गौतमबुद्धनगर: ग्रेटर नोएडा की कंपनी में महिला कर्मचारियों के यौन उत्पीड़न का आरोप, वीडियो वायरल; सीएम योगी से न्याय की गुहार!!
छह महीने से गलत व्यवहार किए जाने का महिलाओं ने लगाया आरोप, आरोपी को गिरफ्तार कर छोड़ने और दोबारा कंपनी पहुंचने का दावा
दो टूक//ग्रेटर नोएडा। कासना थाना क्षेत्र स्थित शिंगसंग कंपनी में महिला कर्मचारियों के कथित यौन उत्पीड़न और गलत व्यवहार का मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में कुछ महिलाएं रोते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से न्याय की गुहार लगाती नजर आ रही हैं। महिलाओं ने कंपनी में पिछले छह महीनों से कथित तौर पर उनके साथ गलत व्यवहार किए जाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले को लेकर सामने आए दावों ने कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा और शिकायतों पर कार्रवाई को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
छह महीने से उत्पीड़न किए जाने का आरोप
शिकायतकर्ता महिलाओं का आरोप है कि कंपनी में उनके साथ पिछले करीब छह महीनों से यौन उत्पीड़न और अनुचित व्यवहार किया जा रहा था। महिलाओं का दावा है कि उन्होंने इस संबंध में आवाज उठाई, लेकिन उन्हें न्याय मिलने के बजाय दबाव का सामना करना पड़ा। वायरल वीडियो में महिलाएं अपनी पीड़ा जाहिर करते हुए मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप करने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करती दिखाई दे रही हैं।
आरोपी की गिरफ्तारी और रिहाई को लेकर भी सवाल
महिलाओं की ओर से किए गए दावे के मुताबिक, इस मामले में आरोपी सीनियर अनीस को करीब 20 दिन पहले गिरफ्तार किया गया था। हालांकि, शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि गिरफ्तारी के बाद उसी शाम उसे छोड़ दिया गया। महिलाओं ने यह भी दावा किया है कि आरोपी अब दोबारा कंपनी पहुंच गया है। इन आरोपों के सामने आने के बाद मामले में हुई कथित कार्रवाई और शिकायतों की स्थिति को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
आवाज उठाने पर दबाव बनाने का आरोप
शिकायतकर्ता महिलाओं ने आरोप लगाया है कि गलत व्यवहार के खिलाफ आवाज उठाने पर उन पर दबाव बनाया गया। उनका कहना है कि वे मामले में निष्पक्ष जांच और न्याय चाहती हैं, ताकि कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके और किसी अन्य महिला को ऐसी परिस्थितियों का सामना न करना पड़े।
पुलिस के आधिकारिक पक्ष का इंतजार
फिलहाल, सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और महिलाओं की ओर से लगाए गए आरोपों के संबंध में पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है। आरोपी की गिरफ्तारी, कथित रिहाई और दोबारा कंपनी पहुंचने के दावों की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में मामले के सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच और संबंधित पक्षों का बयान सामने आना महत्वपूर्ण है।
महिलाओं की सुरक्षा और कार्यस्थल पर सम्मानजनक माहौल सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है। अब निगाहें पुलिस की कार्रवाई पर टिकी हैं कि शिकायतों की जांच कर तथ्यों के आधार पर आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।।
