गौतमबुद्धनगर: आदि कैलाश यात्रा मार्ग पर बनेगा 150 बेड का अस्पताल, विजय कौशल जी महाराज ने सराहा सीमांत सेवा फाउंडेशन का प्रयास!!
दुर्गम सीमावर्ती क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगी मजबूती, श्रद्धालुओं और सुरक्षाकर्मियों को भी होगा लाभ
दो टूक//नोएडा, 13 अक्टूबर 2026। उत्तराखंड के दुर्गम एवं सीमावर्ती पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में सीमांत सेवा फाउंडेशन ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। फाउंडेशन ने पिथौरागढ़ के निकट आदि कैलाश यात्रा मार्ग पर 150 बिस्तरों वाले अस्पताल की स्थापना का प्रस्ताव रखा है। इस अस्पताल के माध्यम से सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले स्थानीय लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ आदि कैलाश की यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं और वहां तैनात सुरक्षाकर्मियों को भी उपचार की सुविधा देने की परिकल्पना की गई है।
इस संबंध में 12 अक्टूबर की देर शाम नोएडा स्थित यथार्थ अस्पताल में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में परम पूज्य श्री विजय कौशल जी महाराज ने शिरकत की और सीमांत सेवा फाउंडेशन की इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की कठिनाइयों को समझना और उनके समाधान के लिए समर्पित भाव से प्रयास करना बेहद आवश्यक है। दूरस्थ सीमावर्ती क्षेत्रों तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने का यह प्रयास जरूरतमंद लोगों की सेवा की दिशा में सराहनीय कदम है।
दुर्गम क्षेत्रों में बेहतर इलाज उपलब्ध कराने की पहल
उत्तराखंड के सीमावर्ती पर्वतीय क्षेत्रों में कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और स्वास्थ्य सुविधाओं की सीमित उपलब्धता के कारण स्थानीय लोगों को समय पर उपचार प्राप्त करने में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। विशेष रूप से गंभीर बीमारी, दुर्घटना या आपातकालीन स्थिति में मरीजों को बेहतर चिकित्सा सहायता के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ सकती है। ऐसे में आदि कैलाश यात्रा मार्ग पर 150 बिस्तरों वाले अस्पताल की स्थापना का प्रस्ताव क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
प्रस्तावित अस्पताल का प्रमुख उद्देश्य स्थानीय निवासियों को उनके आसपास ही आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इसके साथ ही आदि कैलाश की यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं और सीमावर्ती क्षेत्रों में तैनात सुरक्षाकर्मियों को भी जरूरत के समय चिकित्सा सहायता मिल सकेगी। इससे दुर्गम रास्तों और लंबी दूरी के कारण उपचार में होने वाली परेशानियों को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
जांच से लेकर आपातकालीन उपचार तक की सुविधाओं की परिकल्पना
सीमांत सेवा फाउंडेशन की इस परियोजना के तहत आवश्यक चिकित्सकीय जांच, विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श, उपचार सेवाओं और आपातकालीन चिकित्सा सुविधाओं की व्यवस्था करने की योजना प्रस्तावित है। इसका उद्देश्य क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को मजबूत करना और लोगों को उनके निवास स्थान के नजदीक आवश्यक चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में काम करना है।
अस्पताल की स्थापना से स्थानीय समुदायों को लाभ मिलने के साथ-साथ आदि कैलाश यात्रा मार्ग पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी चिकित्सा सहायता की बेहतर व्यवस्था विकसित हो सकती है। सीमावर्ती क्षेत्रों में तैनात सुरक्षाकर्मियों के लिए भी यह सुविधा उपयोगी साबित होने की उम्मीद है।
हालांकि, अस्पताल के निर्माण की समयसीमा, परियोजना की लागत और संचालन से संबंधित विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है। फिलहाल फाउंडेशन की ओर से अस्पताल की स्थापना का प्रस्ताव रखा गया है।
विजय कौशल जी महाराज ने की सेवा भाव की सराहना
कार्यक्रम में परम पूज्य श्री विजय कौशल जी महाराज ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की कठिनाइयों को समझना और उनके समाधान के लिए निष्ठापूर्वक प्रयास करना अत्यंत आवश्यक है। दूरस्थ सीमावर्ती क्षेत्रों तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के लिए सीमांत सेवा फाउंडेशन की ओर से की गई पहल जरूरतमंद लोगों की सेवा की दिशा में एक सराहनीय कदम है।
उन्होंने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में जीवनयापन करने वाले लोगों के कल्याण के प्रति फाउंडेशन की प्रतिबद्धता को प्रशंसनीय बताया। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि समाज के जरूरतमंद वर्गों तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने के लिए सेवा और समर्पण की भावना से किए जाने वाले प्रयासों का विशेष महत्व है।
जरूरतमंदों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना लक्ष्य : डॉ. सिद्धार्थ पाटनी
सीमांत सेवा फाउंडेशन के सचिव डॉ. सिद्धार्थ पाटनी ने कहा कि फाउंडेशन का उद्देश्य दूरस्थ सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करना है। प्रस्तावित अस्पताल के माध्यम से स्थानीय समुदायों, आदि कैलाश आने वाले श्रद्धालुओं और सीमावर्ती क्षेत्रों में तैनात सुरक्षाकर्मियों को चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि भौगोलिक कठिनाइयों के कारण इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को समय पर उपचार प्राप्त करने में अक्सर परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में अस्पताल की स्थापना से स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण मदद मिल सकती है।
दिल्ली आयोजन समिति ने किया कार्यक्रम का आयोजन
इस विशेष कार्यक्रम का आयोजन सीमांत सेवा फाउंडेशन की दिल्ली आयोजन समिति की ओर से किया गया। समिति में गौरव वार्ष्णेय, गीता रानी, विनीत सिंह और डॉ. भुवन पांडेय शामिल रहे। कार्यक्रम का संचालन अनुराग पुनेठा ने किया। इस अवसर पर यथार्थ अस्पताल, नोएडा के निदेशक कपिल त्यागी भी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान प्रस्तावित अस्पताल परियोजना और इससे सीमावर्ती क्षेत्रों में होने वाले संभावित लाभों पर प्रकाश डाला गया। सीमांत सेवा फाउंडेशन की यह पहल दुर्गम पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने, स्थानीय लोगों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने तथा आदि कैलाश यात्रा मार्ग पर बेहतर चिकित्सा सुविधाएं विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास है। अब इस प्रस्ताव को धरातल पर उतारने की आगामी प्रक्रिया अहम होगी।
