लखनऊ :
मोहनलालगंज में दो पासपोर्ट बनवाने का मामला दर्ज,कूटरचित दस्तावेज से पहचान बदलने का आरोप।।
दो टूक : राजधानी लखनऊ के कोतवाली मोहनलालगंज मे क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय लखनऊ की शिकायत पर एक व्यक्ति के खिलाफ कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर एक से अधिक पासपोर्ट बनवाने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है। पासपोर्ट कार्यालय ने पुलिस से मामले की गहन जांच कर भारतीय न्याय संहिता और पासपोर्ट अधिनियम के तहत कार्रवाई करने का अनुरोध किया है।
विस्तार :
जानकारी के अनुसार लखनऊ के क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय के सक्षम अधिकारी के द्वारा कोतवाली मोहनलालगंज मे दी गई तहरीर के मुताबिक महफूज अली पुत्र मुनौवर अली निवासी गौरा मोहनलालगंज लखनऊ के नाम से दो पासपोर्ट जारी हुआ है। पहला पासपोर्ट संख्या E1784548 वर्ष 2002 में जारी हुआ था, जबकि दूसरा पासपोर्ट संख्या Y5995346 वर्ष 2023 में जारी कराया गया। शिकायत में आरोप है कि दूसरे पासपोर्ट के लिए पूर्व में जारी पासपोर्ट की जानकारी छिपाने के साथ ही व्यक्तिगत विवरण में बदलाव किया गया।
शिकायत के अनुसार दोनों पासपोर्ट में जन्मतिथि, माता-पिता के नाम और पते में अंतर पाया गया है। पहले पासपोर्ट में जन्मतिथि 2 मई 1980 और पता रायबरेली के थुलेड़ी का दर्ज है, जबकि दूसरे पासपोर्ट में जन्मतिथि 3 अगस्त 1982 तथा पता ग्राम गौरा, तहसील मोहनलालगंज, लखनऊ दर्ज है। दूसरे पासपोर्ट में पत्नी का नाम भी दर्ज किया गया है।
पासपोर्ट कार्यालय ने आशंका जताई है कि आवेदक ने आधार कार्ड, वोटर कार्ड समेत अन्य कूटरचित दस्तावेजों का इस्तेमाल कर व्यक्तिगत विवरण बदलने के बाद दूसरा पासपोर्ट हासिल किया। कार्यालय के मुताबिक संबंधित पासपोर्ट को जब्त/निरस्त करने की प्रक्रिया भी की जा चुकी है।
पासपोर्ट कार्यालय ने आरोपित के खिलाफ पासपोर्ट अधिनियम-1967 की धारा 12(1)(बी) समेत भारतीय न्याय संहिता की प्रासंगिक धाराओं में वैधानिक कार्रवाई करने का अनुरोध किया है।
फर्जीवाड़े मामले में मोहनलालगंज पुलिस ने मिली तहरीर के आधार पर बीते 29 सितम्बर को प्राथमिकी दर्ज कर जांच कर रही है। अब पुलिस दस्तावेजों की जांच के साथ यह भी पता लगा रही है कि अलग-अलग पहचान के आधार पर दूसरा पासपोर्ट बनवाने के पीछे वास्तविक वजह क्या थी।
●तथ्य छुपाकर डबल पासपोर्ट बनवाना अपराध।।
भारत में एक व्यक्ति द्वारा एक से अधिक वैध भारतीय पासपोर्ट रखना सामान्यतः कानूनन प्रतिबंधित है। पहचान, जन्मतिथि या अन्य दस्तावेजों में गलत जानकारी देकर दूसरा पासपोर्ट बनवाने पर पासपोर्ट अधिनियम, 1967 की धारा 12 के तहत कार्रवाई हो सकती है। मामले की परिस्थितियों के अनुसार धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेज से जुड़ी BNS की धाराएं भी लग सकती हैं।
●जाने पासपोर्ट बनवाने के क्या है नियम।
●सामान्य नागरिक एक समय में एक से अधिक वैध भारतीय पासपोर्ट नहीं रख सकता।
●गलत जानकारी या फर्जी दस्तावेज के आधार पर पासपोर्ट हासिल करना दंडनीय है।
●विदेश की नागरिकता लेने पर भारतीय पासपोर्ट संबंधी नियमों का पालन करना अनिवार्य है।
◆FIR के बाद क्या होता है?
मामले की जांच के दौरान संबंधित पासपोर्ट की वैधता पर कार्रवाई की जा सकती है। पुलिस यह भी जांच करती है कि दूसरा पासपोर्ट धोखाधड़ी, गलत पहचान या किसी अन्य आपराधिक उद्देश्य से तो नहीं बनवाया गया।
