गुरुवार, 3 सितंबर 2026

लखनऊ :लखनऊ में LDA जमीन फर्जीवाड़े का बड़ा खुलासा, 4 साल से फरार आरोपी गिरफ्तार ||Lucknow:Major revelation of LDA land fraud in Lucknow; accused absconding for 4 years arrested.||

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लखनऊ :
लखनऊ में LDA जमीन फर्जीवाड़े का बड़ा खुलासा, 4 साल से फरार आरोपी गिरफ्तार ।।
फर्जी दस्तावेजों से 1250 वर्गफीट भूखंड की बिक्री का आरोप, ₹35 लाख में हुआ था सौदा; क्राइम ब्रांच EOW ने दबोचा।।
दो टूक: राजधानी लखनऊ में LDA की संपत्ति के फर्जी दस्तावेज तैयार कर करोड़ों की संपत्तियों में हेराफेरी करने वाले गिरोह के खिलाफ क्राइम ब्रांच की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने बड़ी कार्रवाई की है। LDA के 1250 वर्गफीट भूखंड के फर्जी दस्तावेज तैयार कर उसे अवैध तरीके से बेचने के मामले में करीब चार साल से फरार चल रहे वांछित आरोपी सचिन सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने उसे गोमतीनगर विस्तार स्थित छोटा भरवारा में इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप के पास से गिरफ्तार किया।
विस्तार :
पुलिस के मुताबिक थाना गोमतीनगर में वर्ष 2022 में दर्ज मुकदमा संख्या 805/22 में LDA के भूखंड संख्या 2/81, विराज खंड, गोमतीनगर, क्षेत्रफल 1250 वर्गफीट से जुड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया था। आरोप है कि जालसाजों ने LDA पोर्टल पर संपत्ति से संबंधित कूटरचित दस्तावेज तैयार कर उसे श्रीमती शिवानी रस्तोगी के नाम दर्शाया। इसके बाद इन्हीं फर्जी दस्तावेजों के आधार पर संपत्ति को वैष्णवी सोनी के नाम बेच दिया गया।
पुलिस के अनुसार बाद में वैष्णवी सोनी ने उक्त संपत्ति को ₹35 लाख में रंजना देवी को बेच दिया। बिक्री की रकम बैंक खाते में पहुंची और इस धनराशि में से एक हिस्सा आरोपी सचिन सिंह के खाते में भी पहुंचा, जिससे विवेचना में उसकी कथित संलिप्तता सामने आई।
पुलिस की भनक लगते ही हो गया था फरार।
विवेचना में नाम सामने आने के बाद सचिन सिंह गिरफ्तारी से बचने के लिए फरार हो गया था। पुलिस के मुताबिक वह विभूतिखंड स्थित होटल जेएमडी इन का संचालन करता था और वहीं सह-अभियुक्तों के साथ फर्जी दस्तावेज तैयार करने की योजना बनाए जाने की जानकारी विवेचना में सामने आई थी।
पुलिस कार्रवाई की भनक लगने के बाद आरोपी फरार हो गया और बाद में ललितपुर में डैम का ठेका लेकर मत्स्य पालन का कारोबार करने लगा। क्राइम ब्रांच की लगातार निगरानी और तकनीकी सर्विलांस के जरिए उसकी लोकेशन का पता लगाया गया, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
पांच आरोपी आए थे जांच के घेरे में।
इस मामले की विवेचना में कुल पांच आरोपियों की संलिप्तता सामने आई। इनमें तीन आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर उनके खिलाफ आरोप-पत्र न्यायालय भेजा जा चुका है, जबकि एक आरोपी की मृत्यु हो चुकी है। अब करीब चार साल से फरार चल रहे सचिन सिंह की गिरफ्तारी के साथ इस प्रकरण में वांछित आरोपी के खिलाफ भी कार्रवाई सुनिश्चित की गई है।
फर्जी करेंसी समेत तीन मुकदमे दर्ज।
गिरफ्तार आरोपी सचिन सिंह के खिलाफ लखनऊ के अलग-अलग थानों में तीन मुकदमे दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है। इनमें वर्ष 2015 का फर्जी भारतीय करेंसी से संबंधित मुकदमा भी शामिल है। इसके अलावा गोमतीनगर में LDA संपत्ति फर्जीवाड़े और विभूतिखंड में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज है।
EOW की कार्रवाई से जालसाजों में हड़कंप।
क्राइम ब्रांच की आर्थिक अपराध शाखा की इस कार्रवाई से LDA संपत्तियों में फर्जीवाड़ा करने वाले गिरोहों में हड़कंप मचा है। पुलिस का कहना है कि संपत्तियों के फर्जी और कूटरचित दस्तावेज तैयार कर अवैध बिक्री करने वाले गिरोहों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।
एडीसीपी क्राइम किरन यादव ने कहा कि LDA संपत्ति फर्जीवाड़े के मामले में करीब चार वर्षों से फरार वांछित अभियुक्त की गिरफ्तारी कर ली गई है। प्रकरण में अन्य आरोपियों के विरुद्ध भी कार्रवाई पूर्ण की जा चुकी है और संपत्ति फर्जीवाड़े में शामिल गिरोहों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।