लखनऊ :
एंटी करप्शन थाने की जमीन पर भू-माफियाओं का कब्जे का दुस्साहस,चार पर केस।।
दो टूक : राजधानी में भू-माफियाओं के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि भ्रष्टाचार निवारण संगठन के प्रस्तावित थाने की जमीन पर ही कब्जे की कोशिश का आरोप सामने आया है। भूमाफियाओं ने बीते शनिवार को थाने की जमीन पर गड्ढा खोदकर बांस गाड़ने और तार लगाने की कोशिश किया। मामले में चार लोगों के खिलाफ पीजीआई थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है।
विस्तार :
भ्रष्टाचार निवारण संगठन, लखनऊ मंडल की इकाई के नए थाने के निर्माण के लिए थाना पीजीआई क्षेत्र ग्राम कल्ली पश्चिम, तहसील सरोजनीनगर स्थित गाटा संख्या 1819 की 0.4850 हेक्टेयर भूमि निर्धारित है। तहरीर के अनुसार, यह जमीन उत्तर प्रदेश शासन के गृह विभाग के अधीन थाने के निर्माण के लिए आवंटित है। राजस्व टीम द्वारा जमीन की पैमाइश कर उसे चिह्नित किया जा चुका है तथा आवास विकास विभाग की ओर से निर्माण कार्य भी शुरू करा दिया गया है।
आरोप है कि 17 अक्टूबर 2026 को सुबह करीब 11:30 बजे अमन राजपाल, अरविंद द्विवेदी, गंगाराम और रामकृष्ण ने कथित तौर पर जमीन पर गड्ढा खोदकर बांस गाड़े और तार लगाकर कब्जा करने का प्रयास किया। मौके पर पहुंचे भ्रष्टाचार निवारण संगठन के चौकी प्रभारी विजेंद्र सिंह को अरविंद द्विवेदी ने कथित तौर पर बताया कि वह अमन राजपाल के कहने पर दो मजदूरों को लगाकर कब्जा कर रहा था।
चौकी प्रभारी की शिकायत पर पीजीआई पुलिस ने रायबरेली निवासी रामकृष्ण, निगोहां क्षेत्र निवासी गंगाराम, अर्जुनगंज के सरसवां निवासी अरविंद द्विवेदी और ट्रांसपोर्ट नगर निवासी अमन राजपाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
जिस जमीन पर भ्रष्टाचार निवारण संगठन के थाने का निर्माण कराया जा रहा है, उसी पर कथित तौर पर कब्जे की कोशिश ने सरकारी भूमि की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। चौकी प्रभारी की तहरीर के मुताबिक, राजस्व टीम पहले ही जमीन की पैमाइश कर सीमांकन कर चुकी थी और निर्माण कार्य भी शुरू हो गया था।
