गौतमबुद्धनगर: नोएडा के चार ब्रह्माकुमारी केंद्रों में गूंजा श्रीकृष्ण का संदेश, जन्माष्टमी पर आत्मिक जागरण और पवित्रता का दिया संदेश!!
सेक्टर-46, 51, 56 और 15 में श्रद्धा व उल्लास के साथ मनाया गया जन्माष्टमी पर्व, बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन
दो टूक//नोएडा, 04 सितंबर 2026। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन पर्व पर नोएडा के सेक्टर-46, 51, 56 और 15 स्थित ब्रह्माकुमारी विश्व विद्यालय के राजयोग केंद्रों में आध्यात्मिक वातावरण के बीच जन्माष्टमी महोत्सव हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनाया गया। चारों केंद्रों पर अलग-अलग समय में आयोजित कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता की। भक्ति, ज्ञान, योग और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर नजर आया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ब्रह्माकुमारी राजयोगिनी लीना दीदी ने जन्माष्टमी के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह पर्व केवल भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का उत्सव नहीं, बल्कि आत्मिक पुनर्जागरण और जीवन में पवित्रता स्थापित करने का संदेश भी देता है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक आत्मा अपने भीतर छिपे दिव्य गुणों को जागृत कर सकती है, लेकिन इसके लिए दृढ़ संकल्प, नियमित साधना और परमात्मा के प्रति सच्चे प्रेम की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण का जीवन पवित्रता, दिव्यता, प्रेम और श्रेष्ठ संस्कारों का प्रतीक है। जन्माष्टमी हमें यह विश्वास दिलाती है कि यदि मनुष्य ज्ञान और योग के मार्ग पर आगे बढ़े तथा अपने जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का संकल्प ले, तो वह अपने वास्तविक और दिव्य स्वरूप को पहचान सकता है।
लीना दीदी ने कहा कि सतयुगी और पवित्र दुनिया की स्थापना कोई कल्पना मात्र नहीं, बल्कि आत्मिक परिवर्तन और श्रेष्ठ पुरुषार्थ के माध्यम से संभव है। उन्होंने श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि वे बाहरी उत्सव के साथ-साथ अपने भीतर भी ज्ञान, योग, शांति, पवित्रता और सद्भाव के दीप जलाएं।
बच्चों की प्रस्तुतियों ने बांधा समां
जन्माष्टमी समारोह में नन्हे-मुन्ने बच्चों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रम विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। बच्चों ने श्रीकृष्ण और राधा के स्वरूप में मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। सुंदर नृत्य, भक्तिमय गीत और सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने उपस्थित श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। बच्चों की प्रस्तुतियों पर कार्यक्रम स्थल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
श्रद्धालुओं ने बच्चों की प्रतिभा और उत्साह की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम के दौरान भक्ति और आध्यात्मिकता के साथ बच्चों की मासूम प्रस्तुतियों ने पूरे वातावरण को आनंद और उमंग से भर दिया।
सात्विक प्रसाद के साथ हुआ कार्यक्रम का समापन
चारों ब्रह्माकुमारी राजयोग केंद्रों में दिनभर चले आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बाद श्रद्धालुओं को सात्विक प्रसाद वितरित किया गया। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने आध्यात्मिक संदेश को जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।
ब्रह्माकुमारी केंद्रों में आयोजित जन्माष्टमी समारोह ने श्रद्धालुओं को यह संदेश दिया कि पर्वों का वास्तविक उद्देश्य केवल उत्सव मनाना नहीं, बल्कि उनके आध्यात्मिक संदेश को अपने जीवन में उतारना भी है। कार्यक्रम के माध्यम से ज्ञान, राजयोग, सेवा, पवित्रता और श्रेष्ठ संस्कारों के साथ जीवन को नई दिशा देने की प्रेरणा दी गई।
