गौतमबुद्धनगर: 22 से 28 अक्टूबर तक गाजियाबाद में गूंजेगा ‘जय भवानी, जय शिवाजी’, 250 कलाकार जीवंत करेंगे छत्रपति शिवाजी महाराज की वीरगाथा!!
वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर
हाथी-घोड़ों, ऊंटों और भव्य किलों की प्रतिकृतियों के बीच होगा ऐतिहासिक महानाट्य ‘जाणता राजा’ का मंचन, प्रतिदिन 15 हजार दर्शकों के पहुंचने का लक्ष्य
दो टूक//नोएडा, 16 अक्टूबर। छत्रपति शिवाजी महाराज के अदम्य साहस, शौर्य, पराक्रम और राष्ट्रभक्ति की गौरवगाथा को जन-जन तक पहुंचाने के लिए गाजियाबाद में ऐतिहासिक महानाट्य ‘जाणता राजा’ का भव्य आयोजन होने जा रहा है। 22 से 28 अक्टूबर तक सनसिटी में आयोजित होने वाले इस सात दिवसीय कार्यक्रम में करीब 250 कलाकार सजीव मंचन के माध्यम से शिवाजी महाराज के जीवन की महत्वपूर्ण घटनाओं को प्रस्तुत करेंगे। हाथी-घोड़ों, ऊंटों, पारंपरिक हथियारों और विशाल मंच सज्जा के साथ होने वाली यह प्रस्तुति दिल्ली-एनसीआर के लोगों के लिए ऐतिहासिक शौर्य और भारतीय संस्कृति से रूबरू होने का अवसर बनेगी।
दिव्य प्रेम सेवा मिशन, हरिद्वार के तत्वावधान में आयोजित इस महानाट्य की जानकारी शुक्रवार को नोएडा के अदिरा बैंक्वेट हॉल में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मिशन के अध्यक्ष डॉ. आशीष गौतम भैया जी ने दी। उन्होंने बताया कि प्रतिदिन शाम 4:30 बजे से लगभग चार घंटे तक चलने वाले इस मंचन के जरिए छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन, उनकी युद्धनीति, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्र के प्रति समर्पण को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया जाएगा।
डॉ. आशीष गौतम ने कहा कि वर्तमान समय में युवा पीढ़ी को छत्रपति शिवाजी महाराज के आदर्शों, माता जीजाबाई के संस्कारों और समर्थ गुरु रामदास की शिक्षाओं से परिचित कराना बेहद आवश्यक है। ‘जाणता राजा’ केवल एक नाट्य प्रस्तुति नहीं, बल्कि भारत के गौरवशाली इतिहास, सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रभक्ति की भावना को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम है। आयोजन का उद्देश्य युवाओं में साहस, स्वाभिमान, राष्ट्रप्रेम और भारतीय परंपराओं के प्रति सम्मान की भावना को मजबूत करना है।
उद्घाटन समारोह में शामिल हो सकते हैं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह
आयोजकों ने बताया कि महानाट्य के उद्घाटन समारोह में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और जूना अखाड़े के प्रमुख आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि के शामिल होने की संभावना है। इसके अलावा आयोजन के विभिन्न दिनों में राजनीति, धर्म-अध्यात्म और उद्योग जगत से जुड़ी प्रमुख हस्तियों के पहुंचने की जानकारी भी साझा की गई। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और योगगुरु स्वामी रामदेव सहित कई विशिष्ट अतिथियों के आगमन की भी संभावना जताई गई है।
डॉ. गौतम ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज की सैन्य रणनीति, कुशल नेतृत्व और गुरिल्ला युद्ध कौशल आज भी देशवासियों के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उनके जीवन से आत्मसम्मान, संगठन क्षमता, दूरदर्शिता और राष्ट्र के प्रति समर्पण की सीख मिलती है। महानाट्य के माध्यम से इन ऐतिहासिक प्रसंगों को इस तरह प्रस्तुत करने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे दर्शक इतिहास को केवल सुनें नहीं, बल्कि उसे सजीव रूप में महसूस भी कर सकें।
