शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026

मऊ : कोपागंज अस्पताल में सुरक्षा भगवान भरोसे,महिला डॉक्टर भी नदारद।||Mau: Security at Kopaganj Hospital is left to God's mercy, with even a female doctor missing.||

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मऊ : 
कोपागंज अस्पताल में सुरक्षा भगवान भरोसे,महिला डॉक्टर भी नदारद।।
◆सफाई व्यवस्था बनी मिसाल, लेकिन बुनियादी सुविधाओं की कमी से मरीज परेशान।
।।सतीश कुमार पाण्डेय।।
दो टूक : मऊ जनपद के कोपागंज थाना क्षेत्र अंतर्गत टड़ियाव स्थित 100 बेड के राजकीय अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था की बदहाली से चिकित्सकों, मेडिकल स्टाफ, मरीजों और तीमारदारों में भय का माहौल है। अस्पताल में 24 घंटे इमरजेंसी सेवा संचालित होने के बावजूद सुरक्षा के लिए एक भी गार्ड तैनात नहीं है। ऐसे में रात के समय अस्पताल आने वाले मरीजों और उनके परिजनों के साथ ही ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों की सुरक्षा भी भगवान भरोसे है।
जानकारी के अनुसार, अस्पताल में आए दिन कुछ मनबढ़ किस्म के लोगों द्वारा चिकित्सकों और मेडिकल स्टाफ पर धौंस जमाने तथा दुर्व्यवहार करने की शिकायतें सामने आती रहती हैं। सुरक्षा कर्मियों की तैनाती नहीं होने से ऐसे लोगों पर नियंत्रण करना मुश्किल हो जाता है। इससे अस्पताल परिसर में कभी भी अप्रिय घटना होने की आशंका बनी रहती है। चिकित्सक और कर्मचारी खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
महिला डॉक्टर नहीं, गरीब महिलाओं की बढ़ी मुश्किलें
अस्पताल की एक अन्य गंभीर समस्या महिला चिकित्सक की अनुपलब्धता है। महिला डॉक्टर नहीं होने के कारण क्षेत्र की महिलाओं को इलाज के लिए दूसरे अस्पतालों का रुख करना पड़ता है। इससे खासकर गरीब और जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक बोझ के साथ तमाम परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का सवाल है कि 100 बेड के राजकीय अस्पताल में महिला चिकित्सक की तैनाती तक नहीं होना स्वास्थ्य सेवाओं पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।
सफाई व्यवस्था बनी मिसाल
हालांकि, इन अव्यवस्थाओं के बीच अस्पताल की साफ-सफाई व्यवस्था सराहनीय है। अस्पताल परिसर से लेकर वार्डों तक स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा गया है। सफाई व्यवस्था इतनी बेहतर है कि इसे दूसरे अस्पतालों के लिए मिसाल माना जा सकता है।
स्थानीय लोगों और मरीजों ने शासन-प्रशासन से अस्पताल में तत्काल सुरक्षा गार्डों की तैनाती तथा महिला चिकित्सक की उपलब्धता सुनिश्चित कराने की मांग की है, ताकि मरीजों को सुरक्षित माहौल में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।
◆इस संबंध में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. दिनेश कुमार चंद्रा ने बताया कि महिला चिकित्सक की तैनाती के लिए शासन स्तर पर कई बार पत्र भेजा जा चुका है, लेकिन अभी तक तैनाती नहीं हो सकी है और न ही कोई वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध कराई गई है।