बुधवार, 14 अक्टूबर 2026

गौतमबुद्धनगर: नोएडा में एक करोड़ रुपये का गांजा बरामद, अंतरराज्यीय तस्करी गिरोह का भंडाफोड़; तीन गिरफ्तार!!

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गौतमबुद्धनगर: नोएडा में एक करोड़ रुपये का गांजा बरामद, अंतरराज्यीय तस्करी गिरोह का भंडाफोड़; तीन गिरफ्तार!!

 !!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!

ट्रक में गुप्त कैविटी बनाकर भुवनेश्वर से लाते थे गांजा, दिल्ली में थोक और फुटकर में करते थे सप्लाई; तस्करी में इस्तेमाल ट्रक और कार भी बरामद

दो टूक//ग्रेटर नोएडा, 14 अक्टूबर 2026। गौतमबुद्धनगर कमिश्नरेट पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरराज्यीय गांजा तस्करी गिरोह का पर्दाफाश किया है। थाना बादलपुर पुलिस और एंटी नारकोटिक्स टीम की संयुक्त कार्रवाई में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 165 किलो 700 ग्राम अवैध गांजा बरामद किया है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब एक करोड़ रुपये बताई गई है। तस्करी में इस्तेमाल किया जा रहा एक ट्रक, एक कार, चार मोबाइल फोन, 1,980 रुपये नकद और एक बैंक कार्ड भी बरामद किया गया है।

पुलिस के अनुसार, 14 अक्टूबर को स्थानीय अभिसूचना और गोपनीय सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपियों को कूड़ी खेड़ा मोड़ के पास दादरी से लालकुआं की ओर जाने वाली सड़क से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान दिनेश पाल, समीर कुमार और रवि कुमार साहनी के रूप में हुई है। पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और तस्करी के नेटवर्क के संबंध में जानकारी जुटा रही है।

ट्रक में गुप्त कैविटी बनाकर छिपाते थे गांजा

पुलिस की प्रारंभिक जांच में तस्करी का तरीका भी सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी रवि कुमार साहनी गांजा भुवनेश्वर से ट्रक में लोड करके लाता था। गांजे को पुलिस की चेकिंग से बचाने के लिए ट्रक में विशेष रूप से गुप्त कैविटी बनाई गई थी, जिसमें मादक पदार्थ छिपाकर ले जाया जाता था। इस गुप्त स्थान को दिनेश पाल ने करीब दो महीने पहले बनवाया था।

पुलिस के अनुसार, गांजा दिल्ली पहुंचने के बाद दिनेश पाल और समीर कुमार के माध्यम से बेचा जाता था। आरोपी कथित तौर पर गांजे की थोक और फुटकर दोनों स्तरों पर बिक्री कर मुनाफा कमाते थे। इस तरह गिरोह दूसरे राज्यों से गांजा लाकर दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में उसकी सप्लाई करने में संलिप्त था।

दिनेश पाल को बताया जा रहा गिरोह का सरगना

पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों में दिनेश पाल को गिरोह का सरगना बताया गया है। वह दिल्ली में रहकर वाहन चलाता था। पुलिस ने बताया कि दिनेश पाल वर्ष 2021 में गांजे की तस्करी से जुड़े एक मामले में करीब ढाई क्विंटल गांजे की बरामदगी के बाद गिरफ्तार हुआ था और लगभग 15 महीने जेल में रहा था। पुलिस अब उसके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और गिरोह की गतिविधियों की जांच कर रही है।

बिहार के रहने वाले हैं तीनों आरोपी

गिरफ्तार आरोपियों में दिनेश पाल पुत्र जय नाथ पाल, निवासी संजय कॉलोनी, भाटी माइंस, थाना फतेहपुर बेरी, दक्षिण दिल्ली, मूल निवासी बिहार के कैमूर जिले के रतवार गांव का रहने वाला है। उसकी उम्र करीब 42 वर्ष बताई गई है।

दूसरा आरोपी समीर कुमार पुत्र केशो मंडल, निवासी शिश महल पार्क, शालीमार गांव, उत्तर-पश्चिम दिल्ली, मूल निवासी बिहार के मुंगेर जिले के टेगड़ा गांव का रहने वाला है। उसकी उम्र करीब 47 वर्ष है।

तीसरा आरोपी रवि कुमार साहनी पुत्र मनोज साहनी, निवासी केरया डीह गांव, थाना कुढनी, जिला मुजफ्फरपुर, बिहार का रहने वाला है। उसकी उम्र करीब 33 वर्ष बताई गई है।

एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज

इस मामले में थाना बादलपुर में मुकदमा अपराध संख्या 317/2026 के तहत एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20/29/60 में अभियोग पंजीकृत किया गया है। पुलिस बरामद गांजे के स्रोत, तस्करी में शामिल अन्य लोगों और मादक पदार्थों की सप्लाई से जुड़े नेटवर्क की पड़ताल कर रही है।

थाना बादलपुर पुलिस और एंटी नारकोटिक्स टीम की इस कार्रवाई को मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है। करीब एक करोड़ रुपये कीमत के गांजे की बरामदगी से तस्करी के इस नेटवर्क पर बड़ा प्रहार हुआ है।