गौतमबुद्धनगर: रेरा के 77.66 करोड़ रुपये बकाया पर प्रशासन का बड़ा एक्शन, अंसल हाईटेक टाउनशिप के निदेशक गिरफ्तार!!
15 दिन के लिए जिला कारागार भेजे गए निदेशक बंटी, लंबे समय से बकाया रकम जमा नहीं करने पर हुई कार्रवाई
दो टूक//गौतमबुद्धनगर, 31 अक्टूबर 2026। रेरा (उत्तर प्रदेश भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण) की बकाया धनराशि की वसूली को लेकर जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। दादरी तहसील प्रशासन ने लंबे समय से करोड़ों रुपये की बकाया धनराशि जमा नहीं करने पर अंसल हाईटेक टाउनशिप्स लिमिटेड/उत्तम स्टील्स एसोसिएट्स लिमिटेड के निदेशक बंटी को गिरफ्तार कर लिया। प्रशासन ने सुनवाई और भुगतान का पर्याप्त अवसर देने के बाद भी बकाया राशि जमा नहीं करने तथा पर्याप्त प्रतिभूति प्रस्तुत नहीं करने पर उन्हें अधिकतम 15 दिनों के लिए जिला कारागार गौतमबुद्धनगर भेज दिया है।
जिला प्रशासन के अनुसार, जिलाधिकारी के निर्देशन में जनपद में राजस्व बकायेदारों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसमें खासतौर पर रेरा की ओर से जारी वसूली प्रमाण-पत्रों के बावजूद लंबे समय से बकाया धनराशि जमा नहीं करने वाले बिल्डरों पर शिकंजा कसा जा रहा है।
इसी अभियान के तहत तहसील दादरी में मैसर्स अंसल हाईटेक टाउनशिप्स लिमिटेड/उत्तम स्टील्स एसोसिएट्स लिमिटेड के खिलाफ रेरा द्वारा जारी वसूली प्रमाण-पत्र के आधार पर कुल 77 करोड़ 66 लाख 80 हजार 434 रुपये और ब्याज की धनराशि भू-राजस्व के बकाये के रूप में लंबित है। प्रशासन की ओर से संबंधित फर्म को नियमानुसार मांग-पत्र जारी कर उसकी विधिवत तामील भी कराई गई थी, लेकिन निर्धारित समयावधि में बकाया रकम जमा नहीं की गई।
इसके बाद प्रशासन ने उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता, 2006 की धारा 171 और उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता नियमावली, 2016 के प्रावधानों के तहत गिरफ्तारी का अधिपत्र (आरसी प्रपत्र-37) जारी किया।
पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने की गिरफ्तारी
जारी गिरफ्तारी अधिपत्र के अनुपालन में 30 अक्टूबर 2026 को पुलिस एवं राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने बकायेदार बंटी पुत्र प्रहलाद, निदेशक मैसर्स अंसल हाईटेक टाउनशिप्स लिमिटेड/उत्तम स्टील्स एसोसिएट्स लिमिटेड को गिरफ्तार किया। इसके बाद उन्हें उपजिलाधिकारी दादरी के समक्ष पेश किया गया।
प्रशासन की ओर से बकायेदार को अपना पक्ष रखने, बकाया धनराशि जमा करने अथवा पर्याप्त प्रतिभूति प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया। हालांकि, निर्धारित प्रक्रिया के बावजूद न तो बकाया धनराशि जमा कराई गई और न ही पर्याप्त प्रतिभूति उपलब्ध कराई गई। इसके बाद नियमानुसार उन्हें अधिकतम 15 दिनों के लिए निरुद्ध करते हुए जिला कारागार गौतमबुद्धनगर भेजने का आदेश जारी किया गया। इस संबंध में जिला कारागार अधीक्षक को भी आवश्यक कार्रवाई के लिए निर्देशित किया गया है।
बकायेदारों को प्रशासन की सख्त चेतावनी
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि राजस्व वसूली के मामलों में किसी भी बकायेदार को अनावश्यक राहत नहीं दी जाएगी। सभी संबंधित पक्षों को नियमानुसार पर्याप्त अवसर देने के बाद भी यदि बकाया धनराशि का भुगतान नहीं किया जाता है तो उनके खिलाफ कुर्की, नीलामी और गिरफ्तारी जैसी कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने तहसील दादरी के सभी बकायेदारों से अपील की है कि वे अपने विरुद्ध लंबित वसूली प्रमाण-पत्रों के सापेक्ष बकाया धनराशि का तत्काल भुगतान सुनिश्चित करें। ऐसा नहीं करने पर उनके खिलाफ भी नियमानुसार सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी ।।
