लखनऊ :
IGRS शिकायत का फर्जी निस्तारण, सवाल करने पर मिला चौकाने वाला उत्तर।।
दो टूक : राजधानी लखनऊ नगर निगम के जोन-8 स्थित जलकल विभाग में IGRS शिकायत के निस्तारण को लेकर सवाल खड़े हुए हैं। शिकायतकर्ता ने अवर अभियंता श्रीमती संगीता यादव पर बिना मौके का निरीक्षण किए और शिकायतकर्ता से बात-चीत किए रिपोर्ट लगाए जाने का आरोप लगाया है। शिकायतकर्ता ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
विस्तार :
मामला नगर निगम लखनऊ के जोन 8 क्षेत्र के मानसरोवर योजना निवासी समाज सेवक जितेन्द्र बहादुर सिंह ने जनहित में मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल (IGRS) पर शिकायत दर्ज कराया था जिसके संबंध में विभाग की ओर से ऐसी रिपोर्ट लगाई गई, जिसमें मामले को व्यक्तिगत बताते हुए कार्य नहीं किए जाने की बात कही गई। शिकायतकर्ता का दावा है कि मौके की वास्तविक स्थिति रिपोर्ट से अलग है। आरोप है कि रिपोर्ट लगाने से पहले न तो स्थलीय निरीक्षण किया गया और न ही शिकायतकर्ता से संपर्क कर वास्तविक स्थिति जानने का प्रयास किया गया।
शिकायतकर्ता समाज सेवक जितेन्द्र बहादुर का कहना है कि जब उन्होंने इस संबंध में अवर अभियंता संगीता यादव से बातचीत की तो उन्होंने रिपोर्ट स्वयं लगाए जाने से इनकार करते हुए निचले स्तर के कर्मचारी द्वारा रिपोर्ट लगाए जाने की बात कही। इस कथित बातचीत के आधार पर शिकायतकर्ता ने विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।
मामले में सबसे अहम सवाल यह है कि यदि शिकायत का स्थलीय सत्यापन नहीं हुआ, तो रिपोर्ट किन तथ्यों और आधारों पर तैयार की गई? क्या केवल कर्मचारियों के विश्वास पर शिकायत का निस्तारण कर दिया जाएगा, या वास्तव में मौके की स्थिति की जांच की गई?
शिकायतकर्ता ने संबंधित अधिकारी की बातचीत का ऑडियो और शिकायत पर लगाई गई रिपोर्ट की प्रति सोशल मीडिया पर वायरल कर उच्चाधिकारियों से पूरे प्रकरण का संज्ञान लेकर स्थलीय जांच कराने, शिकायतकर्ता का पक्ष सुनने और रिपोर्ट की निष्पक्ष समीक्षा करने की मांग की है।
शिकायतकर्ता ने कहा कि यदि जांच में रिपोर्ट तथ्यहीन या वास्तविक स्थिति के विपरीत पाई जाती है तो संबंधित जिम्मेदारों की जवाबदेही तय कर नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
अब निगाहें विभागीय अधिकारियों पर हैं कि वे शिकायत के आरोपों की जांच कराते हैं या मामला फाइलों तक ही सीमित रह जाता है।
●अवर अभियंता श्रीमती संगीता ने कहा कि हर जगह पहुचना संभव नही है इसलिए मतहत कर्मियों की मदद से रिपोर्ट लगाई गई है।
