गौतमबुद्धनगर: जेवर एयरपोर्ट के मुआवजे की रकम पर संकट! किसी की FD टूटी तो किसी के खाते से पैसे दूसरे खातों में पहुंचे, किसानों ने बैंक के बाहर किया हंगामा!!
ग्रेटर नोएडा के PNB में 35 करोड़ रुपये के कथित घोटाले से हड़कंप, करीब 20 शिकायतें पुलिस तक पहुंचीं; बैंककर्मियों की भूमिका पर भी उठ रहे सवाल
दो टूक//ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा में पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की शाखा में खाताधारकों के करोड़ों रुपये कथित तौर पर गायब होने का मामला सामने आने से हड़कंप मच गया है। बैंक में करीब 35 करोड़ रुपये के कथित घोटाले का आरोप लगाया जा रहा है। आरोप है कि खाताधारकों की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) तोड़कर रकम दूसरे लोगों के खातों में ट्रांसफर कर दी गई। इस मामले में सबसे अधिक चिंता उन किसानों को लेकर है, जिन्होंने जेवर एयरपोर्ट के लिए जमीन अधिग्रहण के बदले करोड़ों रुपये का मुआवजा प्राप्त किया था। किसानों का आरोप है कि उनके खातों से बिना जानकारी के रकम दूसरे खातों में पहुंचा दी गई। मामले के सामने आने के बाद किसानों में आक्रोश है और बैंक की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक, मामला ग्रेटर नोएडा के ऐच्छर गांव स्थित पंजाब नेशनल बैंक की शाखा से जुड़ा बताया जा रहा है। पाई-1 क्षेत्र में स्थित बैंक शाखा में बड़ी संख्या में किसानों और अन्य लोगों के खाते हैं। आरोप है कि कई खाताधारकों की जमा पूंजी से छेड़छाड़ की गई। किसी की एफडी तोड़ दी गई, तो किसी के खाते से रकम दूसरे खातों में ट्रांसफर कर दी गई। खाताधारकों का कहना है कि कई मामलों में उनके मोबाइल फोन पर लेनदेन का मैसेज तक नहीं आया। ऐसे में उन्हें अपने खातों से रकम निकलने या ट्रांसफर होने की जानकारी समय पर नहीं मिल सकी।
जेवर एयरपोर्ट के मुआवजे की रकम को लेकर किसानों में चिंता
जेवर एयरपोर्ट के निर्माण के लिए जमीन अधिग्रहण के दौरान क्षेत्र के अनेक किसानों को बड़ी रकम मुआवजे के रूप में मिली थी। इनमें से कई किसानों ने अपनी रकम सुरक्षित रखने के लिए बैंक खातों और एफडी में जमा कराई थी। अब खातों से कथित तौर पर रकम दूसरे खातों में ट्रांसफर होने की शिकायतों ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। किसानों का आरोप है कि जमीन के बदले मिली मुआवजे की रकम पर संकट खड़ा हो गया है। हालांकि, कितने खाताधारकों की कितनी रकम प्रभावित हुई है, इसका सही आंकड़ा जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
बैंक के बाहर किसानों का हंगामा, पुलिस तक पहुंचीं शिकायतें
मामले को लेकर ग्रेटर नोएडा के बीटा-2 थाना क्षेत्र में स्थित बैंक के बाहर किसानों के हंगामे की जानकारी सामने आई है। खाताधारक अपनी रकम के बारे में जानकारी और समाधान की मांग कर रहे हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस मामले में पुलिस को अब तक करीब 20 शिकायतें या प्रार्थना पत्र मिलने की बात कही जा रही है। आशंका जताई जा रही है कि शिकायत करने वाले खाताधारकों की संख्या 50 से अधिक हो सकती है। हालांकि, शिकायतों की वास्तविक संख्या और प्रभावित खातों का ब्योरा संबंधित अधिकारियों की पुष्टि के बाद ही स्पष्ट होगा।
बैंककर्मियों की भूमिका पर उठ रहे सवाल
खातों से कथित तौर पर रकम ट्रांसफर होने और एफडी तोड़े जाने की शिकायतों के बाद बैंककर्मियों की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि, अभी तक किसी बैंककर्मी की संलिप्तता आधिकारिक रूप से साबित नहीं हुई है। जांच में यह पता लगाना महत्वपूर्ण होगा कि रकम किस प्रक्रिया के तहत ट्रांसफर हुई, संबंधित लेनदेन किसने अधिकृत किए और खाताधारकों को इसकी सूचना क्यों नहीं मिली। बैंक के रिकॉर्ड, लेनदेन का विवरण, एफडी तोड़ने से संबंधित दस्तावेज और रकम प्राप्त करने वाले खातों की जांच से मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
बैंक और पुलिस की जांच पर टिकी निगाहें
फिलहाल मामले में बैंक और पुलिस स्तर पर जांच किए जाने की जानकारी सामने आई है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि वास्तव में कितनी रकम प्रभावित हुई, कितने खाताधारक इस मामले से जुड़े हैं और कथित अनियमितताओं के पीछे किन लोगों की भूमिका रही है। यदि खाताधारकों के आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह मामला बैंकिंग व्यवस्था में ग्राहकों की जमा पूंजी की सुरक्षा और लेनदेन की निगरानी से जुड़े गंभीर सवाल खड़े कर सकता है।
करीब 35 करोड़ रुपये के कथित घोटाले का आरोप सामने आने के बाद किसानों और अन्य खाताधारकों को अपनी रकम वापस मिलने की उम्मीद है। अब सबकी निगाहें जांच पर टिकी हैं। जांच से यह स्पष्ट हो सकेगा कि खातों से रकम कैसे और किन परिस्थितियों में ट्रांसफर हुई तथा यदि किसी स्तर पर अनियमितता पाई जाती है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है। फिलहाल 35 करोड़ रुपये की रकम और पूरे मामले की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।
