गौतमबुद्धनगर: पौधों की शत-प्रतिशत जियो-टैगिंग और सड़कों की धूल पर नियंत्रण के निर्देश, यमुना-हिंडन की स्वच्छता पर भी जोर!!
सीडीओ भाल चंद्र त्रिपाठी ने जिला वृक्षारोपण, पर्यावरण और गंगा समिति की बैठक में की कार्यों की समीक्षा, पौधों की जीवितता जांचने और निर्माण मलबे के वैज्ञानिक निस्तारण के दिए निर्देश
दो टूक//गौतमबुद्धनगर, 12 अक्टूबर 2026। जनपद में पर्यावरण संरक्षण, वायु प्रदूषण पर नियंत्रण, वृक्षारोपण अभियान की निगरानी और नदियों की स्वच्छता को लेकर मुख्य विकास अधिकारी भाल चंद्र त्रिपाठी ने संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में उनकी अध्यक्षता में जिला वृक्षारोपण समिति, जिला गंगा समिति और जिला पर्यावरण समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में वृक्षारोपण वर्ष 2026-27 के तहत पौधों की जियो-टैगिंग, रोपित पौधों की जीवितता, सड़कों की सफाई, निर्माण कार्यों के बाद सड़क मरम्मत तथा कचरे के समुचित निस्तारण सहित पर्यावरण से जुड़े विभिन्न मुद्दों की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में प्रभागीय वन अधिकारी रजनीकांत मित्तल ने संबंधित समितियों के अंतर्गत संचालित कार्यों और वृक्षारोपण वर्ष 2026-27 में विभिन्न विभागों द्वारा की जा रही जियो-टैगिंग की प्रगति से मुख्य विकास अधिकारी को अवगत कराया।
पौधों की जियो-टैगिंग शत-प्रतिशत कराने के निर्देश
वृक्षारोपण कार्यों की समीक्षा करते हुए मुख्य विकास अधिकारी ने निर्देश दिए कि रोपित पौधों की जियो-टैगिंग शत-प्रतिशत पूरी कराई जाए। इसके साथ ही पौधों की वास्तविक स्थिति और जीवितता का नियमित सत्यापन किया जाए। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को वृक्षारोपण अभियान की लगातार निगरानी करने तथा पौधों के संरक्षण, सिंचाई और रखरखाव पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि वृक्षारोपण के साथ-साथ पौधों को सुरक्षित रखना और उनके विकास की निगरानी करना भी जरूरी है।
सड़कों की धूल पर नियंत्रण के लिए प्रभावी स्वीपिंग पर जोर
जिला पर्यावरण समिति की बैठक में वायु प्रदूषण नियंत्रण के उपायों की समीक्षा की गई। मुख्य विकास अधिकारी ने जनपद में संचालित मैकेनिकल स्वीपिंग मशीनों की कार्यप्रणाली और सड़कों की साफ-सफाई व्यवस्था का जायजा लेते हुए संबंधित प्राधिकरणों एवं विभागों को नियमित सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि सड़कों पर जमा धूल और अन्य सामग्री को समय से हटाया जाए तथा मैकेनिकल स्वीपिंग मशीनों का प्रभावी ढंग से संचालन किया जाए। सड़कों की सफाई में लापरवाही न बरती जाए, ताकि धूल से होने वाले प्रदूषण को कम करने के साथ ही आमजन को स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।
खुदाई के बाद तत्काल हो सड़कों की मरम्मत
बैठक में विद्युत विभाग सहित विभिन्न एजेंसियों द्वारा विकास कार्यों के दौरान सड़कों की खुदाई और उसके बाद मरम्मत की स्थिति की भी समीक्षा की गई। मुख्य विकास अधिकारी ने निर्देश दिए कि कार्य पूरा होते ही खोदी गई सड़कों की गुणवत्तापूर्ण मरम्मत कराई जाए। सड़क मरम्मत में अनावश्यक देरी से आमजन को परेशानी होती है और धूल उड़ने से वायु प्रदूषण भी बढ़ता है। ऐसे में संबंधित एजेंसियां समयबद्ध तरीके से कार्य पूरा करें और निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित करें।
कचरे और निर्माण मलबे का वैज्ञानिक निस्तारण अनिवार्य
मुख्य विकास अधिकारी ने हॉर्टीकल्चर वेस्ट, निर्माण एवं विध्वंस अपशिष्ट (सीएंडडी वेस्ट) तथा नगर निकायों से निकलने वाले ठोस कचरे के निस्तारण की भी समीक्षा की। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्धारित मानकों के अनुरूप कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थलों, सड़कों और अन्य स्थानों पर कूड़ा या निर्माण मलबा जमा नहीं होने दिया जाए। स्वच्छता व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने के साथ प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े दिशा-निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन किया जाए, जिससे पर्यावरण को होने वाले नुकसान को कम किया जा सके।
यमुना और हिंडन की स्वच्छता पर विशेष ध्यान
जिला गंगा समिति की समीक्षा के दौरान यमुना और हिंडन नदियों की स्वच्छता एवं संरक्षण से संबंधित कार्यों की प्रगति पर चर्चा की गई। मुख्य विकास अधिकारी ने नदियों में गिरने वाले अनुपचारित नालों के पानी का उपचार कराने और जल प्रदूषण की रोकथाम के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
उन्होंने नदियों और नालों में ठोस अपशिष्ट के निस्तारण की अद्यतन स्थिति उपलब्ध कराने के साथ नदी तटों की नियमित साफ-सफाई और संरक्षण कार्यों को प्राथमिकता देने को कहा। उन्होंने राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) और शासन द्वारा निर्धारित पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ने संबंधित विभागों और एजेंसियों से पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, वृक्षारोपण तथा प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े कार्यों को गंभीरता से लेने पर जोर दिया। बैठक में प्रभागीय वन अधिकारी रजनीकांत मित्तल सहित संबंधित प्राधिकरणों, नगर निकायों, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।।
