गुरुवार, 3 सितंबर 2026

मऊ :पीएम स्वनिधि योजना की धीमी रफ्तार पर डी एम ने लगाई फटकार।।||Mau:The DM reprimanded the government for the slow pace of the PM Swanidhi Yojana.||

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मऊ :
पीएम स्वनिधि योजना की धीमी रफ्तार पर डी एम ने लगाई फटकार।।
●दो अधिशासी अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस और वेतन रोकने के निर्देश।
दो टूक : मऊ जिला नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) के शासी निकाय की बैठक जिलाधिकारी आनंद वर्धन की अध्यक्षता में गुरुवार देर शाम कैंप कार्यालय स्थित सभागार में हुई। बैठक में पीएम स्वनिधि योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी समेत डूडा से संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। पीएम स्वनिधि योजना में ऋण स्वीकृति की धीमी गति पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताते हुए लीड बैंक मैनेजर को फटकार लगाई और तत्काल सुधार के निर्देश दिए।
समीक्षा में सामने आया कि जनपद के सभी बैंकों में ऋण आवेदनों की स्वीकृति औसतन प्रतिदिन महज 10 हो रही है। इस पर डीएम ने कहा कि बैंकिंग स्तर पर लापरवाही के कारण पात्र लाभार्थियों को समय से योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस माह बैंकिंग व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो लीड बैंक यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
डीएम ने सबसे कम ऋण वितरण करने वाले बैंकों को चिन्हित कर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश अपर जिलाधिकारी को दिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आवश्यकता पड़ने पर लापरवाही बरतने वाले बैंक की जनपद में क्रियाशीलता बंद कराने की कार्रवाई तक की जा सकती है।
हजारों आवेदन अब भी लंबित
समीक्षा के दौरान पाया गया कि यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में 289 और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में 221 आवेदन ऋण स्वीकृति के लिए लंबित हैं। वहीं बड़ौदा यूपी बैंक में 196 तथा बैंक ऑफ बड़ौदा में 107 आवेदन प्रक्रियाएं पूर्ण होने के बावजूद लंबित पाए गए।
निकायवार समीक्षा में नगर पालिका परिषद मऊनाथ भंजन में 2,881 तथा कोपागंज में 636 आवेदन लक्ष्य के सापेक्ष लंबित पाए गए।
पीएम स्वनिधि योजना के तहत निकायों के लिए कुल 19,275 आवेदनों का लक्ष्य निर्धारित है, जिसके सापेक्ष अब तक 14,645 आवेदनों की ऋण स्वीकृति हो चुकी है। अभी भी 4,630 आवेदन लंबित हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि अन्य जनपदों में मऊ की तुलना में तीन से चार गुना अधिक ऋण आवेदनों की स्वीकृति प्रतिमाह हो रही है। ऐसे में मऊ में अपेक्षित प्रगति न होना गंभीर विषय है।
लाभार्थियों को बैंक तक पहुंचाने के निर्देश
जिलाधिकारी ने सभी अधिशासी अधिकारियों को अधिक से अधिक नए आवेदन कराने, पुराने लंबित आवेदनों की स्वीकृति के लिए लाभार्थियों को बैंक तक पहुंचाने तथा बैंक अधिकारियों के साथ नियमित समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए। वहीं सबसे कम नए आवेदन और ऋण स्वीकृति कराने वाले दो अधिशासी अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने तथा वेतन रोकने के निर्देश दिए।
डीपीआर से पहले स्थल जांच अनिवार्य
बैठक में परियोजना निदेशक डूडा ने बताया कि 233 प्रस्तावों का डीपीआर तैयार कर प्रेषित किया जाना है। स्थलीय जांच के बाद 176 प्रस्ताव डूडा के माध्यम से कराए जाने हैं, जबकि अन्य प्रस्ताव नगर पालिका परिषद मऊ अथवा नगर पंचायतों की कार्ययोजना में पहले से शामिल हैं।
डीएम ने सभी प्रस्तावित कार्यों का अनिवार्य रूप से स्थल निरीक्षण कराने के निर्देश दिए। विवादित स्थलों की विशेष रूप से गहन जांच करने और आसपास के लोगों से भी जानकारी लेने को कहा। उन्होंने भूमि विवाद की स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होने के बाद ही डीपीआर तैयार करने के निर्देश दिए, ताकि भविष्य में निर्माण कार्यों के दौरान विवाद या अन्य समस्या उत्पन्न न हो।
आवास योजना में पात्रता सत्यापन पर जोर
प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने निकाय स्तर पर लंबित आवेदनों का तत्काल निस्तारण कराने, जियो टैगिंग शत-प्रतिशत पूर्ण कराने और पात्र लाभार्थियों का सही ढंग से सत्यापन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी अपात्र व्यक्ति को योजना का लाभ नहीं मिलना चाहिए। इसके लिए स्थलीय सत्यापन पूरी गंभीरता से कराया जाए।
डीएम ने नगर पंचायतों में एसटीपी के लिए भूमि उपलब्ध न होने के मामलों में संबंधित उप जिलाधिकारियों से समन्वय कर भूमि चिन्हित करने की कार्रवाई शीघ्र पूरी कराने के निर्देश भी दिए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी विवेक कुमार, अपर जिलाधिकारी प्रवेंद्र कुमार, नगर पालिका परिषद एवं नगर पंचायतों के अधिशासी अधिकारी, संबंधित अधिकारी तथा लीड बैंक मैनेजर मौजूद रहे।