सिंहगढ़, प्रतापगढ़ और रायगढ़ किलों की दिखेगी भव्य झलक
‘जाणता राजा’ के मंचन को भव्य और प्रभावशाली बनाने के लिए सिंहगढ़, प्रतापगढ़ और रायगढ़ किलों की प्रतिकृतियां तैयार की जाएंगी। इनके माध्यम से शिवाजी महाराज के जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण प्रसंगों को मंच पर जीवंत किया जाएगा। करीब 250 कलाकारों की सहभागिता, पारंपरिक वेशभूषा, हथियारों और ऐतिहासिक परिवेश की प्रस्तुति इस आयोजन का प्रमुख आकर्षण होगी।
आयोजकों के अनुसार, प्रतिदिन लगभग 15 हजार दर्शकों की सहभागिता का लक्ष्य रखा गया है। वहीं, दिल्ली-एनसीआर के अलावा उत्तर प्रदेश, हरियाणा और उत्तराखंड से करीब सवा लाख लोगों के पूरे आयोजन के दौरान पहुंचने की उम्मीद है। इस लिहाज से यह आयोजन क्षेत्र में ऐतिहासिक और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बड़े कार्यक्रमों में शामिल होने की संभावना रखता है।
युवाओं और विद्यार्थियों की भागीदारी पर विशेष जोर
आयोजन समिति की ओर से युवाओं और विद्यार्थियों को कार्यक्रम से जोड़ने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। इसके तहत दिल्ली-एनसीआर के सरकारी और निजी विश्वविद्यालयों तथा कॉलेजों से संपर्क स्थापित किया गया है, ताकि अधिक से अधिक विद्यार्थी छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन और उनके ऐतिहासिक योगदान से परिचित हो सकें।
मिशन की टीमें मार्च 2026 से ही आयोजन की तैयारियों में जुटी हुई हैं। आयोजकों के मुताबिक, अब तक 300 से अधिक बैठकें, गोष्ठियां और सम्मेलन आयोजित किए जा चुके हैं। कार्यक्रम से प्राप्त सहयोग का उपयोग दिव्य प्रेम सेवा मिशन, हरिद्वार के सेवा प्रकल्पों में किया जाएगा। इस प्रकार आयोजन को ऐतिहासिक और सांस्कृतिक जागरूकता के साथ-साथ सेवा कार्यों से जोड़ने का भी प्रयास किया गया है।
शिव अवतरण मंडपम में रुद्राभिषेक का आयोजन
महानाट्य के साथ आयोजन स्थल पर धार्मिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं। आयोजकों ने बताया कि शिव अवतरण मंडपम में नवरात्रि के प्रथम दिन से 28 अक्टूबर तक प्रतिदिन रुद्राभिषेक किया जा रहा है। इससे कार्यक्रम में सांस्कृतिक और आध्यात्मिक गतिविधियों का भी समावेश होगा।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में आयोजन समिति के पदाधिकारी रहे मौजूद
प्रेस कॉन्फ्रेंस की अध्यक्षता नोएडा मीडिया क्लब के अध्यक्ष आलोक द्विवेदी ने की। इस अवसर पर जाणता राजा आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉ. राजेश गुप्ता, संयोजक विनय चौधरी, समिति के महामंत्री दीपक शर्मा और दिव्य प्रेम सेवा मिशन के सहसंयोजक राघवेंद्र सिंह सहित दिल्ली-एनसीआर के विभिन्न मीडिया संस्थानों के पत्रकार उपस्थित रहे।
आयोजकों ने दिल्ली-एनसीआर के लोगों, युवाओं और विद्यार्थियों से इस ऐतिहासिक महानाट्य में सहभागिता करने की अपील की। उनका कहना है कि ‘जाणता राजा’ के माध्यम से छत्रपति शिवाजी महाराज के शौर्य, राष्ट्रभक्ति और गौरवशाली विरासत को व्यापक स्तर पर जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
