शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2026

गौतमबुद्धनगर: आपदा से निपटने के लिए तैयार होंगी स्वयं सहायता समूह की महिलाएं, कलेक्ट्रेट में दिया जा रहा विशेष प्रशिक्षण!!

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गौतमबुद्धनगर: आपदा से निपटने के लिए तैयार होंगी स्वयं सहायता समूह की महिलाएं, कलेक्ट्रेट में दिया जा रहा विशेष प्रशिक्षण!!

 !!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!

द्वितीय दिवस करीब 50 महिलाओं ने लिया प्रशिक्षण, एनडीआरएफ, अग्निशमन और स्वास्थ्य विभाग के विशेषज्ञों ने सिखाए बचाव एवं राहत के तरीके

दो टूक//गौतमबुद्धनगर, 16 अक्टूबर 2026। आपदा के समय स्वयं और दूसरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ राहत एवं बचाव कार्यों में प्रभावी भूमिका निभाने के उद्देश्य से गौतमबुद्धनगर में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को प्रशिक्षित किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, लखनऊ और जिलाधिकारी गौतमबुद्धनगर के निर्देशों के क्रम में जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से आयोजित तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के दूसरे दिन करीब 50 महिलाओं ने प्रतिभाग किया। कलेक्ट्रेट स्थित आपदा प्रशिक्षण हॉल में आयोजित इस कार्यक्रम में महिलाओं को आपदा प्रबंधन, अग्निकांड से बचाव, प्राथमिक चिकित्सा और आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई के महत्वपूर्ण गुर सिखाए गए।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में खंड विकास अधिकारी अंकित कुमार सिंह की उपस्थिति में विभिन्न विभागों के विशेषज्ञों ने महिलाओं को आपदा से बचाव और राहत कार्यों के व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी दी। इसका मुख्य उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को आपदा प्रबंधन के प्रति जागरूक करने के साथ उनकी क्षमताओं को विकसित करना है, ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति में वे अपने परिवार और आसपास के लोगों की सुरक्षा में मददगार साबित हो सकें।

एनडीआरएफ, अग्निशमन और स्वास्थ्य विभाग ने दिए महत्वपूर्ण टिप्स

प्रशिक्षण के दौरान राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), अग्निशमन विभाग और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने अपने-अपने विषयों से संबंधित जानकारी साझा की। महिलाओं को बताया गया कि आग लगने, प्राकृतिक आपदा या अन्य आपातकालीन परिस्थितियों में किस प्रकार सावधानी बरतनी चाहिए और किस तरह समय रहते उचित कदम उठाकर नुकसान को कम किया जा सकता है।

प्रतिभागियों को अग्निकांड से सुरक्षा, प्राथमिक चिकित्सा और बुनियादी जीवन रक्षक कौशल के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही, आपदा के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों में अपनाई जाने वाली जरूरी प्रक्रियाओं और सुरक्षा उपायों से भी अवगत कराया गया। प्रशिक्षण को अधिक प्रभावी बनाने के लिए आपदा प्रबंधन से संबंधित वीडियो और सूचना, शिक्षा एवं संचार (आईईसी) सामग्री का भी उपयोग किया गया।

आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई और सामुदायिक सहभागिता पर जोर

प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को समझाया गया कि आपदा की स्थिति में घबराने के बजाय सतर्कता, सूझबूझ और सही जानकारी के आधार पर कार्रवाई करना बेहद जरूरी है। मास्टर ट्रेनरों के मार्गदर्शन में आयोजित गतिविधियों के माध्यम से उन्हें आपदा प्रबंधन के व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी दी गई, जिससे वे स्वयं को सुरक्षित रखने के साथ जरूरत पड़ने पर अन्य लोगों की सहायता भी कर सकें।

कार्यक्रम में सामुदायिक सहभागिता के महत्व पर विशेष जोर दिया गया। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं गांवों और स्थानीय समुदायों में लोगों को जागरूक करने में अहम भूमिका निभा सकती हैं। ऐसे में उन्हें आपदा से पहले तैयारी करने, जोखिमों को पहचानने और आपातकालीन परिस्थितियों में उचित कदम उठाने के लिए प्रशिक्षित करना महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

आपदा जोखिम न्यूनीकरण में महिलाओं की भूमिका होगी मजबूत

जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की यह पहल सामुदायिक स्तर पर आपदा से निपटने की तैयारियों को मजबूत करने और जनसहभागिता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। प्रशिक्षण के माध्यम से महिलाओं को जागरूक और सक्षम बनाकर आपदा के समय राहत एवं बचाव कार्यों में उनकी भागीदारी बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।

तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के आगामी दिवस में भी प्रतिभागियों को आपदा प्रबंधन से जुड़े विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसका उद्देश्य महिलाओं को इस तरह तैयार करना है कि वे किसी भी संकट की घड़ी में न केवल अपनी सुरक्षा कर सकें, बल्कि जरूरतमंद लोगों की सहायता करने और अपने समुदाय को सुरक्षित रखने में भी योगदान दे सकें।

कार्यक्रम में मास्टर ट्रेनर अजय पंवार, विजयपाल सिंह और श्रीयांश चतुर्वेदी, लेखाकार अभिषेक चौहान सहित एनडीआरएफ, अग्निशमन एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, प्रशिक्षक और अन्य संबंधित कर्मचारी उपस्थित रहे। प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन जिला आपदा विशेषज्ञ ओमकार चतुर्वेदी द्वारा किया जा रहा है।।