गौतमबुद्धनगर: सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन सख्त, दुर्घटना संभावित स्थलों पर सुधार के निर्देश; घायलों को मिलेगा कैशलेस उपचार!!
दो टूक//गौतमबुद्धनगर, 13 अक्टूबर 2026। जनपद में सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और यातायात व्यवस्था को सुरक्षित एवं सुचारु बनाने के लिए जिला प्रशासन ने संबंधित विभागों को आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में अपर जिलाधिकारी प्रशासन संजय कुमार पांडेय की अध्यक्षता में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में सड़क सुरक्षा से जुड़े कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए दुर्घटना संभावित स्थलों पर सुधार, यातायात नियमों का पालन, अवैध पार्किंग पर रोक तथा सड़क दुर्घटना में घायलों को समय पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने सहित विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की गई।
अपर जिलाधिकारी प्रशासन संजय कुमार पांडेय ने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश देते हुए कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और नागरिकों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए सभी विभागों को गंभीरता से प्रयास करने होंगे। उन्होंने दुर्घटना संभावित स्थलों पर संयुक्त निरीक्षण कर आवश्यक सुधार कराने तथा सड़क सुरक्षा से संबंधित व्यवस्थाओं को निर्धारित मानकों के अनुरूप दुरुस्त रखने पर जोर दिया।
सड़क संकेतक, रोड मार्किंग और रिफ्लेक्टर दुरुस्त रखने के निर्देश
बैठक में सड़क सुरक्षा के दृष्टिगत सड़क संकेतकों, रोड मार्किंग, रिफ्लेक्टर, डिवाइडर और गति नियंत्रण से संबंधित व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। अपर जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में आवश्यक संकेतक एवं सुरक्षा उपकरण दुरुस्त रखे जाएं, ताकि वाहन चालकों को समय रहते सड़क की स्थिति और संभावित खतरों की जानकारी मिल सके। उन्होंने प्रमुख मार्गों एवं चौराहों पर यातायात व्यवस्था सुचारु बनाए रखने, अवैध पार्किंग पर प्रभावी रोक लगाने तथा वाहनों की फिटनेस और यातायात नियमों के अनुपालन को सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
लोक निर्माण विभाग, संबंधित विकास प्राधिकरणों और सड़क निर्माण एजेंसियों को सड़क सुरक्षा मानकों के अनुरूप आवश्यक सुधारात्मक कार्य निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के लिए कहा गया। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि सड़कों पर मौजूद कमियों को चिह्नित कर उनका प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाए, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका को कम किया जा सके।
दुर्घटना पीड़ितों को समय पर उपचार दिलाने पर जोर
बैठक में सड़क दुर्घटनाओं में घायल होने वाले लोगों को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के मुद्दे पर भी विशेष चर्चा हुई। अपर जिलाधिकारी प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग, अस्पतालों और पुलिस विभाग को आपसी समन्वय मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दुर्घटना पीड़ितों को समय पर उपचार उपलब्ध कराना बेहद महत्वपूर्ण है। इसके लिए अस्पतालों, पुलिस और आपातकालीन सहायता सेवाओं के बीच प्रभावी तालमेल बनाए रखा जाए, ताकि जरूरतमंदों को बिना अनावश्यक देरी के चिकित्सा सुविधा मिल सके।
इसके साथ ही अधिकारियों को सड़क सुरक्षा के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने और लोगों को यातायात नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए गए। प्रशासन का जोर सड़क सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं को मजबूत करने के साथ-साथ आम नागरिकों में जिम्मेदार यातायात व्यवहार विकसित करने पर भी रहा।
पीएम राहत योजना के तहत कैशलेस उपचार की प्रक्रिया की जानकारी
बैठक के दौरान सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) डॉ. उदित नारायण पांडेय ने शासन द्वारा संचालित पीएम राहत योजना के अंतर्गत सड़क दुर्घटना पीड़ितों को कैशलेस उपचार उपलब्ध कराने की प्रक्रिया की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए अस्पतालों में उपचार से संबंधित विवरण दर्ज करना, ई-डीएआर पोर्टल पर प्रकरण भेजना तथा पुलिस सत्यापन सहित अन्य आवश्यक प्रक्रियाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करना महत्वपूर्ण है।
इस संबंध में संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई शीघ्र सुनिश्चित करने तथा अस्पतालों एवं विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया गया, ताकि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को समय पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था प्रभावी ढंग से संचालित हो सके।
बैठक में पुलिस, यातायात पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, आबकारी विभाग, लोक निर्माण विभाग, संबंधित विकास प्राधिकरणों, सड़क निर्माण एजेंसियों तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
