शुक्रवार, 11 सितंबर 2026

लखनऊ :बक्तौरीखेड़ा में सड़क बनी तालाब, गड्ढों में गिरकर चोटिल हो रहे बाइक सवार।||Lucknow:The road in Baktaurikheda has turned into a pond, with bike riders falling into potholes and getting injured.||

शेयर करें:
लखनऊ :
बक्तौरीखेड़ा में सड़क बनी तालाब, गड्ढों में गिरकर चोटिल हो रहे बाइक सवार।
●दर्जनों गांवों को जोड़ने वाला संपर्क मार्ग बदहाल।
दो टूक : प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत  तहसील मोहनलालगंज क्षेत्र कमालपुर बिचलिका से बक्तौरीखेड़ा तक बनाया गया संपर्क मार्ग इन दिनों बदहाली की ऐसी तस्वीर पेश कर रहा है कि सड़क और तालाब में फर्क करना मुश्किल हो गया है। बक्तौरीखेड़ा गांव के पास सड़क पर जगह-जगह बड़े और गहरे गड्ढे हो चुके हैं। बारिश का पानी भरने के बाद ये गड्ढे राहगीरों के लिए जानलेवा मुसीबत बन गए हैं।
बारिश के दौरान पानी में डूबे गड्ढों की गहराई का अंदाजा नहीं लग पाने से बाइक सवार आए दिन दुर्घटना का शिकार होकर चोटिल हो रहे हैं। वहीं पैदल राहगीरों को भी पानी और कीचड़ से होकर गुजरना पड़ रहा है। सड़क की बदहाल हालत को लेकर ग्रामीणों में जिम्मेदार विभाग के खिलाफ खासा आक्रोश है।
शिकायतें हुईं, लेकिन नहीं जागे जिम्मेदार
ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क की मरम्मत और जलभराव की समस्या दूर कराने के लिए संबंधित विभागीय अधिकारियों से कई बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन हर बार शिकायत के बावजूद धरातल पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई तो किसी बड़े हादसे के बाद ही जिम्मेदारों की नींद टूटेगी।
बक्तौरीखेड़ा निवासी सतीश कुमार, संतराम, अशोक और रामसुमिरन समेत अन्य ग्रामीणों ने बताया कि यह संपर्क मार्ग निगोहां-नगराम क्षेत्र के कई दर्जन गांवों को आपस में जोड़ता है। रोजाना बड़ी संख्या में ग्रामीण, बाइक सवार और अन्य वाहन इसी मार्ग से होकर गुजरते हैं। सड़क की खराब हालत के चलते लोगों को आवागमन में परेशानी के साथ ही वाहनों की मरम्मत पर अतिरिक्त पैसा खर्च करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने उठाई तत्काल मरम्मत की मांग
ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से सड़क के गड्ढों को तत्काल भरवाने, जलनिकासी की समुचित व्यवस्था कराने और पूरे मार्ग की गुणवत्ता के साथ मरम्मत कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि समय रहते समस्या का समाधान नहीं हुआ तो सड़क पर होने वाला कोई बड़ा हादसा जिम्मेदार विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करेगा।