रविवार, 6 सितंबर 2026

दिल्ली: जन्माष्टमी पर सजी ‘कृष्ण की थाली’, प्रेम-सेवा और एकजुटता के संदेश से गूंजा मॉडर्न पब्लिक स्कूल!!

शेयर करें:

दिल्ली: जन्माष्टमी पर सजी ‘कृष्ण की थाली’, प्रेम-सेवा और एकजुटता के संदेश से गूंजा मॉडर्न पब्लिक स्कूल!!

 !!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!

सामुदायिक भोज में विद्यालय परिवार के साथ क्षेत्र के लोगों ने भी लिया हिस्सा, विधायक अनीता जैन समेत गणमान्य अतिथियों ने की शिरकत

दो टूक//नई दिल्ली। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव जन्माष्टमी के पावन पर्व पर मॉडर्न पब्लिक स्कूल, शालीमार बाग में भक्ति, उल्लास और सामाजिक सरोकार का अनूठा संगम देखने को मिला। विद्यालय परिसर में विशेष सामुदायिक भोज ‘कृष्ण की थाली’ का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिवार के सदस्यों के साथ-साथ व्यापक समुदाय के लोगों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया और आपसी प्रेम, सद्भाव एवं भाईचारे के साथ जन्माष्टमी का पर्व मनाया।

विद्यालय के मैदान में आयोजित ‘कृष्ण की थाली’ कार्यक्रम ने जन्माष्टमी की मूल भावना को साकार किया। भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव प्रेम, करुणा, सेवा, प्रसन्नता और सामाजिक एकजुटता का संदेश देता है। इसी भावना को आगे बढ़ाते हुए विद्यालय की ओर से आयोजित सामुदायिक भोज ने लोगों को एक साथ बैठकर पर्व की खुशियां साझा करने का अवसर प्रदान किया।

कार्यक्रम में श्रीमती अनीता जैन, विधायक, सहित अन्य गणमान्य अतिथियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। अतिथियों ने समुदाय के लोगों के साथ मिलकर जन्माष्टमी के उत्सव में भाग लिया और ‘कृष्ण की थाली’ की पहल की सराहना की। उनकी मौजूदगी ने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ाया तथा मिल-जुलकर त्योहार मनाने और सामाजिक एकता को मजबूत करने का संदेश दिया।

भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जुड़ने का संदेश

‘कृष्ण की थाली’ का उद्देश्य केवल सामुदायिक भोज का आयोजन करना नहीं था, बल्कि इसके माध्यम से विद्यार्थियों और समाज के लोगों को भारत की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं तथा त्योहारों के सामाजिक महत्व से परिचित कराना भी था।

आयोजन के दौरान साझा भोजन के माध्यम से लोगों के बीच अपनत्व और भाईचारे की भावना मजबूत हुई। विद्यालय की इस पहल ने यह संदेश दिया कि धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्वों को सामाजिक जिम्मेदारी, सेवा और संवेदनशीलता से जोड़कर उन्हें और अधिक सार्थक बनाया जा सकता है।

मॉडर्न पब्लिक स्कूल, शालीमार बाग की प्रधानाचार्या डॉ. अलका कपूर ने कहा कि त्योहार केवल उत्सव मनाने के अवसर नहीं होते, बल्कि वे बच्चों में मानवीय मूल्यों और सामाजिक संवेदनशीलता को विकसित करने का माध्यम भी हैं।

उन्होंने कहा कि ‘कृष्ण की थाली’ के माध्यम से विद्यालय का उद्देश्य लोगों को साझा करने, दयालुता और एकजुटता की भावना से जोड़ना था। उन्होंने कहा कि किसी पर्व के दौरान दूसरों के साथ खुशियां बांटना और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को समझना विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

प्रधानाचार्या ने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को देश की संस्कृति और उसकी मूल भावना को करीब से समझने का अवसर देते हैं। साथ ही, उन्हें यह सीख भी मिलती है कि समाज में रहते हुए एक-दूसरे के सुख-दुख में सहभागी बनना और जरूरतमंदों के साथ खुशियां साझा करना हमारी जिम्मेदारी है।

उत्सव के साथ सामाजिक सरोकार की मिसाल

मॉडर्न पब्लिक स्कूल, शालीमार बाग में आयोजित ‘कृष्ण की थाली’ ने जन्माष्टमी के पर्व को सामाजिक सरोकार और सामुदायिक एकजुटता से जोड़ने का काम किया। कार्यक्रम के माध्यम से प्रेम, सेवा, करुणा और भाईचारे का संदेश लोगों तक पहुंचाया गया।

विद्यालय की यह पहल इस बात की मिसाल बनी कि जब सांस्कृतिक उत्सवों को मानवीय मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़ा जाता है तो उनका प्रभाव और भी व्यापक हो जाता है। जन्माष्टमी के अवसर पर आयोजित यह सामुदायिक भोज लोगों के बीच खुशियां बांटने के साथ-साथ ‘मिल-जुलकर आगे बढ़ने’ की भावना को भी मजबूत करता नजर आया।।