मुजफ्फरनगर: अंतवाड़ा में गुर्जर महासभा के समारोह में उमड़ा जनसैलाब, 35 गांवों ने भरी हुंकार—27 अक्टूबर को दिल्ली कूच का संकल्प!!
शिक्षा, संस्कार, रोजगार और सामाजिक एकता पर दिया जोर, सरदार पटेल जयंती पर आयोजित गुर्जर स्वाभिमान रैली को सफल बनाने का आह्वान
दो टूक//खतौली, 19 अक्टूबर 2026। मुजफ्फरनगर जनपद के खतौली क्षेत्र के अंतवाड़ा गांव में रमेश भाटी द्वारा आयोजित अखिल भारतीय गुर्जर महासभा के अभिनंदन समारोह में समाज के लोगों का भारी जनसैलाब उमड़ा। समारोह में 35 गांवों के प्रतिनिधियों ने भाग लेकर सामाजिक एकजुटता का संदेश दिया। कार्यक्रम में शिक्षा, संस्कार, रोजगार और समाज के सर्वांगीण विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई। साथ ही आगामी 27 अक्टूबर को दिल्ली के टॉकीटोरा स्टेडियम में सरदार वल्लभभाई पटेल जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित होने वाली गुर्जर स्वाभिमान रैली को सफल बनाने के लिए समाज के लोगों से बड़ी संख्या में पहुंचने का आह्वान किया गया। समारोह के दौरान ‘चलो दिल्ली’ का नारा गूंजा और उपस्थित लोगों ने रैली में भागीदारी का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में अखिल भारतीय गुर्जर महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष हरिश्चंद्र भाटी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उनके साथ राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सविंदर भाटी, केपी सिंह कसाना, जगबीर दौला, युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष मनीष चौहान, गौतम बुद्ध नगर जिलाध्यक्ष अशोक भाटी और शशांक भाटी सहित समाज के अनेक प्रमुख लोग मौजूद रहे। आयोजक समिति और स्थानीय लोगों ने अतिथियों को सम्मान की पगड़ी पहनाकर, पुष्पमालाओं और पुष्पवर्षा के साथ आत्मीय स्वागत किया।
महापुरुषों के गौरवशाली इतिहास से प्रेरणा लेने का आह्वान
समारोह की अध्यक्षता चौधरी भुंडिया सिंह ने की, जबकि संचालन एडवोकेट राजवीर सिंह ने किया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने गुर्जर सम्राट मिहिर भोज, महान स्वतंत्रता सेनानी विजय सिंह पथिक, कोतवाल धन सिंह गुर्जर और जोधराज पवार सहित समाज के महापुरुषों के योगदान और गौरवशाली इतिहास का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि महापुरुषों के संघर्ष, त्याग, साहस और समाज के प्रति समर्पण से प्रेरणा लेकर नई पीढ़ी को आगे बढ़ाना चाहिए।
वक्ताओं ने कहा कि समाज की पहचान उसके गौरवशाली इतिहास के साथ-साथ उसकी शिक्षा, संस्कार और सामाजिक चेतना से भी होती है। इसलिए जरूरी है कि युवा पीढ़ी अपने महापुरुषों के जीवन और उनके आदर्शों को जाने तथा उनसे प्रेरणा लेकर समाज और देश के विकास में योगदान दे।
शिक्षा और रोजगार से मजबूत होगा समाज
समारोह में वक्ताओं ने समाज की प्रगति के लिए शिक्षा, अच्छे संस्कार और रोजगार को सबसे महत्वपूर्ण आधार बताया। उन्होंने कहा कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना और युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसरों से जोड़ना समय की आवश्यकता है। शिक्षित और जागरूक युवा ही समाज को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
उन्होंने बुजुर्गों के अनुभव और आशीर्वाद के साथ युवाओं के जोश एवं ऊर्जा को समाजहित में लगाने का आह्वान किया। वक्ताओं ने कहा कि आपसी मतभेदों को दूर कर सामाजिक एकता, भाईचारे और सहयोग की भावना को मजबूत किया जाना चाहिए। समाज के प्रत्येक व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी समझते हुए शिक्षा, रोजगार और सामाजिक सुधार के प्रयासों में योगदान देना चाहिए।
27 अक्टूबर को दिल्ली पहुंचने का आह्वान
समारोह का प्रमुख उद्देश्य आगामी 27 अक्टूबर को दिल्ली में आयोजित होने वाली गुर्जर स्वाभिमान रैली के लिए समाज को एकजुट करना रहा। वक्ताओं ने सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित इस रैली में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि सामाजिक एकता, स्वाभिमान और महापुरुषों के सम्मान के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के लिए सामूहिक भागीदारी जरूरी है।
कार्यक्रम में उपस्थित जनसमूह ने ‘जीवन का एक दिन समाज के नाम’ का संकल्प लेते हुए 27 अक्टूबर को दिल्ली पहुंचकर गुर्जर स्वाभिमान रैली को सफल बनाने का आह्वान किया। अंतवाड़ा में आयोजित इस समारोह के माध्यम से समाज के लोगों को एकजुट होकर रैली में भागीदारी सुनिश्चित करने का संदेश दिया गया। समारोह में ‘चलो दिल्ली’ की हुंकार के साथ लोगों से अपने गांवों और आसपास के क्षेत्रों में जनसंपर्क कर अधिक से अधिक लोगों को रैली में शामिल होने के लिए प्रेरित करने की अपील की गई।
देशभक्ति और स्वागत गीतों ने बढ़ाया उत्साह
समारोह के दौरान हरेंद्र नागर और बलराम बैसला ने देशभक्ति एवं स्वागत गीत प्रस्तुत किए। गीतों ने उपस्थित लोगों में उत्साह और उमंग का संचार किया। अतिथियों के सम्मान, समाज के लोगों की बड़ी भागीदारी और सामाजिक एकता के संदेश से कार्यक्रम का माहौल उत्साहपूर्ण बना रहा।
कार्यक्रम में राजकुमार भगतजी, अभिषेक चौधरी, कपिल मोटला, योगेश चौधरी, रमकेश सभासद, महाराज सिंह, प्रदीप गुर्जर, कमल गुर्जर, सुशील गुर्जर, मोहित प्रधान, रविंद्र ठेकेदार, जितेंद्र नेताजी, शक्ति सिंह और अमरेश गुर्जर सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित रहे।
समारोह का समापन सामाजिक एकता को मजबूत करने, महापुरुषों के आदर्शों पर चलने और शिक्षा एवं रोजगार के क्षेत्र में आगे बढ़ने के संकल्प के साथ हुआ। उपस्थित लोगों ने 27 अक्टूबर को दिल्ली पहुंचकर गुर्जर स्वाभिमान रैली को सफल बनाने के लिए सामूहिक प्रयास करने का आह्वान किया।
