गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026

गौतमबुद्धनगर: आपदा प्रबंधन में महिलाओं की भूमिका होगी अहम, 85 स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को दिया जा रहा तीन दिवसीय प्रशिक्षण!!

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गौतमबुद्धनगर: आपदा प्रबंधन में महिलाओं की भूमिका होगी अहम, 85 स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को दिया जा रहा तीन दिवसीय प्रशिक्षण!!

 !!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!

एनडीआरएफ, अग्निशमन और स्वास्थ्य विभाग के विशेषज्ञों ने बताए आपदा से बचाव के तरीके, प्राथमिक चिकित्सा और जीवन रक्षक कौशल का भी दिया प्रशिक्षण

दो टूक//गौतमबुद्धनगर, 15 अक्टूबर 2026।

आपदा के समय जान-माल के नुकसान को कम करने और समुदाय को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से गौतमबुद्धनगर में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को आपदा प्रबंधन के गुर सिखाए जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, लखनऊ तथा जिलाधिकारी गौतमबुद्धनगर के निर्देश पर जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से ‘आपदा जोखिम न्यूनीकरण में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं की भूमिका’ विषय पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ गुरुवार को कलेक्ट्रेट स्थित आपदा प्रशिक्षण हॉल में किया गया। अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अजीत कुमार सिंह की उपस्थिति में शुरू हुए इस कार्यक्रम में लगभग 85 प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं।

प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को आपदा से पहले की तैयारी, आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई, प्राथमिक चिकित्सा और राहत-बचाव कार्यों के प्रति प्रशिक्षित करना है, ताकि जरूरत पड़ने पर वे अपने परिवार के साथ-साथ आसपास के लोगों की सुरक्षा में भी प्रभावी योगदान दे सकें।

जन-जागरूकता और समयबद्ध तैयारी से कम होगा नुकसान

कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अजीत कुमार सिंह ने कहा कि आपदाओं से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए जन-जागरूकता, समयबद्ध तैयारी, नियमित प्रशिक्षण और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं परिवार और समुदाय का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। वे लोगों को जागरूक करने के साथ आपदा के समय जरूरतमंदों को आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभा सकती हैं।

उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रमों से सामुदायिक स्तर पर आपदा से निपटने की क्षमता मजबूत होती है। प्रशिक्षित महिलाएं आपातकालीन परिस्थितियों में शुरुआती स्तर पर सहायता उपलब्ध कराने और लोगों को सुरक्षित रहने के उपायों के प्रति जागरूक करने में उपयोगी साबित हो सकती हैं।

प्रथम दिन आपदा से बचाव, प्राथमिक चिकित्सा और अग्निकांड पर विशेष प्रशिक्षण

प्रशिक्षण के पहले दिन प्रतिभागियों को जनपद में आपदा जोखिम प्रबंधन एवं न्यूनीकरण के उपायों की जानकारी दी गई। इसके साथ ही विभिन्न प्रकार की आपदाओं के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों, बुनियादी जीवन रक्षक कौशल, प्राथमिक चिकित्सा तथा आग लगने की घटनाओं से बचाव के तरीकों के बारे में विस्तार से समझाया गया।

प्रशिक्षकों ने बताया कि आपदा की स्थिति में समय पर सही निर्णय लेना, उपलब्ध संसाधनों का उचित उपयोग करना और संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित करना बेहद महत्वपूर्ण होता है। प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को सामुदायिक सहभागिता बढ़ाने, लोगों तक जरूरी सूचनाएं पहुंचाने तथा राहत एवं बचाव कार्यों में सक्रिय भागीदारी के लिए भी प्रेरित किया गया।

एनडीआरएफ, अग्निशमन और स्वास्थ्य विभाग के विशेषज्ञों ने दी जानकारी

कार्यक्रम में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), अग्निशमन विभाग और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने अपने-अपने विषयों से संबंधित प्रशिक्षण प्रदान किया। प्रतिभागियों को आपदा प्रबंधन से जुड़े वीडियो तथा सूचना, शिक्षा एवं संचार (आईईसी) सामग्री के माध्यम से भी जागरूक किया गया।

मास्टर ट्रेनरों ने महिलाओं को आपदा जोखिम न्यूनीकरण में उनकी भूमिका समझाते हुए आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित एवं प्रभावी प्रतिक्रिया देने के तौर-तरीकों की जानकारी दी। प्रशिक्षण गतिविधियों के माध्यम से प्रतिभागियों को आपदा प्रबंधन के व्यावहारिक पहलुओं से परिचित कराया जा रहा है, जिससे वे आवश्यकता पड़ने पर सीखी गई जानकारियों का उपयोग कर सकें।

महिलाओं को फर्स्ट रिस्पॉन्डर के रूप में तैयार करने की पहल

इस तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से महिलाओं को आपदा के दौरान प्रथम प्रतिक्रियाकर्ता यानी फर्स्ट रिस्पॉन्डर के रूप में सक्षम बनाने पर जोर दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य आपदा के शुरुआती समय में लोगों को जरूरी सहायता उपलब्ध कराने, सुरक्षा संबंधी सावधानियों की जानकारी देने और राहत-बचाव कार्यों में सहयोग करने के लिए स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करना है।

प्रशिक्षण कार्यक्रम आगामी दो दिनों तक जारी रहेगा। इस दौरान प्रतिभागियों को आपदा प्रबंधन, जोखिम न्यूनीकरण, सुरक्षा उपायों और आपातकालीन प्रतिक्रिया से जुड़े विभिन्न विषयों पर जानकारी एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।

अधिकारियों और प्रशिक्षकों की रही मौजूदगी

कार्यक्रम में खंड विकास अधिकारी अंकित कुमार सिंह, एनडीआरएफ, अग्निशमन एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, मास्टर ट्रेनर अजय पंवार, विजयपाल सिंह और श्रीयांश चतुर्वेदी, लेखाकार अभिषेक चौहान सहित संबंधित विभागों के कर्मचारी एवं प्रशिक्षक उपस्थित रहे। तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन जिला आपदा विशेषज्ञ ओमकार चतुर्वेदी द्वारा किया जा रहा है।

जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की यह पहल आपदा के प्रति सामुदायिक जागरूकता बढ़ाने, महिलाओं की क्षमता विकसित करने और आपातकालीन परिस्थितियों में जनसहभागिता को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।।