिस से संपर्क करें। जागरूकता और सतर्कता ही साइबर अपराधों से बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम है।।