लखनऊ :
तीन करोड़ की ‘नशे की खेप’ पर STF का वार,30 हजार शीशी कोडीन सिरप के साथ अंतर्राज्यीय गिरोह के चार तस्कर गिरफ्तार।।
◆दिल्ली से आती थी खेप, बुंदेलखंड में खपता था नशे का माल; फर्जी GST बिलों की आड़ में चल रहा था कथित काला कारोबार।
दो टूक : बांदा जनपद बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे पर STF ने नशे के कारोबारियों का रास्ता रोक दिया। दिल्ली-हरियाणा-चंडीगढ़ से कोडीन कफ सिरप की बड़ी खेप उठाकर उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के सीमावर्ती जिलों में खपाने वाले कथित अंतर्राज्यीय गिरोह के चार सक्रिय सदस्यों को STF प्रयागराज ने रंगे हाथ दबोच लिया। डीसीएम और टाटा नेक्सॉन में लदी 250 पेटी यानी 30 हजार शीशी कोडीन कफ सिरप बरामद हुई है। बरामद माल की अनुमानित कीमत करीब 3 करोड़ रुपये बताई गई है।
विस्तार :
UP एसटीएफ ने बांदा जनपद में 3 सितंबर 2026 को दोपहर करीब 1:30 बजे बिसंडा-अतर्रा रोड, बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के उत्तरी गोल चौराहे पर बड़ी कार्रवाई करते हुए डीसीएम में कफ सिरप की बड़ी खेप पकड़ लिया और उसके आगे लाल रंग की टाटा नेक्सॉन कार रास्ता साफ कराने के लिए चल रही है। टीम ने दोनों वाहनों को घेरा और तलाशी ली तो अंदर का नजारा देखकर पुलिस भी चौंक गई।
मेडिकल स्टोर के लिए नहीं, नशे के बाजार के लिए थी खेप!
STF की पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर बताया कि कोडीन कफ सिरप को मेडिकल इस्तेमाल के बजाय नशे के कारोबार में खपाया जाता था। गिरोह दिल्ली से माल मंगवाकर अतर्रा, बांदा, चित्रकूट और मध्य प्रदेश के सीमावर्ती जिलों तक सप्लाई करता था।
पूछताछ में सामने आए कथित नेटवर्क के मुताबिक, खेप को महंगे दामों में आगे बेचा जाता और मुनाफा गिरोह के सदस्यों के बीच बांटा जाता था। माल को सुरक्षित गंतव्य तक पहुंचाने वाले चालक को भी 25 हजार रुपये तक का अलग इनाम दिए जाने की बात सामने आई है।
फर्जी बिलों का खेल, असली कारोबार नशे का!
इस पूरे खेल में सबसे गंभीर कड़ी फर्जी GST दस्तावेज सामने आने की है। STF के मुताबिक, गिरोह कथित तौर पर कफ सिरप की सप्लाई के लिए फर्जी GST इनवॉइस तैयार करता था और OM Medical Agency, हमीरपुर के नाम का इस्तेमाल करता था।
STF के अनुसार उक्त फर्म को वाणिज्य कर विभाग द्वारा निष्प्रयोज्य/वोगस घोषित किया गया है। यानी कागजों में मेडिकल सप्लाई का रास्ता, लेकिन आरोप है कि पर्दे के पीछे नशे के बाजार की सप्लाई चेन चल रही थी।
चार गिरफ्तार, नेटवर्क की परतें खुलनी बाकी
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान धीरेन्द्र कुमार, प्रवीण कुमार उर्फ लकी, रोहित पाण्डेय और हापुड़ निवासी शेखर सिंह के रूप में हुई है।
STF की बड़ी बरामदगी।
250 पेटी / 30,000 शीशी ONEREX ब्रांड कोडीन कफ सिरप
अनुमानित कीमत करीब ₹3 करोड़
एक डीसीएम
एक टाटा नेक्सॉन कार
5 मोबाइल फोन
₹53,530 नकद
दिल्ली से बुंदेलखंड तक फैली कड़ी।
पूछताछ में दिल्ली के द्वारका क्षेत्र से सप्लाई हासिल करने और उसे बुंदेलखंड व मध्य प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों में पहुंचाने की बात सामने आई है। STF अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य सप्लायरों, खरीदारों और कथित फर्जी दस्तावेज तैयार करने वालों तक पहुंचने की दिशा में जांच कर रही है।
गिरफ्तार चारों आरोपियों के खिलाफ थाना बिसंडा में मु0अ0सं0 405/2026, धारा 319(2), 318(4), 338, 336(3), 340(2) BNS तथा 8/21/22/29 NDPS Act के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
दो टूक सवाल—
तीन करोड़ की 30 हजार शीशियां अगर मेडिकल सप्लाई थीं, तो फिर इन्हें नशे के कारोबार में क्यों खपाया जा रहा था?
फर्जी GST बिलों की आड़ में यह नेटवर्क कब से चल रहा था?
दिल्ली से बुंदेलखंड और मध्य प्रदेश तक फैली इस सप्लाई चेन में अभी कितने चेहरे बाकी हैं?
STF की इस कार्रवाई ने फिलहाल चार आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है, लेकिन 3 करोड़ की इस खेप के पीछे छिपे पूरे नेटवर्क की असली तस्वीर जांच आगे बढ़ने के साथ ही साफ होगी।
