मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026

गौतमबुद्धनगर: नोएडा के ओपन जिम बदहाल, करोड़ों की सार्वजनिक संपत्ति के रखरखाव पर उठे सवाल!!

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गौतमबुद्धनगर: नोएडा के ओपन जिम बदहाल, करोड़ों की सार्वजनिक संपत्ति के रखरखाव पर उठे सवाल!!

 !!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!

अधिवक्ता रणपाल अवाना ने नोएडा प्राधिकरण के सीईओ से की सभी ओपन जिम के निरीक्षण, मरम्मत और नियमित रखरखाव की मांग

दो टूक//नोएडा, 27 अक्टूबर। नोएडा में नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विभिन्न सेक्टरों के पार्कों और सार्वजनिक स्थलों पर स्थापित ओपन जिम की बदहाल स्थिति को लेकर सवाल उठने लगे हैं। शहर के कई स्थानों पर व्यायाम उपकरणों के क्षतिग्रस्त होने और नियमित रखरखाव के अभाव की शिकायतों के बीच कानूनी विकास मंच ने नोएडा प्राधिकरण का ध्यान इस ओर आकर्षित किया है। मंच के अध्यक्ष एवं सर्वोच्च न्यायालय के अधिवक्ता रणपाल अवाना ने प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) से शहर के सभी ओपन जिम का स्थलीय निरीक्षण कराकर उनकी मरम्मत और नियमित देखरेख सुनिश्चित करने की मांग की है।

अधिवक्ता रणपाल अवाना ने कहा कि ओपन जिम स्थापित करने का उद्देश्य शहरवासियों को निःशुल्क व्यायाम की सुविधा उपलब्ध कराना था, ताकि युवा, महिलाएं, वरिष्ठ नागरिक और अन्य निवासी अपने आसपास ही नियमित व्यायाम कर सकें। इससे लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रोत्साहन मिलने के साथ ही स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता भी बढ़ती है। लेकिन यदि इन सार्वजनिक सुविधाओं की स्थापना के बाद उनका उचित रखरखाव नहीं किया जाता, तो उनका मूल उद्देश्य ही प्रभावित होता है।

क्षतिग्रस्त उपकरणों से हादसे का खतरा

अधिवक्ता अवाना ने कहा कि ओपन जिम में लगे उपकरणों का खराब होना केवल असुविधा का विषय नहीं है, बल्कि इससे व्यायाम करने वाले लोगों की सुरक्षा भी प्रभावित हो सकती है। टूटे हुए या खराब उपकरणों का इस्तेमाल करने से नागरिकों को चोट लगने का खतरा बना रहता है। ऐसे में प्राधिकरण को इस मामले में गंभीरता दिखाते हुए समयबद्ध कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक धन से तैयार की गई सुविधाओं को सुरक्षित और उपयोगी बनाए रखना संबंधित विभागों की जिम्मेदारी है।

सभी सेक्टरों के ओपन जिम का सर्वे कराने की मांग

कानूनी विकास मंच ने नोएडा प्राधिकरण से मांग की है कि शहर के सभी सेक्टरों और सार्वजनिक पार्कों में स्थापित ओपन जिम का व्यापक सर्वेक्षण कराया जाए। इस दौरान प्रत्येक ओपन जिम में उपलब्ध उपकरणों की स्थिति, उनकी उपयोगिता और सुरक्षा का आकलन किया जाए। जो उपकरण खराब या टूट चुके हैं, उनकी तत्काल मरम्मत कराई जाए। वहीं, मरम्मत होने तक असुरक्षित उपकरणों के इस्तेमाल पर रोक लगाई जाए, ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना की आशंका न रहे।

रखरखाव के लिए जिम्मेदार एजेंसी तय हो

अधिवक्ता रणपाल अवाना ने कहा कि ओपन जिम की देखरेख के लिए संबंधित विभाग या जिम्मेदार एजेंसी निर्धारित की जानी चाहिए। उपकरणों की नियमित जांच, समय पर मरम्मत और सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, रखरखाव की जिम्मेदारी निभाने वाली एजेंसियों के कार्यों की समीक्षा भी होनी चाहिए, ताकि सार्वजनिक सुविधाओं की उपेक्षा की स्थिति में जवाबदेही तय की जा सके।

उन्होंने यह भी मांग की कि प्रत्येक ओपन जिम पर संबंधित विभाग या एजेंसी का संपर्क विवरण प्रदर्शित किया जाए। इसके साथ ही ऐसी व्यवस्था विकसित की जाए, जिसके माध्यम से नागरिक खराब उपकरणों और रखरखाव से संबंधित समस्याओं की शिकायत दर्ज करा सकें। शिकायतों के निस्तारण की नियमित निगरानी भी होनी चाहिए, ताकि लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए भटकना न पड़े।

जनहित में खर्च धन के सदुपयोग पर जोर

अधिवक्ता अवाना ने कहा कि ओपन जिम की बदहाल स्थिति का मुद्दा केवल व्यायाम उपकरणों की मरम्मत तक सीमित नहीं है। यह नागरिकों के स्वास्थ्य, सार्वजनिक सुविधाओं की गुणवत्ता और जनहित में खर्च किए गए धन के उचित उपयोग से भी जुड़ा है। सार्वजनिक स्थलों पर सुविधाएं विकसित करने के साथ-साथ उनका लंबे समय तक उपयोगी बने रहना भी जरूरी है।

उन्होंने नोएडा प्राधिकरण के सीईओ से मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी ओपन जिम की स्थिति की समीक्षा कराने, आवश्यक मरम्मत करवाने और नियमित रखरखाव की प्रभावी व्यवस्था लागू करने की अपील की। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्राधिकरण की ओर से शीघ्र कार्रवाई की जाएगी, जिससे शहरवासियों को सुरक्षित, सुचारु और बेहतर ओपन जिम की सुविधा मिल सके।।