सोमवार, 19 अक्टूबर 2026

लखनऊ :रिटायर्ड सूबेदार मेजर की पत्नी से 97.54 लाख की ठगी का आरोप,जान से मारने की धमकी।।||Lucknow:The wife of a retired Subedar Major has been accused of defrauding him of ₹97.54 lakh and receiving death threats.||

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लखनऊ :
रिटायर्ड सूबेदार मेजर की पत्नी से 97.54 लाख की ठगी का आरोप,जान से मारने की धमकी।।
●आवास विकास परिषद का फर्जी आवंटन पत्र थमाकर ऐंठी रकम,पहले से तथाकथित बाबू पर दर्ज से अनेकों मकेस।।
दो टूक : राजधानी लखनऊ में आवास विकास परिषद  के वृन्दावन योजना में प्लॉट आवंटित कराने और बच्चों को सरकारी नौकघरी दिलाने का झांसा देकर एक सेवानिवृत्त सूबेदार मेजर के परिवार से करीब 97.54 लाख रुपये की कथित ठगी का गंभीर मामला सामने आया है। 
पीड़िता का आरोप है कि आरोपितों ने फर्जी आवंटन पत्र और नौकरी के साक्षात्कार के बुलावा पत्र देकर परिवार को अपने जाल में फंसाया और जीवनभर की जमा-पूंजी हड़प ली। पीडिता की तहरीर पर पीजीआई पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरु कर दी।
विस्तार : 
मिली जानकारी के अनुसार थाना पीजीआई क्षेत्र वृन्दावन योजना सेक्टर 6सी में राज किशोरी द्विवेदी पत्नी आनंद कुमार द्धिवेदी परिवार के साथ रहती है।
इनके मुताबिक, उनके पति आनंद कुमार द्विवेदी भारतीय सेना में सूबेदार मेजर के पद से 30 नवंबर 2016 को सेवानिवृत्त हुए थे। सेवानिवृत्ति के बाद परिवार लखनऊ में बस गया। इसी दौरान किराये के मकान में रहने के दौरान उनकी मुलाकात नेकपाल और उसकी पत्नी सोमलता से हुई। आरोप है कि दोनों ने आवास विकास परिषद में संपर्क होने का दावा करते हुए प्लॉट आवंटित कराने और बच्चों की सरकारी नौकरी लगवाने का भरोसा दिलाया। इसके बाद कथित तौर पर राजेन्द्र प्रसाद और सिराजुद्दीन से भी मुलाकात कराई गई।
शिकायत के अनुसार, 19 अगस्त 2021 से प्लॉट आवंटन और अन्य प्रक्रियाओं के नाम पर रकम वसूलने का सिलसिला शुरू हुआ। पीड़िता का आरोप है कि 27 नवंबर 2021 को आरोपितों ने वृंदावन योजना में प्लॉट आवंटित होने का दावा करते हुए कथित फर्जी आवंटन पत्र सौंप दिया। इसके बाद उनके पति और बच्चों के नाम पर भी अलग-अलग भूखंड आवंटित कराने के नाम पर रकम ली गई। पीड़िता ने आरोप लगाया कि आरोपितों ने सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर उनके बेटे और उसके मित्र से भी पांच-पांच लाख रुपये वसूल लिए।
रिटायरमेंट की रकम, खेत और जेवर तक बेचवा दिए दलाल।।
पीड़िता का कहना है कि आरोपितों के भरोसे में आकर उन्होंने पति की सेवानिवृत्ति से मिली रकम, खेत और जेवर तक बेच दिए। शिकायत में करीब 97 लाख 54 हजार रुपये की ठगी का आरोप लगाया गया है। रकम वापस मांगने पर आरोपित कथित तौर पर लगातार टालमटोल करते रहे। पीड़िता के मुताबिक, दिसंबर 2023 के आसपास राजेन्द्र के जेल जाने की जानकारी मिली थी। बाद में रकम लौटाने या प्लॉट की रजिस्ट्री कराने का आश्वासन दिया गया, लेकिन कथित तौर पर न रकम वापस मिली और न ही प्लॉट की रजिस्ट्री हुई।
पति की मौत के बाद भी नहीं थमा कथित उत्पीड़न।
पीड़िता के अनुसार 5 अगस्त 2025 को उनके पति की मृत्यु हो गई। इसके बाद भी रकम वापसी को लेकर विवाद जारी रहा। आरोप है कि 25 अक्टूबर 2025 को उन्हें धमकी दी गई कि वह अपना पैसा भूल जाएं और उनके बेटे को भी जान से मार दिया जाएगा। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि 21 मार्च 2026 की रात करीब 10 बजे दो अज्ञात व्यक्ति उनके घर पहुंचे और पुलिस में शिकायत न करने की धमकी दी।
●DCP साउथ से कार्रवाई की मांग।
पीड़िता ने मामले की लिखित फरियाद DCP साउथ लगाते हुए अपनी शिकायत में नेकपाल, सोमलता, सिराजुद्दीन, राजेन्द्र प्रसाद और रुकमनी पर धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने, रकम हड़पने और धमकाने के आरोप लगाते हुए कानूनी कार्रवाई की मांग की है। 
डीसीपी के आदेश पर पीजीआई पुलिस ने मिली तहरीर के अनुसार मुकदमा दर्ज कर छानबीन शुरु कर दी।