रविवार, 11 अक्टूबर 2026

गौतमबुद्धनगर: ग्रेटर नोएडा में साइबर ठगी के नेटवर्क का भंडाफोड़, तीन आरोपी गिरफ्तार; 29 पासबुक, 23 चेकबुक और फर्जी दस्तावेज बरामद!!

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गौतमबुद्धनगर: ग्रेटर नोएडा में साइबर ठगी के नेटवर्क का भंडाफोड़, तीन आरोपी गिरफ्तार; 29 पासबुक, 23 चेकबुक और फर्जी दस्तावेज बरामद!!

 !!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!

गौर सिटी-2 में भविष्य इंडिया टावर के पास से बिसरख पुलिस ने तीन आरोपियों को दबोचा, साइबर अपराधियों को बैंक खाते उपलब्ध कराने के बदले लेते थे 20 प्रतिशत कमीशन

दो टूक//ग्रेटर नोएडा। साइबर ठगी के लिए बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए थाना बिसरख पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी आधार कार्ड और पैन कार्ड में कथित हेराफेरी कर बैंक खाते खुलवाते थे और इन खातों को साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराते थे। इसके बदले आरोपियों को ठगी की रकम का 20 प्रतिशत कमीशन मिलता था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से विभिन्न बैंकों की 29 पासबुक, 23 चेकबुक, दो डेबिट कार्ड, 14 आधार कार्ड, आठ पैन कार्ड, आठ सिम कवर और तीन मोबाइल फोन बरामद किए हैं।

पुलिस के मुताबिक, 10 अक्टूबर 2026 को लोकल इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद से कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को गौर सिटी-2 स्थित भविष्य इंडिया टावर के पास से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान प्रेम पुत्र भोला शंकर (21), कुनाल पुत्र सुशील कुमार (19) और आतिश पुत्र अशोक अग्रवाल (20) के रूप में हुई है। तीनों आरोपी हाथरस जिले के सासनी क्षेत्र के निवासी हैं।

फर्जी दस्तावेजों के जरिए खुलवाते थे बैंक खाते

पुलिस की जांच के अनुसार, आरोपी अपने और अन्य लोगों के आधार कार्ड तथा पैन कार्ड में कथित तौर पर धोखाधड़ी कर पते बदलवाते थे। इसके अलावा, दस्तावेजों में अधूरे पते दर्ज कराकर बैंक खाते खुलवाए जाते थे। बाद में इन बैंक खातों को साइबर अपराधियों को उपलब्ध करा दिया जाता था, जिनका इस्तेमाल लोगों के साथ ऑनलाइन धोखाधड़ी करने में किया जाता था।

निवेश और सोशल मीडिया के नाम पर करते थे ठगी

पुलिस के मुताबिक, इन बैंक खातों का इस्तेमाल देश के विभिन्न राज्यों में लोगों के साथ इन्वेस्टमेंट फ्रॉड, ब्लैकमेलिंग और सोशल मीडिया विज्ञापन के नाम पर धोखाधड़ी करने में किया जाता था। इस पूरे नेटवर्क में बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले आरोपियों को कथित तौर पर ठगी की रकम का 20 प्रतिशत कमीशन मिलता था।

पुलिस का कहना है कि इस तरीके से साइबर ठगी के शिकार हुए कई लोगों की शिकायतें अलग-अलग राज्यों में राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर दर्ज हैं। पुलिस बरामद दस्तावेजों और मोबाइल फोन के आधार पर मामले की जांच कर रही है।

बड़ी संख्या में बैंकिंग दस्तावेज बरामद

गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने विभिन्न बैंकों की 29 पासबुक, 23 चेकबुक, दो डेबिट कार्ड, 14 आधार कार्ड, आठ पैन कार्ड, आठ सिम कवर और तीन मोबाइल फोन बरामद किए हैं। बरामद दस्तावेजों की संख्या को देखते हुए पुलिस मामले के विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही है।

बिसरख थाने में मुकदमा दर्ज

इस मामले में थाना बिसरख में मुकदमा अपराध संख्या 743/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 319(2), 238(C), 61(2) तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66(C) और 66(D) के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत किया गया है।

पुलिस की इस कार्रवाई से साइबर ठगी के लिए बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले कथित गिरोह का खुलासा हुआ है। मामले में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और बरामद दस्तावेजों की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।