गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026

गोंडा :पुलिस ने 55.22 लाख के 251 खोये मोबाइल बरामद कर मालिकों को लौटाए।||Gonda:Police recovered 251 lost mobile phones worth Rs 55.22 lakh and returned them to their owners.||

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गोंडा :
पुलिस ने 55.22 लाख के 251 खोये मोबाइल बरामद कर मालिकों को लौटाए।
।।संवाददाता : वीरेन्द्र कुमार।।
दो टूक : गोंडा जिले में खोये हुए मोबाइल फोन की बरामदगी के लिए चलाए गए अभियान में गोंडा पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। सर्विलांस सेल और 17 थानों की संयुक्त टीम ने 251 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इनकी अनुमानित कीमत 55 लाख 22 हजार रुपये बताई गई है। गुरुवार, 15 अक्टूबर को पुलिस अधीक्षक ने बरामद मोबाइल फोन उनके वास्तविक स्वामियों को सौंप दिए।
पुलिस के मुताबिक, भारत सरकार के सीईआईआर (CEIR) पोर्टल पर एक जुलाई से 13 अक्टूबर 2026 तक खोये मोबाइल फोन की 603 शिकायतें दर्ज की गई थीं। इनमें से 251 मोबाइल फोन बरामद कर लिए गए हैं, जबकि शेष मोबाइलों की तलाश जारी है।
कोतवाली नगर से सबसे अधिक 55 मोबाइल बरामद।
मोबाइल बरामदगी अभियान के तहत विभिन्न थाना क्षेत्रों से फोन बरामद किए गए। इनमें कोतवाली नगर से 55, कोतवाली देहात से तीन, खरगूपुर से 10, इटियाथोक से 13, धानेपुर से 10, नवाबगंज से 10, वजीरगंज से 10, तरबगंज से 10, उमरी बेगमगंज से सात, करनैलगंज से 21, कटरा बाजार से छह, कौड़िया से छह, परसपुर से छह, मनकापुर से पांच, छपिया से चार, खोड़ारे से 16 और मोतीगंज से छह मोबाइल फोन बरामद किए गए। इसके अलावा नोडल टीम ने भी 53 मोबाइल फोन बरामद किए।
एप्पल से लेकर रेडमी तक के फोन शामिल
बरामद मोबाइल फोन में एप्पल, सैमसंग, वीवो, ओप्पो, टेक्नो, रेडमी और वनप्लस समेत कई कंपनियों के फोन शामिल हैं। मोबाइल वापस मिलने पर उनके स्वामियों ने खुशी जताई और पुलिस का आभार व्यक्त किया।
मोबाइल खोने पर सीईआईआर पोर्टल पर करें शिकायत।
पुलिस ने लोगों से मोबाइल फोन खोने की स्थिति में संचार साथी ऐप का उपयोग करने और सीईआईआर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने की अपील की है। इसके लिए मोबाइल का बिल, आईएमईआई नंबर, आधार कार्ड और अन्य पहचान पत्र साथ रखने की सलाह दी गई है। पुलिस के अनुसार, मोबाइल बरामद होने पर पंजीकृत मोबाइल नंबर के माध्यम से सूचना मिल सकती है। शेष मोबाइलों की बरामदगी के लिए अभियान जारी रहेगा।
●इनकी रही अहम भूमिका।
अभियान में स्वाट प्रभारी निरीक्षक आशुतोष सिंह, सर्विलांस प्रभारी उपनिरीक्षक मनीष कुमार, सर्विलांस सेल, स्वाट टीम और विभिन्न थानों में सीईआईआर पोर्टल पर नियुक्त पुलिस कर्मियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।