सहारनपुर: मिरगपुर में गुर्जर महासभा का शक्ति प्रदर्शन, 27 अक्टूबर की स्वाभिमान रैली को सफल बनाने का संकल्प!!
तालकटोरा स्टेडियम में जुटेगा गुर्जर समाज, राष्ट्रीय अध्यक्ष हरिश्चंद्र भाटी ने एकजुटता, शिक्षा और युवा पीढ़ी के भविष्य पर दिया जोर
दो टूक//देवबंद (सहारनपुर)। सहारनपुर जनपद के मिरगपुर गांव स्थित गुरु बाबा फकीरा दास सिद्ध पीठ प्रांगण में अखिल भारतीय गुर्जर महासभा का क्षेत्रीय सम्मेलन एवं पदाधिकारियों का अभिनंदन समारोह आयोजित किया गया। सम्मेलन में समाज की एकजुटता, सामाजिक उत्थान, शिक्षा और युवा पीढ़ी के उज्ज्वल भविष्य को लेकर मंथन किया गया। इस दौरान आगामी 27 अक्टूबर को दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में आयोजित होने वाली गुर्जर स्वाभिमान रैली को सफल बनाने के लिए बड़ी संख्या में समाज के लोगों के पहुंचने का संकल्प लिया गया।
युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष मनीष चौधरी के नेतृत्व में आयोजित सम्मेलन की अध्यक्षता आचार्य आजाद गुरु जी ने की, जबकि कार्यक्रम का संचालन चेयरमैन भीम सिंह ने किया। सम्मेलन में अखिल भारतीय गुर्जर महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष हरिश्चंद्र भाटी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उनके साथ राष्ट्रीय उपाध्यक्ष केपी सिंह कसाना, रामकेश चपराना, जगबीर दौला, रामसिंह कसाना और गौतमबुद्ध नगर के जिलाध्यक्ष अशोक भाटी सहित महासभा के अन्य पदाधिकारियों ने भाग लिया।
बाबा फकीरा दास के दर्शन कर लिया आशीर्वाद
कार्यक्रम की शुरुआत से पहले सभी अतिथियों ने गुरु बाबा फकीरा दास के दर्शन किए। इस दौरान 27 अक्टूबर को पटेल जयंती के उपलक्ष्य में दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में होने वाली गुर्जर स्वाभिमान रैली की सफलता के लिए प्रार्थना की गई। आयोजक समिति की ओर से अतिथियों का पुष्पमालाएं और पटके पहनाकर स्वागत किया गया। साथ ही उन्हें बाबा फकीरा दास एवं गुर्जर सम्राट मिहिर भोज के प्रतीक चिह्न और गदा भेंट कर सम्मानित किया गया।
500 वर्षों से चली आ रही संयम और परंपरा की मिसाल
सम्मेलन के दौरान स्थानीय वक्ताओं ने मिरगपुर गांव की ऐतिहासिक, धार्मिक और सामाजिक परंपराओं से अतिथियों को परिचित कराया। वक्ताओं ने बताया कि बाबा मौलड पंवार के वंशजों के इस गांव की आबादी लगभग दस हजार है। उनके अनुसार, गांव में पिछले करीब 500 वर्षों से बीड़ी, सिगरेट, मदिरा, मांस, लहसुन और प्याज का सेवन नहीं करने की परंपरा चली आ रही है। वक्ताओं ने इसे गांव की विशिष्ट सामाजिक पहचान और पीढ़ियों से चली आ रही अनुशासित जीवनशैली का प्रतीक बताया।
मिरगपुर की परंपराएं समाज के लिए प्रेरणास्रोत : हरिश्चंद्र भाटी
मुख्य अतिथि एवं महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष हरिश्चंद्र भाटी ने अपने संबोधन में मिरगपुर की परंपराओं और संयमपूर्ण जीवनशैली की सराहना की। उन्होंने कहा कि गांव की ऐतिहासिक पहचान और सामाजिक अनुशासन समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं। ऐसी परंपराओं से सीख लेकर समाज को अपनी सांस्कृतिक विरासत, नैतिक मूल्यों और सामाजिक एकता को मजबूत करना चाहिए।
उन्होंने समाज के लोगों से आह्वान किया कि वे शिक्षा को प्राथमिकता दें, युवा पीढ़ी को सकारात्मक दिशा प्रदान करें और सामाजिक उत्थान के लिए मिलकर कार्य करें। उन्होंने कहा कि समाज की प्रगति के लिए आपसी एकजुटता, जागरूकता और युवाओं की सक्रिय भागीदारी बेहद महत्वपूर्ण है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने उपस्थित जनसमूह से 27 अक्टूबर को दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम पहुंचकर गुर्जर स्वाभिमान रैली को सफल बनाने की अपील की। उन्होंने समाज के लोगों से इस आयोजन को अपनी एकजुटता और सामूहिक भागीदारी का प्रतीक बनाने का आग्रह किया।
समाज और युवाओं के भविष्य के लिए समय समर्पित करने का संकल्प
सम्मेलन में मौजूद लोगों ने बाबा फकीरा दास को साक्षी मानकर समाज और युवा पीढ़ी के भविष्य के लिए अपना समय समर्पित करने तथा 27 अक्टूबर को दिल्ली पहुंचकर गुर्जर स्वाभिमान रैली में भाग लेने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के दौरान समाज के विभिन्न क्षेत्रों से आए प्रतिनिधियों ने सामाजिक एकता, शिक्षा के विस्तार, युवाओं को आगे बढ़ाने और समाज की समस्याओं के समाधान के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया।
सम्मेलन में वीरेंद्र गुर्जर, अजीत सिंह, अर्णव चौधरी, भागवीर सिंह, कृष्णपाल सिंह, कंवरपाल मास्टर, विक्रम प्रधान, डॉ. सुभाष सिंह, सुखपाल सिंह, बलजोर सिंह, बिल्लू भगत जी, प्रीतम सिंह, सुरेंद्र फौजी, रामपाल सिंह, अर्जुन सिंह प्रधान, गुरनाम सिंह, मोहित कुमार और आजाद सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी एवं आसपास के दर्जनों गांवों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
कार्यक्रम का समापन समाज की एकजुटता, सामाजिक समरसता और युवा पीढ़ी के बेहतर भविष्य के लिए मिलकर काम करने के आह्वान के साथ हुआ। सम्मेलन में लिए गए संकल्प के साथ आयोजकों ने 27 अक्टूबर को दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में होने वाली गुर्जर स्वाभिमान रैली में अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया।।
