शनिवार, 26 सितंबर 2026

गौतमबुद्धनगर: कचरे से कमाई और रोजगार की राह खोलेगा यूपी, वैज्ञानिक अपशिष्ट प्रबंधन पर जोर: ए.के. शर्मा

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गौतमबुद्धनगर: कचरे से कमाई और रोजगार की राह खोलेगा यूपी, वैज्ञानिक अपशिष्ट प्रबंधन पर जोर: ए.के. शर्मा

 !!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!

सीबीजी, वेस्ट-टू-एनर्जी, बायोफ्यूल और रिसाइक्लिंग से कचरे का होगा बेहतर उपयोग, स्वच्छता के साथ पर्यावरण संरक्षण पर भी जोर

दो टूक//ग्रेटर नोएडा, 26 सितंबर 2026। उत्तर प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने कहा कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केवल शहरों की सफाई तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि इसका सीधा संबंध पर्यावरण, स्वास्थ्य, अर्थव्यवस्था और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से है। वैज्ञानिक और आधुनिक तकनीक के जरिए कचरे का बेहतर प्रबंधन कर शहरों को स्वच्छ, सुंदर और स्वस्थ बनाने के साथ ही इसे रोजगार और उद्योग के नए अवसरों में बदला जा सकता है।

ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो मार्ट में चल रहे उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 में नगर विकास विभाग की ओर से ठोस अपशिष्ट प्रबंधन विषय पर आयोजित सेमिनार में पहुंचे मंत्री ए.के. शर्मा ने कहा कि नगरीय क्षेत्रों से प्रतिदिन बड़ी मात्रा में ठोस अपशिष्ट निकलता है। यदि इसका व्यवस्थित और वैज्ञानिक तरीके से प्रबंधन किया जाए तो यही कचरा एक बड़े आर्थिक अवसर में बदल सकता है।

उन्होंने कहा कि सीबीजी, वेस्ट-टू-एनर्जी, बायोफ्यूल, रिसाइक्लिंग और री-प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों में कचरे का उपयोग कर नए उद्योग स्थापित किए जा सकते हैं। इससे रोजगार के अवसर बढ़ने के साथ शहरों की क्वालिटी ऑफ लाइफ में भी सुधार होगा। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में वेस्ट मैनेजमेंट एक महत्वपूर्ण बिजनेस सेक्टर के रूप में उभर सकता है।

स्वच्छता को जनआंदोलन से वैज्ञानिक व्यवस्था तक ले जाने की जरूरत

मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में स्वच्छ भारत अभियान ने देश में स्वच्छता को जनआंदोलन का स्वरूप दिया है। अब आवश्यकता इस बात की है कि इस जनआंदोलन को आधुनिक तकनीक, वैज्ञानिक व्यवस्था और प्रभावी जनभागीदारी के साथ स्थायी बनाया जाए।

उन्होंने लखनऊ के शिवरी स्थित सॉलिड वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट और प्रेरणास्थल का उल्लेख करते हुए कहा कि ठोस अपशिष्ट के वैज्ञानिक प्रबंधन की दिशा में ऐसे प्रयास महत्वपूर्ण हैं। नगरीय निकायों में कचरे के संग्रहण से लेकर उसके प्रोसेसिंग और उपयोग तक पूरी व्यवस्था को बेहतर बनाने पर लगातार काम किया जा रहा है।

कचरे के सही निस्तारण से प्रदूषण पर लगेगी लगाम

ए.के. शर्मा ने कहा कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन का सीधा असर पर्यावरण और वायु गुणवत्ता पर पड़ता है। कचरे का उचित निस्तारण और प्रोसेसिंग होने से खुले में कूड़ा जलाने जैसी गतिविधियों में कमी आती है, जिससे प्रदूषण को नियंत्रित करने में मदद मिलती है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश स्वच्छ, सुंदर और प्रदूषण मुक्त शहरों की दिशा में आगे बढ़ रहा है। स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में प्रदेश के कई शहरों का उल्लेखनीय प्रदर्शन इसी दिशा में किए जा रहे प्रयासों को दर्शाता है।

मंत्री ने इस उपलब्धि के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन के साथ ही अधिकारियों, कर्मचारियों और सफाई मित्रों के प्रयासों को महत्वपूर्ण बताया।

ट्रेड शो से आधुनिक तकनीक और नगरीय निकायों के बीच बढ़ेगा समन्वय

कार्यक्रम के प्रारंभ में नगर विकास विभाग के सचिव/निदेशक अनुज कुमार झा ने मंत्री ए.के. शर्मा का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इंटरनेशनल ट्रेड शो जैसे मंचों के माध्यम से उत्तर प्रदेश में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक प्रणालियों से जोड़ने के अवसर मिल रहे हैं। इससे नगरीय निकायों को और अधिक प्रभावी एवं स्वच्छ बनाने में मदद मिलेगी।

सेमिनार में विशेष अतिथि वी.के. चौरसिया सहित देश-विदेश से आए प्रतिनिधि, विशेषज्ञ, नगर विकास विभाग के अधिकारी और अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।।