लखनऊ :
खेत बचाओ अभियान,किसानों को संतुलित खाद,जल संरक्षण और प्राकृतिक खेती के बताए गुर।।
दो टूक : लखनऊ के बख्शी का तालाब क्षेत्र में ICAR-NBFGR और कृषि विज्ञान केंद्र की संयुक्त पहल में 40 किसानों सहित 70 लोगों ने भाग लिया।
विस्तार :
राजधानी लखनऊ के बख्शी का तालाब क्षेत्र स्थित दरियापुर गांव में गुरुवार को ‘खेत बचाओ अभियान’ के तहत किसानों को जागरूक किया गया। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद–राष्ट्रीय मत्स्य आनुवंशिक संसाधन ब्यूरो (ICAR-NBFGR) और कृषि विज्ञान केंद्र, भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान (ICAR-ISRI) ने संयुक्त रूप से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर किसानों को टिकाऊ कृषि पद्धतियों, संतुलित उर्वरक उपयोग, मृदा स्वास्थ्य और जल संरक्षण की जानकारी दी।
22 अक्टूबर से 30 नवंबर 2026 तक चलने वाले इस अभियान की शुरुआत केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने हरियाणा के करनाल से की। दरियापुर गांव में आयोजित कार्यक्रम में किसानों ने अभियान का लाइव प्रसारण भी देखा। इसमें 40 किसानों समेत कुल 70 लोगों ने भाग लिया। किसान प्रतिभागियों में 21 पुरुष और 19 महिलाएं शामिल रहीं।
कार्यक्रम में वैज्ञानिकों एवं विशेषज्ञों ने किसानों को मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने, उर्वरकों का संतुलित इस्तेमाल करने, जल संसाधनों का संरक्षण करने और प्राकृतिक खेती अपनाने के संबंध में तकनीकी जानकारी दी। साथ ही वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों और उन्नत तकनीकों के जरिए कृषि उत्पादन बढ़ाने तथा किसानों की आय में वृद्धि करने पर जोर दिया गया।
मत्स्य पालन से बढ़ेंगे आजीविका के अवसर
कार्यक्रम के दौरान कृषि के साथ मत्स्य पालन और जलीय कृषि को आजीविका के वैकल्पिक साधनों के रूप में अपनाने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने बताया कि कृषि एवं मत्स्य पालन से जुड़े नए विकल्प अपनाकर किसान अपनी आय के स्रोतों में विविधता ला सकते हैं। इससे ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में मदद मिल सकती है।
किसानों ने वैज्ञानिक मार्गदर्शन और प्रशिक्षण कार्यक्रमों की सराहना करते हुए कहा कि कृषि अनुसंधान संस्थानों एवं कृषि विज्ञान केंद्रों के सहयोग से उन्हें आधुनिक तकनीकों को समझने और खेती में अपनाने का अवसर मिल रहा है। उन्होंने किसान हित में ऐसे जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाने की आवश्यकता भी जताई।
कार्यक्रम में ICAR-NBFGR के नोडल अधिकारी एवं प्रधान वैज्ञानिक डॉ. शरद कुमार सिंह, वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. संतोष कुमार और वैज्ञानिक डॉ. ताराचंद कुमावत तथा कृषि विज्ञान केंद्र, ICAR-ISRI के कार्यक्रम समन्वयक एवं प्रभारी डॉ. अखिलेश कुमार दुबे, विषय वस्तु विशेषज्ञ (पादप संरक्षण) डॉ. अजय राय और एडीओ राहुल गुप्ता ने किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान किया।
यह संयुक्त पहल वैज्ञानिक कृषि तकनीकों को किसान समुदाय तक पहुंचाने, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, कृषि उत्पादन में सुधार और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
