शुक्रवार, 9 अक्टूबर 2026

गौतमबुद्धनगर: किसानों की आवाज दबाने की कोशिश बर्दाश्त नहीं, अधिकारों के लिए जारी रहेगा संघर्ष: अशोक भाटी

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गौतमबुद्धनगर: किसानों की आवाज दबाने की कोशिश बर्दाश्त नहीं, अधिकारों के लिए जारी रहेगा संघर्ष: अशोक भाटी

 !!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!

सलारपुर में भाकियू जिलाध्यक्ष के आवास पर पुलिस की पहरेदारी का दावा, 10 अक्टूबर को दिल्ली प्रदर्शन में शामिल होने का ऐलान

दो टूक//नोएडा/सलारपुर, 9 अक्टूबर। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत के दिल्ली कूच के आह्वान के बाद गौतमबुद्ध नगर में भी हलचल तेज हो गई है। भाकियू गौतमबुद्ध नगर के जिलाध्यक्ष अशोक भाटी ने आरोप लगाया कि देर रात सलारपुर स्थित उनके आवास ‘श्री कृष्णा भवन’ पर पुलिस प्रशासन ने पहरेदारी कर दी। इस घटनाक्रम के बाद किसान संगठन के कार्यकर्ताओं और स्थानीय ग्रामीणों में नाराजगी देखने को मिली।

अशोक भाटी ने कहा कि लोकतंत्र में किसानों की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। किसान अपने अधिकारों और जायज मांगों के लिए संघर्ष करने से पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस की पहरेदारी से किसानों के हौसले और उनके आंदोलन के संकल्प को कमजोर नहीं किया जा सकता। किसानों की समस्याओं का समाधान संवाद और ठोस कार्रवाई से होना चाहिए, न कि उनकी आवाज को रोकने के प्रयासों से।

10 अक्टूबर के प्रदर्शन में शामिल होंगे किसान

अशोक भाटी ने बताया कि भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय नेतृत्व की ओर से 10 अक्टूबर को दिल्ली कूच के आह्वान का वह समर्थन करते हैं। उन्होंने कहा कि संगठन के कार्यकर्ता दिल्ली में होने वाले प्रदर्शन में शामिल होंगे। इसके साथ ही जिला मुख्यालय पर भी प्रदर्शन कर माननीय राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा।

उन्होंने कहा कि किसानों और युवाओं से जुड़े मुद्दों को गंभीरता से उठाना जरूरी है। सरकार को उनकी समस्याओं पर संवेदनशीलता दिखाते हुए समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए। शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना लोकतांत्रिक अधिकार है और अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाना हर नागरिक का अधिकार है।

आवास पर समर्थकों का जमावड़ा, ग्रामीणों से शांति बनाए रखने की अपील

सलारपुर स्थित अशोक भाटी के आवास पर पुलिस की मौजूदगी की जानकारी मिलने के बाद ग्रामीणों और समर्थकों में नाराजगी देखी गई। सुबह से ही उनके आवास पर लोगों का पहुंचना शुरू हो गया। इस दौरान अशोक भाटी ने ग्रामीणों और समर्थकों से शांति बनाए रखने तथा आपसी एकजुटता कायम रखने की अपील की।

उन्होंने कहा कि दिल्ली कूच का आह्वान 10 अक्टूबर के लिए किया गया है। किसान अपने अधिकारों और मांगों को लेकर एकजुट हैं। उन्होंने दोहराया कि पहरेदारी या किसी अन्य दबाव से किसानों की एकजुटता और उनके संकल्प को कमजोर नहीं किया जा सकता।

अशोक भाटी ने कहा कि किसान देश की अर्थव्यवस्था और खाद्य सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में किसानों की समस्याओं को प्राथमिकता से सुना जाना चाहिए। उन्होंने युवाओं के भविष्य और किसानों के हितों से जुड़े मुद्दों पर सरकार से गंभीरता के साथ विचार करने की मांग की।

किसान आंदोलन को लेकर क्षेत्र में बढ़ी हलचल

दिल्ली कूच के आह्वान के बाद सलारपुर में हुए इस घटनाक्रम ने किसान संगठन की गतिविधियों को लेकर क्षेत्र में चर्चा तेज कर दी है। अशोक भाटी ने कार्यकर्ताओं से अनुशासन बनाए रखने और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने का आह्वान किया। संगठन की ओर से 10 अक्टूबर को दिल्ली में प्रदर्शन में भाग लेने और जिला मुख्यालय पर ज्ञापन सौंपने की तैयारी की बात कही गई है।

इस दौरान सिंहराज गुर्जर, योगेश भाटी, सोमेश भारद्वाज, मदन भाटी, धर्मेंद्र भाटी, विजेंद्र भड़ाना, विकल मावी, मनोज त्यागी, बलजीत भड़ाना, दुष्यंत शर्मा, सुशील कुमार, सोनू यादव और तोहिद खान सहित कई अन्य लोग मौजूद रहे।