लखनऊ :
विशेष बच्चों की मुस्कान में दिखी समाजसेवा की सच्ची तस्वीर: डॉ. राजेश्वर।।
दो टूक : लखनऊ : विशेष बच्चों के बीच मंगलवार को समाजसेवा और संवेदनशीलता की खूबसूरत तस्वीर देखने को मिली। सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी शरद प्रधान के साथ जानकीपुरम विस्तार स्थित दृष्टि सामाजिक संस्थान पहुंचे। उन्होंने विशेष देखभाल की जरूरत वाले बच्चों से आत्मीय संवाद किया और फल व चॉकलेट वितरित कर उनके साथ समय बिताया।
विस्तार :
राजधानी लखनऊ के सरोजनीनगर के लोकप्रिय जननायक डॉ.राजेश्वर सिंह ने संस्था की व्यवस्थाओं और बच्चों की जरूरतों की जानकारी लेते हुए ट्रस्ट के माध्यम से ₹20 लाख की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने बच्चों की शिक्षा, मनोरंजन और सामूहिक गतिविधियों के लिए डिजिटल टीवी एवं साउंड सिस्टम उपलब्ध कराने का संकल्प लिया। भविष्य में बच्चों के शैक्षणिक एवं मनोरंजक भ्रमण के लिए जरूरत पड़ने पर बसों की व्यवस्था में भी सहयोग का भरोसा दिलाया।
बच्चों की देखभाल और सेवा में जुटे कर्मचारियों व सहयोगियों के सम्मान में विधायक ने 150 साड़ियां भी प्रदान कीं।
वर्ष 1990 में स्वर्गीय श्रीमती नीता बहादुर द्वारा स्थापित दृष्टि सामाजिक संस्थान पिछले 35 वर्षों से निराश्रित, दिव्यांग, बहु-दिव्यांग एवं विशेष बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा, देखभाल और पुनर्वास के लिए कार्य कर रहा है। वर्तमान में संस्था में 265 बच्चे निवास कर रहे हैं, जिनकी देखभाल के लिए 143 कर्मचारियों की टीम दिन-रात सेवा में जुटी है। कई बच्चों के लिए यह संस्था अब घर और परिवार का रूप ले चुकी है।
डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि सच्ची समाजसेवा को समझने के लिए हर व्यक्ति को एक बार दृष्टि संस्थान आकर इन बच्चों और उनकी सेवा में जुटे लोगों से मिलना चाहिए। उन्होंने संस्थापिका स्व. नीता बहादुर के सेवा-संकल्प को नमन करते हुए अध्यक्ष धीरेश बहादुर, अथर्व बहादुर, शालू बहादुर, मैनेजर रोहित सहित पूरी टीम के समर्पण की सराहना की।
उन्होंने सामाजिक संस्थाओं, ट्रस्टों, समाजसेवियों, सक्षम नागरिकों और कॉरपोरेट सीएसआर संगठनों से दृष्टि सामाजिक संस्थान के साथ जुड़कर सहयोग करने की अपील की। संस्था की वर्तमान और दीर्घकालिक जरूरतों की समेकित सूची तैयार कर संभावित सहयोगी संस्थाओं तक पहुंचाने की दिशा में भी प्रयास किए जाएंगे।
डॉ. सिंह ने कहा कि किसी समाज की वास्तविक प्रगति इस बात से तय होती है कि वह जरूरतमंद बच्चों को कितना सम्मान, सुरक्षा और आगे बढ़ने का अवसर देता है। समाज के हर सक्षम व्यक्ति को ऐसे बच्चों के भविष्य की चिंता करते हुए उनकी मुस्कान का हिस्सा बनना चाहिए।
