शनिवार, 24 अक्टूबर 2026

लखनऊ :मिट्टी की सेहत सुधारने के लिए किसानों को किया जागरूक, टिकाऊ खेती पर जोर।||Lucknow:Farmers made aware of improving soil health, emphasis on sustainable farming.||

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लखनऊ :
मिट्टी की सेहत सुधारने के लिए किसानों को किया जागरूक, टिकाऊ खेती पर जोर।
दो टूक : खेतों की उर्वरता बचाने और कृषि को टिकाऊ बनाने के उद्देश्य से विकासखंड माल के ग्राम बरखुरवा में ‘खेत बचाओ अभियान’ चलाया गया। आईसीएआर-राष्ट्रीय मत्स्य आनुवंशिक संसाधन ब्यूरो (एनबीएफजीआर) की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में किसानों को मिट्टी के संरक्षण और बेहतर कृषि प्रबंधन के उपाय बताए गए।
विस्तार : 
खेत बचाओ अभियान के दौरान कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को बताया कि मिट्टी का स्वास्थ्य बेहतर रखना लंबे समय तक अच्छी पैदावार हासिल करने के लिए जरूरी है। इसके लिए खेतों में संतुलित पोषक तत्वों का इस्तेमाल, फसल चक्र अपनाना और दलहनी फसलों की खेती को बढ़ावा देना महत्वपूर्ण है। वैज्ञानिकों ने रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने, जैविक खाद के उपयोग और मृदा परीक्षण के आधार पर खेती करने की सलाह दी।
कार्यक्रम में एनबीएफजीआर के डॉ. मुरली एस. एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. आदित्य कुमार तथा कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके), लखनऊ के विशेषज्ञ डॉ. भूपेंद्र सिंह और डॉ. राम लखन शाक्य ने किसानों को व्यावहारिक जानकारी दी। उन्होंने प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के साथ खेती की उत्पादकता बनाए रखने के तरीकों पर प्रकाश डाला।
अभियान में कुल 66 किसानों ने सहभागिता की। कार्यक्रम के माध्यम से किसानों को संदेश दिया गया कि मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने और प्राकृतिक संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग करने से खेती को अधिक टिकाऊ बनाया जा सकता है।