गुरुवार, 3 सितंबर 2026

मध्य प्रदेश: मुरैना में गुर्जर समाज की महापंचायत: दिग्गज नेता एक मंच पर आए, एकजुटता का दिया बड़ा संदेश!!

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मध्य प्रदेश: मुरैना में गुर्जर समाज की महापंचायत: दिग्गज नेता एक मंच पर आए, एकजुटता का दिया बड़ा संदेश!!

 !!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!

हजारों समाजबंधुओं ने लिया 29 अक्टूबर को दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम पहुंचकर गुर्जर स्वाभिमान रैली को ऐतिहासिक बनाने का संकल्प

दो टूक//मुरैना, मध्य प्रदेश | 3 सितंबर 2026

अखिल भारतीय गुर्जर महासभा के बैनर तले मुरैना में आयोजित विशाल क्षेत्रीय बैठक में गुर्जर समाज की सामाजिक एकजुटता और राजनीतिक समन्वय की मजबूत तस्वीर देखने को मिली। अलग-अलग राजनीतिक दलों और विचारधाराओं से जुड़े समाज के कई दिग्गज नेता एक मंच पर नजर आए और उन्होंने समाज के हित, सम्मान, अधिकार एवं भविष्य के मुद्दों पर एकजुट होकर आगे बढ़ने का आह्वान किया।

मुरैना के इंद्रलोक पैलेस सभागार में 29 अक्टूबर 2026 को सरदार वल्लभभाई पटेल जयंती के अवसर पर दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में प्रस्तावित गुर्जर स्वाभिमान रैली की तैयारियों को लेकर विशाल क्षेत्रीय बैठक आयोजित की गई। बैठक का आयोजन राजीव कसाना द्वारा किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ पटिया वाले बाबा के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता अखिल भारतीय गुर्जर महासभा के मध्य प्रदेश अध्यक्ष देवेंद्र पटेल ने की, जबकि संचालन रामकुमार गुर्जर ने किया।

एक मंच पर दिखी राजनीतिक एकजुटता

बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में अखिल भारतीय गुर्जर महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष हरिश्चंद्र भाटी मौजूद रहे। उनके साथ राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सविंदर भाटी, के.पी. सिंह कसाना, जयप्रकाश विकल, रामकेश चपराना, वीरेंद्र बिधूड़ी, जगवीर दौला, गौतमबुद्ध नगर जिलाध्यक्ष अशोक भाटी, प्रेम कृष्ण आर्य, अरुण भाटी और देवेंद्र गुर्जर सहित महासभा के अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी एवं समाज के प्रमुख लोग उपस्थित रहे।

विशेष रूप से विधायक दिनेश गुर्जर, विधायक साहब सिंह गुर्जर, पूर्व विधायक रघुराज कसाना, पूर्व विधायक राकेश मावी और पूर्व विधायक रामबरन गुर्जर सहित विभिन्न राजनीतिक दलों एवं विचारधाराओं से जुड़े जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी ने बैठक को खास बना दिया। बड़ी संख्या में समाज के सामाजिक कार्यकर्ता, पदाधिकारी, युवा और क्षेत्रीय प्रतिनिधि भी कार्यक्रम में शामिल हुए।

‘राजनीति अलग हो सकती है, समाज का हित सर्वोपरि’

बैठक को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि राजनीतिक दल और विचारधाराएं अलग-अलग हो सकती हैं, लेकिन समाज के सम्मान, अधिकार, शिक्षा, रोजगार और राजनीतिक भागीदारी जैसे विषयों पर सभी को एकजुट होकर आवाज उठानी होगी। वक्ताओं ने कहा कि समाज की मजबूत एकता ही आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर अवसर और शासन-व्यवस्था में उचित भागीदारी का रास्ता तैयार कर सकती है।

वक्ताओं ने शिक्षा और रोजगार को समाज की प्राथमिकता बताते हुए कहा कि युवाओं को उच्च शिक्षा, प्रशासनिक सेवाओं, व्यवसाय, तकनीकी शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए सामूहिक प्रयास किए जाने की आवश्यकता है। इसके साथ ही महिला सशक्तिकरण और समाज में सामाजिक जागरूकता बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।

‘गुर्जर का जाया, गुर्जर का विरोध नहीं करेगा’ का लिया संकल्प

बैठक में मौजूद विशाल जनसमूह ने पटिया वाले बाबा को साक्षी मानकर सामाजिक एकता का संकल्प लिया। लोगों ने सामूहिक रूप से कहा—

“आज से गुर्जर का जाया, गुर्जर का विरोध नहीं करेगा।”

इस संकल्प के माध्यम से समाज में आपसी मतभेदों को पीछे छोड़कर भाईचारे, एकता और सामाजिक स्वाभिमान को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का संदेश दिया गया। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि समाज की ताकत तभी बढ़ेगी, जब आपसी मनमुटाव और व्यक्तिगत मतभेदों से ऊपर उठकर सामूहिक हितों के लिए काम किया जाएगा।

29 अक्टूबर की रैली को ऐतिहासिक बनाने का आह्वान

बैठक का मुख्य केंद्र 29 अक्टूबर को दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में प्रस्तावित गुर्जर स्वाभिमान रैली रही। हजारों की संख्या में मौजूद समाजबंधुओं ने रैली में पहुंचने और उसे ऐतिहासिक रूप से सफल बनाने का सामूहिक संकल्प लिया।

वक्ताओं ने समाज के लोगों से आह्वान किया कि वे गांव-गांव और क्षेत्र-क्षेत्र जाकर समाज के लोगों को रैली से जोड़ें तथा अधिक से अधिक संख्या में दिल्ली पहुंचकर अपनी एकजुटता और सामाजिक शक्ति का प्रदर्शन करें।

बैठक में प्रदीप गुर्जर, सरनाम सिंह गुर्जर, मोहन सिंह कसाना, एस.के. सिंह, राजेंद्र गुर्जर सहित बड़ी संख्या में समाज के प्रतिनिधि, पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और क्षेत्रवासी मौजूद रहे।

मुरैना की यह बैठक केवल रैली की तैयारियों तक सीमित नहीं रही, बल्कि अलग-अलग राजनीतिक पृष्ठभूमि के नेताओं का एक मंच पर आना और हजारों लोगों का एकजुटता का संकल्प लेना गुर्जर समाज में बदलती सामाजिक और राजनीतिक सोच का बड़ा संदेश माना जा रहा है।।