बुधवार, 21 अक्टूबर 2026

गौतमबुद्धनगर में मतदेय स्थलों का होगा पुनर्गठन, 1,200 मतदाताओं पर बनेगा मतदान स्थल; 23 अक्टूबर तक मांगे सुझाव!!

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गौतमबुद्धनगर में मतदेय स्थलों का होगा पुनर्गठन, 1,200 मतदाताओं पर बनेगा मतदान स्थल; 23 अक्टूबर तक मांगे सुझाव!!

 !!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!

नोएडा विधानसभा में 27 मतदेय स्थल घटाने का प्रस्ताव, दादरी में 24 नए मतदान केंद्र बढ़ेंगे; 26 अक्टूबर को तैयार होगी अंतिम सूची

दो टूक//गौतमबुद्धनगर, 21 अक्टूबर 2026! आगामी निर्वाचन प्रक्रिया को अधिक सुगम, पारदर्शी और मतदाता-अनुकूल बनाने के उद्देश्य से गौतमबुद्धनगर जिले में मतदान केंद्रों और मतदेय स्थलों के पुनर्गठन की कवायद तेज हो गई है। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के तहत मतदेय स्थलों का निर्धारण 1,200 मतदाताओं के मानक के आधार पर किया जा रहा है। इस संबंध में बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी अजीत कुमार सिंह की अध्यक्षता में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रस्तावित बदलावों, मतदाताओं की सुविधाओं और आपत्तियों एवं सुझावों के निस्तारण को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में अधिकारियों ने बताया कि मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश के निर्देशों के क्रम में जिले के तीनों विधानसभा क्षेत्रों में मौजूदा मतदेय स्थलों का भौतिक सत्यापन कर उनका पुनर्निर्धारण किया जा रहा है। इस प्रक्रिया का प्रमुख उद्देश्य मतदाताओं को मतदान के दौरान होने वाली असुविधाओं से बचाना और मतदान स्थलों तक उनकी पहुंच को आसान बनाना है।

जिले में 2,024 से घटकर 1,925 मतदेय स्थल प्रस्तावित

बैठक में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, गौतमबुद्धनगर की तीनों विधानसभा सीटों पर वर्तमान में कुल 743 मतदान केंद्र और 2,024 मतदेय स्थल हैं। पुनर्गठन के बाद 763 मतदान केंद्र और 1,925 मतदेय स्थल प्रस्तावित किए गए हैं। यानी प्रस्तावित व्यवस्था में मतदान केंद्रों की संख्या 20 बढ़ेगी, जबकि मतदेय स्थलों की संख्या 99 कम होगी।

विधानसभा क्षेत्रवार प्रस्तावित बदलाव इस प्रकार हैं—

नोएडा विधानसभा क्षेत्र (61): वर्तमान में 233 मतदान केंद्र और 811 मतदेय स्थल हैं। पुनर्गठन के बाद 232 मतदान केंद्र और 784 मतदेय स्थल प्रस्तावित हैं। यहां एक मतदान केंद्र और 27 मतदेय स्थल कम करने का प्रस्ताव है।

दादरी विधानसभा क्षेत्र (62): वर्तमान में 303 मतदान केंद्र और 794 मतदेय स्थल हैं। पुनर्गठन के बाद 327 मतदान केंद्र और 746 मतदेय स्थल प्रस्तावित किए गए हैं। इस क्षेत्र में 24 मतदान केंद्र बढ़ाने और 48 मतदेय स्थल कम करने की योजना है।

जेवर विधानसभा क्षेत्र (63): वर्तमान में 207 मतदान केंद्र और 419 मतदेय स्थल हैं। पुनर्गठन के बाद 204 मतदान केंद्र और 395 मतदेय स्थल प्रस्तावित हैं। यहां तीन मतदान केंद्र और 24 मतदेय स्थल कम करने का प्रस्ताव है।

बहुमंजिला सोसायटियों और नई कॉलोनियों पर रहेगा विशेष ध्यान

अपर जिलाधिकारी अजीत कुमार सिंह ने संबंधित निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को निर्देश दिए कि मतदेय स्थलों का पुनर्गठन मतदाता सूची के शत-प्रतिशत भौतिक सत्यापन के बाद ही किया जाए। शहरी क्षेत्रों में बहुमंजिला इमारतों, ग्रुप हाउसिंग सोसायटियों और नई विकसित आवासीय कॉलोनियों में मतदाताओं की संख्या और उनकी सुविधा को ध्यान में रखते हुए आवश्यकतानुसार मतदेय स्थल स्थापित करने पर विशेष जोर दिया गया।

उन्होंने पुराने और जर्जर भवनों में संचालित मतदेय स्थलों को उपयुक्त स्थायी भवनों में स्थानांतरित करने, दिव्यांग एवं अशक्त मतदाताओं के लिए जरूरी सुविधाएं सुनिश्चित करने तथा मतदान स्थलों की दूरी और वहां तक पहुंचने की सुगमता का ध्यान रखने के निर्देश भी दिए। अधिकारियों से कहा गया कि प्रत्येक मतदेय स्थल पर आवश्यक न्यूनतम सुविधाएं उपलब्ध हों, ताकि मतदान के दिन मतदाताओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

23 अक्टूबर तक दर्ज करा सकेंगे आपत्ति और सुझाव

उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से अपील की कि वे प्रस्तावित मतदेय स्थलों के पुनर्गठन से संबंधित अपनी आपत्तियां और सुझाव 23 अक्टूबर 2026 तक संबंधित निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों अथवा जिला निर्वाचन कार्यालय में लिखित रूप से जमा करा दें। प्राप्त आपत्तियों और सुझावों पर नियमानुसार विचार कर उनका निस्तारण किया जाएगा।

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 16 से 18 अक्टूबर तक मतदेय स्थलों का भौतिक सत्यापन एवं पुनर्निर्धारण किया गया। इसके बाद 19 अक्टूबर को आपत्तियों और सुझावों के लिए आलेख्य सूची प्रकाशित कर राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को उपलब्ध कराई गई। अब प्राप्त सुझावों के निस्तारण के बाद 26 अक्टूबर को मतदेय स्थलों की अंतिम सूची तैयार की जाएगी। इसके बाद 27 अक्टूबर 2026 को सभी आवश्यक संलग्नकों सहित प्रस्ताव अनुमोदन के लिए मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय को भेजा जाएगा।

बैठक में विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि रहे मौजूद

बैठक में भारतीय जनता पार्टी से जिला महामंत्री धर्मेंद्र कोरी, बहुजन समाज पार्टी से जिलाध्यक्ष लखमी सिंह एवं विधानसभा प्रभारी ओम प्रकाश सिंह, समाजवादी पार्टी से प्रदेश सचिव गजेंद्र सिंह यादव, कांग्रेस से उपाध्यक्ष नीरज लोहिया, सीपीआई (एम) से सचिव अरुण प्रताप सिंह और सौम्या वत्स उपस्थित रहे।

इसके अलावा डिप्टी कलेक्टर एवं प्रभारी सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी अरुण कुमार, उप जिलाधिकारी दादरी अभिनेंद्र सिंह, उप जिलाधिकारी जेवर दुर्गेश सिंह सहित अन्य संबंधित अधिकारी भी बैठक में शामिल हुए।

अपर जिलाधिकारी अजीत कुमार सिंह ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मतदेय स्थलों के पुनर्गठन की पूरी प्रक्रिया निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार पारदर्शिता और निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप पूरी की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस प्रक्रिया में मतदाताओं की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए, ताकि आगामी मतदान के दौरान किसी भी मतदाता को अनावश्यक परेशानी न हो।