गौतमबुद्धनगर: आपदा प्रबंधन में महिलाओं की बढ़ेगी भागीदारी, 50 स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को दिया गया प्रशिक्षण!!
तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में एनडीआरएफ, अग्निशमन और स्वास्थ्य विभाग के विशेषज्ञों ने सिखाए बचाव व राहत के गुर
दो टूक//गौतमबुद्धनगर, 18 अक्टूबर 2026। आपदा के समय जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने और राहत एवं बचाव कार्यों को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से गौतमबुद्धनगर में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण दिया गया। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से आयोजित तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में महिलाओं को आपदा से बचाव, जोखिम कम करने, प्राथमिक चिकित्सा, अग्निकांड से सुरक्षा और आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई करने के तरीके सिखाए गए। कार्यक्रम के तीसरे दिन लगभग 50 स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने प्रशिक्षण प्राप्त किया।
उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, लखनऊ एवं जिलाधिकारी गौतमबुद्धनगर के निर्देशों के क्रम में आयोजित यह प्रशिक्षण कार्यक्रम कलेक्ट्रेट परिसर स्थित आपदा प्रशिक्षण हॉल में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को आपदा प्रबंधन के प्रति जागरूक और सक्षम बनाना था, ताकि वे न केवल अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकें, बल्कि जरूरत पड़ने पर अपने आसपास के लोगों की मदद करते हुए सामुदायिक स्तर पर भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें।
आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के सिखाए तरीके
प्रशिक्षण के दौरान राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), अग्निशमन विभाग और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एवं विशेषज्ञों ने महिलाओं को विभिन्न प्रकार की आपदाओं से निपटने के व्यावहारिक तरीके बताए। उन्हें आग लगने की स्थिति में बरती जाने वाली सावधानियों, प्राथमिक चिकित्सा उपलब्ध कराने, घायलों की शुरुआती मदद करने और बुनियादी जीवन रक्षक कौशल की जानकारी दी गई।
विशेषज्ञों ने बताया कि आपदा के दौरान शुरुआती समय बेहद महत्वपूर्ण होता है। ऐसी परिस्थितियों में घबराने के बजाय सावधानी और समझदारी से काम लेना चाहिए। सही जानकारी, समय पर प्रतिक्रिया और उपलब्ध संसाधनों का उचित इस्तेमाल करके नुकसान को कम किया जा सकता है। प्रशिक्षण का उद्देश्य महिलाओं को इन परिस्थितियों के लिए मानसिक और व्यावहारिक रूप से तैयार करना भी रहा।
वीडियो और व्यावहारिक गतिविधियों से दी गई जानकारी
कार्यक्रम में मास्टर ट्रेनरों के मार्गदर्शन में महिलाओं को आपदा प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं से परिचित कराया गया। प्रशिक्षण के दौरान आपदा से संबंधित वीडियो और सूचना, शिक्षा एवं संचार (आईईसी) सामग्री के माध्यम से भी जागरूकता बढ़ाई गई। महिलाओं को बताया गया कि बाढ़, आग, भूकंप सहित विभिन्न आपातकालीन परिस्थितियों में किस प्रकार सावधानी बरतनी चाहिए और अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए दूसरों की सहायता कैसे करनी चाहिए।
इसके साथ ही आपदा के समय सामुदायिक सहभागिता के महत्व पर भी जोर दिया गया। महिलाओं को प्रेरित किया गया कि वे अपने गांवों और आसपास के क्षेत्रों में लोगों को आपदा से बचाव के उपायों के प्रति जागरूक करें, ताकि किसी भी संकट की स्थिति में समुदाय अधिक सतर्क और तैयार रह सके।
सामुदायिक स्तर पर आपदा से निपटने की तैयारी पर जोर
तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम को स्वयं सहायता समूह की महिलाओं की क्षमता बढ़ाने और स्थानीय स्तर पर आपदा प्रबंधन की तैयारियों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। प्रशिक्षित महिलाएं अपने परिवारों और समुदायों में जागरूकता फैलाने के साथ-साथ आपदा के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों में सहयोग कर सकती हैं।
कार्यक्रम के माध्यम से महिलाओं को यह समझाने पर विशेष जोर दिया गया कि आपदा प्रबंधन केवल प्रशासनिक एजेंसियों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें आम नागरिकों की जागरूकता और सक्रिय भागीदारी भी अहम भूमिका निभाती है। ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों से समुदाय में सुरक्षा संबंधी समझ विकसित करने और आपातकालीन परिस्थितियों में बेहतर समन्वय स्थापित करने में मदद मिलती है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में मास्टर ट्रेनर अजय पंवार, विजयपाल सिंह एवं श्रीयांश चतुर्वेदी, लेखाकार अभिषेक चौहान सहित राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), अग्निशमन विभाग और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, प्रशिक्षक तथा अन्य संबंधित कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन जिला आपदा विशेषज्ञ ओमकार चतुर्वेदी ने किया।।
