गौतमबुद्धनगर: कान्हा के रंग में रंगा सेक्टर-70: दिव्यांग बच्चों ने कृष्ण-राधा बनकर मनाई जन्माष्टमी, मासूम प्रस्तुतियों ने जीता सबका दिल!!
फर्स्टवन रिहैब फाउंडेशन में भक्तिमय माहौल के बीच बच्चों ने दी मनमोहक प्रस्तुतियां, परिजनों और स्टाफ ने बढ़ाया उत्साह
दो टूक//नोएडा। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन पर्व पर सेक्टर-70 स्थित फर्स्टवन रिहैब फाउंडेशन में शुक्रवार को आस्था, उमंग और खुशियों से भरा विशेष आयोजन किया गया। इस दौरान दिव्यांग बच्चों ने अपने परिजनों और फाउंडेशन के स्टाफ के साथ मिलकर भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया। कार्यक्रम में नन्हे-मुन्ने बच्चे कृष्ण और राधा की मनमोहक वेशभूषा में नजर आए तो पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।
कार्यक्रम की शुरुआत भगवान श्रीकृष्ण की विधिवत पूजा-अर्चना के साथ हुई। इसके बाद बच्चों ने कृष्ण और राधा के रूप में आकर्षक प्रस्तुतियां देकर सभी का मन मोह लिया। बच्चों की मासूमियत, उत्साह और आत्मविश्वास ने कार्यक्रम में मौजूद परिजनों एवं अतिथियों को भावुक कर दिया। भजन-कीर्तन के बीच ढोल-नगाड़ों की थाप पर बच्चों ने जमकर नृत्य किया और जन्माष्टमी की खुशियों को यादगार बना दिया।
बच्चों के लिए विशेष प्रस्तुति एडमिन हेड कृष्णा यादव, स्पेशल एजुकेटर इलिका रावत और फिजियोथेरेपिस्ट अभिनव प्रताप सिंह द्वारा तैयार की गई थी। बच्चों को मंच पर प्रस्तुति देते देखकर उनके परिजनों के चेहरे पर भी खुशी साफ दिखाई दी। कार्यक्रम के दौरान बच्चों का उत्साह बढ़ाने के लिए फाउंडेशन के सदस्यों और स्वयंसेवकों ने भी उनका भरपूर सहयोग किया।
आयोजन को सफल बनाने में स्वयंसेवक राजवी सिंह, कृति यादव, आरवी, सक्षम और भाविका का विशेष योगदान रहा। सभी ने बच्चों की तैयारियों से लेकर कार्यक्रम के संचालन तक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
त्योहारों के माध्यम से बच्चों में बढ़ता है आत्मविश्वास : डॉ. महिपाल सिंह
फाउंडेशन के निदेशक, फिजियोथेरेपिस्ट एवं एर्गोनोमिस्ट डॉ. महिपाल सिंह ने कहा कि फर्स्टवन रिहैब फाउंडेशन का उद्देश्य दिव्यांग बच्चों को केवल उपचार और पुनर्वास तक सीमित रखना नहीं, बल्कि उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना भी है। उन्होंने कहा कि जन्माष्टमी जैसे सांस्कृतिक एवं धार्मिक आयोजनों में बच्चों की भागीदारी से उनमें खुशी, आत्मविश्वास और सामाजिक जुड़ाव की भावना मजबूत होती है।
उन्होंने कहा कि जब बच्चे स्वयं किसी पर्व का हिस्सा बनते हैं और अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हैं तो उनके व्यक्तित्व में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलता है। ऐसे आयोजन बच्चों और उनके परिवारों के लिए भी खुशी के विशेष अवसर बनते हैं।
संस्कृति से जुड़ने के साथ सामाजिक सहभागिता का संदेश
फाउंडेशन की सेंटर मैनेजर सुरभि जैन ने कहा कि इस तरह के आयोजन बच्चों को भारतीय संस्कृति और त्योहारों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों को सामाजिक गतिविधियों में शामिल करने से उनमें सहभागिता की भावना विकसित होती है और वे स्वयं को समाज की मुख्यधारा का महत्वपूर्ण हिस्सा महसूस करते हैं।
कार्यक्रम में फर्स्टवन रिहैब फाउंडेशन की प्रबंध निदेशक डॉ. दीक्षा श्रीवास्तव, मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. सुष्मिता भाटी और सौम्या सोनी, डिजिटल मीडिया एंड कम्युनिकेशन मैनेजर सहित फाउंडेशन के अन्य सदस्य मौजूद रहे।
जन्माष्टमी समारोह के दौरान बच्चों की प्रस्तुतियों ने पूरे माहौल को भावनाओं और भक्ति से भर दिया। कृष्ण-राधा के रूप में सजे नन्हे बच्चों की मुस्कान और उत्साह ने यह संदेश दिया कि अवसर और प्रोत्साहन मिलने पर हर बच्चा अपनी प्रतिभा और खुशियों को पूरे आत्मविश्वास के साथ दुनिया के सामने रख सकता है।
